history of android operating system, Android Operating System क्या है History And Future

Android Operating System क्या है. History And Future.Android, स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाला एक ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसे Linux operating system में बदलाव करके बनाया गया है।

एंड्रॉयड को OHA (open handset alliance) द्वारा बनाया गया है और विकसित किया गया है।Oha कई समूह से मिली हुई एक कंपनी थी जो मोबाईल के विकास कार्य करती थी।

2005 में google ने इसे खरीद लिया और अभी तक उसे चला रहा है।आप इस आर्टिकल में android Hindi Mein की पूरी जानकारी मिलेगी।

Contents hide
2 Android Operating System को किसने बनाया।Android inc. History In Hindi.

Android Operating System  क्या होता है?

Android Operating System क्या है. History And Future.किसी भी डिजिटल डिवाइस में सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के बीच तालमेल बनाने का काम करने वाला सॉफ्टवेयर ऑपरेटिंग सिस्टम कहलाता है।

जैसे की मोबाईल फोन में यदि आप कोई application सॉफ्टवेयर या गेम चलाना चाहते हैं तो पहले आपको चुनना पड़ता है की वो app या गेम एंड्रॉयड का होना चाहिए यानी apk फॉर्मैट में होना चाहिए।

इसका मतलब ये है की जो ऑपरेटिंग सिस्टम आपके फोन में है वो एंड्रॉयड का है और आप उस फोन में सिर्फ एंड्रॉयड के लिए ही बने हुए app चला पाएंगे।

Android Operating System को किसने बनाया।Android inc. History In Hindi.

Android Operating System क्या है.सन् 2003 में अमेरिका के रहने वाले Andrew E.Rubin ने पहली बार android inc.को बनाया था जो की पेशे से एक कंप्युटर इंजीनियर थे।एंड्रॉयड को बनाने में रूबिन के कुछ अन्य दोस्तों ने भी उनका साथ दिया था।

रूबिन ने इसे बनाने के पीछे एक बड़ा कारण बताया की इसे इसके जरिए मोबाईल फोन के owners के location और preference को और अच्छी तरह से निश्चित किया जा सकेगा।

शुरू में इन लोगों का मुख्य मकसद था की इसे डिजिटल कैमरा में इस्तेमाल किया जाएगा,लेकिन फिर बाद में उन्हे लगा की नहीं इसे मोबाईल हैन्ड्सेट में भी इस्तेमाल किया सकता है।

इसके लिए शुरू में उनके पास पैसों की कमी थी और इसे बड़े स्तर पर उतारने के लिए फन्डिंग की जरूरत थी।

उसके बाद 2005 में गूगल ने Android inc. को खरीद लिया और साथ ही इसके जो मुख्य कर्मचारी थे उन लोगों को भी काम पर रख रख लिया।

गूगल के हाथ में आने के बाद रूबिन को टीम का हेड बनाया गया जिन्होंने 2013 में गूगल का साथ छोड़ दिया और उनकी जगह सुंदर पिचाई आए।

इसके बाद गूगल ने मोबाईल बाजार में घुसने की कोशिश की और 2007 में उसने कीपैड मोबाईल में एंड्रॉयड का इस्तेमाल किया.

उसके बाद टचस्क्रीन आइफोन के आने से गूगल ने भी एंड्रॉयड को टच स्क्रीन मोबाईल में लॉन्च करने की सोची और 2008 में पहली बार इसे टच स्क्रीन मोबाईल फोन में इस्तेमाल किया गया।

इसके बाद से इसके कितने वर्ज़न निकले ये तो आप देख ही रहें है।

एंड्रॉयड Version क्या है?

Android Operating System क्या है. History And Future.आपने एंड्रॉयड का इतिहास तो देख लिया लेकिन ऐसा नहीं होता की एक बार जो एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम बन गया बस वही चलता रहेगा।

उसमे समय-समय पर बदलाव किया जाता है।ये बदलाव एंड्रॉयड को और विकसित करने,उसकी कमियों को दूर करने तथा आपके लिए उसका इस्तेमाल और सुगम बनाने के लिया किया जाता है।

हर बार जब एक नया बदलाव करके उसे बाजार में लाया जाता है तो उसे नया वर्ज़न का नाम दिया जाता है।

Android BETA वर्ज़न क्या है?

Android Operating System क्या है.जब भी किसी ऑपरेटिंग सिस्टम या सॉफ्टवेयर को बनाकर तैयार कर लिया जाता है तो उसे टेस्टिंग के लिए कुछ गिने चुने लोगों को इस्तेमाल करने के लिया दिया जाता है.

ताकि वो इसकी कमियाँ बता सकें और उसे सुधारा जा सके।इसी तरह से एंड्रॉयड में भी होता है  और पहली बार एंड्रॉयड का beta वर्ज़न 2007 में निकाला गया था ताकि इसकी कमियों और उपयोगिता को समझ जा सके।

Android Version का इतिहास.

Android Operating System क्या है.शुरू से लेकर अभी तक एंड्रॉयड के कई सारे वर्ज़न निकल चुके हैं जिसमें से कई सारे आपने इस्तेमाल भी किया होगा।

नीचे 2007 से लेकर अभी तक जीतने भी एंड्रॉयड के वर्ज़न निकले हैं उन सभी का नाम दिया गया है। इसके आगे उनका डीटेल भी दिया जाएगा।

  • Android 0
  • Android 1
  • Android 1.5 Cupcake
  • Android 1.6Donut
  • Android 2.0 – 2.1Éclair
  • Android 2.2
  • Android 2.3
  • Android 3.0 – 3.2.6Honeycomb
  • Android 4.0 – 4.0.4Ice Cream Sandwich
  • Android 4.1 – 4.3.1Jelly Bean
  • Android 4.4 – 4.4.4KitKat
  • Android 5.0 – 5.1.1Lollipop
  • Android 6.0 – 6.0.1Marshmallow
  • Android 7.0 – 7.1.2Nougat
  • Android 8.0 – 8.1Oreo
  • Android 9 Pie
  • Android 10
  • Android 11

Android OS का Beta वर्ज़न से लेकर अभी तक का सफर.

Android Operating System क्या है.एंड्रॉयड को पहली बार बाजार में उतारा गया तभी से इस बात की उम्मीद थी की आने वाले समय में स्मार्टफोन को कई नए फीचर्स प्रदान करने में काफी मददगार साबित होगा और ऐसा ही हो रहा है।

अब तक आपने कम से कम 3 या उससे अधिक एंड्रॉयड फोन का इस्तेमाल कर लिया होगा।आप मोबाईल फोन में भी इतने अच्छे गेम्स इसी की बदौलत खेल पाते हैं।क्योंकि यह linux kernel के base पर विकसित किया गया ऑपरेटिंग सिस्टम है।

एंड्रॉयड वर्ज़न और उनकी विशेषताएं।Features Of Android In Hindi.

समय के साथ एंड्रॉयड ने खूब तरक्की की और हमें अच्छे-अच्छे फीचर्स दिए अब हम जरा इसके वर्ज़न के इतिहास के बारे में जान लेते है।

    • Android Beta.

सबसे पहले एंड्रॉयड का beta वर्ज़न 2007 में निकाला गया लेकिन ये सिर्फ टेस्टिंग के लिए था और इसे मार्केट में नहीं लाया गया।

    • Android 1.0 Android One Kya Jai In Hindi.

यह एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम का पहला वर्ज़न था जिसे मार्केट में लॉन्च किया गया।इसमे फोन कॉल,मेसेजेस की सुविधा थी।

इसमे कैमरा भी देने की कोशिश की गई लेकिन उसमें कई सारी दिककते आती थी इसके साथ ही इसमे गूगल के कई सारे app इस्तेमाल करने की सुविधा दी गई यानी की इंटरनेट चलाने की सुविधा देने की कोशिश की गई।

    • Android 1.1.

इसे 9 फ़रवरी,2009 को रिलीज किया गया।इसमे गूगल मैप पर विवरण और रिव्यू देखने की सुविधा थी।

इसमे लंबे समबे समय तक लाउड्स्पीकर पर बात करते समय डायल पैड छिपाने की सुविधा थी और मैसेज की अटैच्मन्ट को भी सेव किया जा सकता था।

    • Android 1.5 Cupcake.

इसे 3 अप्रैल,2009 को रिलीज किया गया।इसमे बड़ी स्क्रीन का सपोर्ट था ,इसमे आप यू ट्यूब पर डायरेक्ट विडिओ अपलोड कर सकते थे और साथ ही थर्ड पार्टी का कीबोर्ड add करने सुविधा भी इसमे दी गई।

इसमे आप audio और विडिओ रेकॉर्ड और प्ले कर सकते थे।

    • Android 1.6 Donut.

इसे सितमबर 2009 में रिलीज किया गया।इसमे यूजर experience को बेहतर किया गया था।इसमे टेक्स्ट टू स्पीच,नेवीगेशन,बिग स्क्रीन यानि wvga का सपोर्ट देखने को मिल था।

इसके साथ इसमे गैलेरी ,कैमरा तथा रिकॉर्डिंग की सुविधा थी।

    • Android 2.0-2.1 éclair.

इसे 26 अकतूबर 2009 को लॉन्च किया गया इसमे कई सारे नए फीचर्स जोड़े गए जैसे की नेवीगेशन को बेहतर किया गया और multi touch सपोर्ट दिया गया।

इसमें पहली बार ब्लूटूथ की सुविधा दी गई।इसके पहले एंड्रॉयड मे डिजिटल कैमरा में ज़ूम का ऑप्शन नहीं था लेकिन वो भी इसमे डाला गया।इतना ही नहीं इसमे आप लाइव wallpaper भी देख सकते थे और साथ ही कैमरा फ्लैश की सुविधा भी दी गई ताकि आप रात में भी अच्छे से फोटो खींच सकें।

    • Android 2.2 Froyo

इसे 20 मई 2010 को लॉन्च किया गया इसमे ज्यादातर पुराने वाले एंड्रॉयड वर्ज़न में हो रही गड़बड़ियों को ठीक किया गया जिससे फोन की स्पीड और परफॉरमेंस अच्छी हुई।

इसमे ब्राउजर में क्रोम के V8 java script इंजन को integrate किया गया।इसमे adobe फ्लैश का समर्थन,मोबाईल नेटवर्क पर डाटा सेवा को चालू या बंद करने का विकल्प जैसे फीचर्स जोड़े गए।

expandable मेमोरी मे application Install करने की सुविधा भी इसमे जोड़ी गई।

    • Android 2.3 Gingerbread.  

Android Operating System 2.3 इसे 6 दिसम्बर 2010 में लॉन्च किया गया।इसमे कई तरह के नए फीचर्स जोड़े गए लेकिन जो इसकी सबसे खास बात थी वो ये की इसमे (SIP VOIP) था यानि आप इंटरनेट से कॉल कर सकते थे।इसके साथ ही इसमे डाउनलोड मैनेजर उपलब्ध था।

Multiple कैमरा सपोर्ट और बहुत कुछ।इसमें barometer जैसे सेन्सर का सपोर्ट था और इसका यूजर इंटरफेस काफी आसान तथा सुगम बना दिया गया।

इस वर्ज़न के आने से एंड्रॉयड फोन का इस्तेमाल करने का अनुभव काफी अच्छा था।बाद में इसमे कुछ सुधार करके android 2.3.3 gingerbread भी बनाया गया था।

    • Android 3.0 Honeycomb.

इसे 22 फ़रवरी 2011 में लॉन्च किया गया लेकिन ये ऐसा एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम था जो छोटे मोबाईल फोन के लिए नहीं था।ये खासकर टैबलेट या कोई अन्य बड़ी स्क्रीन वाली डिवाइस के लिए बनाया गया था।

    • Android 4.0 ice Cream Sandwich.

इसे 19 अकतूबर 2011 में लॉन्च किया गया।ये एंड्रॉयड honeycomb से मिलता जुलता था लेकिन इसे छोटे स्क्रीन वाले स्मार्टफोन में चलाने के लिए बनाया गया।

इसके main फीचर्स मे डिफ़ॉल्ट फॉन्ट,गूगल प्ले सर्विस,face अन्लाक और कैमरा में ज़ीरो shutter lag जैसी सुविधा को जोड़ा गया।

➡ Google Drive kya hai

    • Android 4.1 Jellybean.

इसे 27 जून 2012 में लॉन्च किया गया इसकी दो बड़ी खासियत थी पहला स्पीड और दूसरा smooth यूजर इंटरफेस।इसमें बोलकर लिखने की सुविधा थी।

इसमे notification को चालू या बंद करना,multichannel audio,audio chaining जैसी कई अन्य फीचर्स भी जोड़े गए।

इसके बाद इसका नया वर्ज़न android 4.2 jellybean रिलीज किया गया जिसमें clock widget,यूजर प्रोफाइल,स्क्रीन savers आदि सुविधाओं को जोड़ा गया।

    • Android 4.4 Kitkat.

इसे अकतूबर 2013 मे शुरू किया गया इसकी खास बात ये थी की कई तरह के devices में चल सकता था क्यूंकी पहले के स्मार्टफोन में ज्यादा ram और प्रोसेसर लेने के लिए महंगे फोन लेने पड़ते थे.

लेकिन kitkat 512 mb वाले ram के फोन में इंस्टॉल किया जा सकता था।इसमे गूगल now को और विकसित किया गया,इसमें आर्टफिशल इन्टेलिजेन्स को बेहतर किया गया और गूगल सर्च में भी उसे डाला गया।

इसकी एक नई बात थी की गूगल के कीबोर्ड में एमोजी को जोड़ा गया था वो भी पहली बार।

    • Android 5.0 Lollipop.

इसे 15 अकतूबर 2014 में लॉन्च किया गया इसकी सबसे खास बात ये थी की ये कई तरह के devices में सपोर्ट करने लगा जिसकी वजह से एंड्रॉयड टीवी,एंड्रॉयड watch और कई तरह के गैजेट्स बनने लगे।

इसमें बैटरी को बचाने के लिए बदलाव कीए गए ताकि बैटरी लंबे समय तक चले।इसके साथ ही इसमे हर फंगक्शन को और बेहतर बनाया गया।इसी में होमेसक्रीन पर notification देखने और उसपर एक्शन लेने जी सुविधा भी जोड़ी गई।

    • Android 6.0 Marshmallow.

इसे 5 अकतूबर 2015 में लॉन्च किया गया इसकी खास बात ये थी की इसमें टाइप c usb सपोर्ट था।इसमे फिंगगर्प्रिन्ट सेन्सर का सपोर्ट था,बैटरी देर तक चलने लगी तथा बैटरी saver का ऑप्शन भी जोड़ा गया.

इसके साथ ही जब भी आप कोई ऐप इंस्टॉल करते हैं तो आपका फोन उसकी पर्मिशन माँगता है ये फीचर भी इसी वर्ज़न में डाला गया।

इसमे एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया गया की sd कार्ड स्टॉरिज में आप ऐप इंस्टाल कर सकते थे,और इन्टर्नल और इक्स्टर्नल मेमोरी में ज्यादा अंतर नहीं रह गया।

    • Android 7.0 Nougat.  

Nougat एंड्रॉयड को 4 अकतूबर 2016 में रिलीज किया गया,इसमे multiple विंडो,वर्चुअल reality जैसे फीचर्स जोड़े गए।इसमे एक और नया फीचर जोड़ा गया Whatsapp में डायरेक्ट notification से रिप्लाइ देने का।

मतलब की जब कोई आपको मैसेज करेगा तो आप ऊपर से नोटिफ़िकटीऑन खोलकर ही रिप्लाइ दे सकते है आपको ऐप खोलने की जरूरत नहीं।इसके साथ night light और ऐप शॉर्टकट का फीचर भी इसमे दिया गया।

    • Android 8.0 Oreo.

इसे गूगल ने 18 अगस्त 2017 में लॉन्च किया था। सबसे पहले यदि इसके परफॉरमेंस की बात करें तो वो काफी बेहतर की गई है।इसमे स्पीड को भी काफी अच्छे से optimise किया गया है।

पहले की तुलना में ये अधिक जल्दी रिस्टार्ट,स्टार्ट,shut down या अन्य फंगक्शन को काफी अच्छे से पर्फॉर्म करता है।

इसमे आपके फोन की बैकग्राउंड में चल रही ऐप्स को काफी अच्छे से मैनेज करने की सुविधा है।यानि की कोई भी ऐप मनमानी तरीके से आपके फोन को इस्तेमाल नहीं कर पाएगी और इससे आपकी बैटरी भी ज्यादा चलेगी।

इसके साथ एक बड़ा बदलाव आया है जिसे picture-in-picture का नाम दिया गया है।इसके मदद से आप विडिओ को छोटे साइज़ में प्ले करके साथ में कोई और काम भी कर सकते हैं।ये चीज पहले के एंड्रॉयड वर्ज़न में भी थी लेकिन इसमे इसका परफॉरमेंस और बेहतर होने वाला है।

    • Android 9.0 Pie। What Is Android Pie In Hindi.

इसे 6 अगस्त 2018 में लांच किया गया है इसकी सबसे बड़ी खूबी इसमें artificial intelligence की वजह से है।इसमे Ai को इतने बेहतर तरीके से बनाया गया की आप इसे इस्तेमाल करके खुस हो जाएंगे।

इसमे इंस्टाल Ai आपके इस्तेमाल करने के तरीके को समझेगा और फोन को उसी तरह से optimise कर देगा।

चलिए जानते हैं Ai की वजह से कौन कौन से नए फीचर्स मिलने वाले हैं।

Android pie features

    • Adaptive Battery:

इसमे Ai आपके द्वारा इस्तेमाल कीए गए ऐप को समझेगा की आप किसे ज्यादा इस्तेमाल करते और किसे कम करते हैउस हिसाब आप जिसे कम इस्तेमाल करते है ये उनको बैटरी इस्तेमाल करने नहीं देगा जब तक आप खुद जाकर उसे ओपन नहीं करेंगे।

    • Adaptive Brightness:

वैसे तो हमारे फोन में ऑटो brightness का फीचर पहले से मौजूद है लेकिन adaptive brightness की वजह से Ai हमारी जरूरत को समय और बैटरी के हिसाब से समझेगा और brightness को नियंत्रित करेगा।

    • App Action:

इस फीचर की मदद से Ai आपके फोन इस्तेमाल करने के तरीके को समझेगी की आप कब क्या करते हैं और उसके अनुसार आपको सुझाव देगी वन क्लिक मे वो काम करने के लिए।

जैसे की मान लीजिए आप सुबह उठकर ईमेल या मेसेजेस चेक करते हैं तो ये उठने के बाद रोज आपको सुझाव देगी।

Android pie की ये मुख्य फीचर्स हैं इसके साथ ही आपको इसमे आपके सोने के समय पर do not disturb चालू करना, app टाइमर के जरिए समय पूरा होने पर notification भेजना और इसके साथ ही अन्य कई सारे फीचर्स उपलब्ध हैँ।

    • Android 10 Q.

इसे 3 सितमबर 2019 में लॉन्च किया गया था और इसे पहले एंड्रॉयड वर्ज़न से काफी अलग बनाने की कोशिश की गई है।इसमे मुख्य फीचर्स कुछ इस तरह के हैं।

कुछ लोगों का सवाल है की android 10 name in hindi तो हम आपको बता दें की एंड्रॉयड 10 का हिन्दी में कोई अलग नाम नहीं है।

Android Operating System 10 or Q features in Hindi.

    • Location Permission:

इसमे जब आप कोई ऐप इस्तेमाल कर रहे होंगे तभी तक उस ऐप को location का पर्मिशन मिलेगा लेकिन जैसे ही आप उसे बंद करेंग location का पर्मिशन भी अपने से बंद हो जाएगा।

    • Background Permission:

Android Operating System Q में बैकग्राउंड में चल रहे ऐप को कैमरा,माइक और सेंसर का पर्मिशन बंद किया जा सकता है इससे आप जब ऐप चला रहे होंगे तभी उसे पर्मिशन मिलेगा उसके बाद अपने से बंद हो जाएगा।

इससे कोई चोरी-चोरी आपकी जासूसी नहीं कर पाएगा।यदि आप किसी ऐप को हमेशा के लिए पर्मिशन देना चाहते है तो आप दे सकते हैं।

    • Biometric Authentication:

इसमे biometric authentication को और भी बेहतर बनाया गया है।

एंड्रॉयड Q के ये कुछ मुख्य फीचर्स हैं इसके अल्वा इसमे Support for the AV1 video codec, Support for the WPA3 Wi-Fi security protocol, foldable phones, Notification Bubbles और Floating settings panel जैसी कई सुविधाएं देखने को मिलेंगी।

    • Android 11. एंड्राइड का वर्तमान संस्करण.

Android Operating System 11 – इसे अभी हाल में 8 सितमबर 2020 को लॉन्च किया गया है।ये लेटेस्ट एंड्राइड वर्शन है जिसका नाम अभी तो एंड्रॉयड 11 ही है बाद में गूगल हो सकता है इसे कोई नाम दे।

इसमे भी Ai को और बेहतर करने की कोशिश की गई है।इसमे भी यूजर experience को बेहतर बनाया गया है.चलिए इसके कुछ फीचर्स के बारे में जानते हैं।

Android 11 Features In Hindi.

    • Notification Management:

इसके जरिए आप मैसेज के notification को categorize कर सकते हैं की आप इसे किसमे रखना चाहते है।आप इसे important जनरल या फिर silent की category में रख सकते हैं।इसमे आपको notification हिस्ट्री देखने का ऑप्शन भी मिलता है।

    • Bubble Messages:

यदि आप कोई ऐप इस्तेमाल कर रहे हैं और उसी समय यदि कोई मैसेज आता है तो आपको स्क्रीन पर bubble दिखाई देगा आप उस बबल पर क्लिक करके डायरेक्ट रिप्लाइ दे सकते हैं।

    • Media Control:

इसमे आपको मीडिया प्लेयर के काफी अच्छे कोन्टरोल्स देखने को मिलेंगे।

    • Smart Device Control:

यदि आपके घर में कोई स्मार्ट डिवाइस लगा हुआ है जैसे की स्मार्ट टीवी, स्मार्ट ac आदि तो आप उसे अपने एंड्रॉयड फोन से कंट्रोल कर सकेंगे।

    • Update Through Google Play Store:

अभी तक क्या होता था की जब भी कोई एंड्रॉयड वर्ज़न में किसी तरह का अपडेट लाया जाता था तो उसे मोबाईल फोन में इंस्टाल करने के लिए उस मोबाईल फोन की कंपनी का इंतेजार करना पड़ता था।

जब वो कंपनी अपने यूजर के लिए हर फोन में अलग से उपलब्ध कराती थी तभी लोग अपडेट कर पाते थे लेकिन अब अगर एंड्रॉयड वर्ज़न 11 में कोई भी बदलाव होता तो आप उसे डायरेक्ट गूगल प्ले स्टोर से अपडेट कर पाएंगे आपको कंपनी का इंतेजार करने की जरूरत नहीं।

    • Multiple User Profile:

जिस तरह कंप्युटर मे multiple यूजर की सुविधा मिलती है उसी तरह अब मोबाईल फोन में भी कई यूजर का ऑप्शन देखने को मिलेगा।

Android के Competitors.

Android Operating System क्या है.वैसे एंड्रॉयड के बहुत सारे competitors तो नहीं हैं लेकिन कुछ लोगों ने इसे पछाड़ने की कोशिश की लेकिन वो सफल नहीं हो सके।

इसके साथ चलने वाला एक सफल ऑपरेटिंग सिस्टम ios बस है लेकिन फिर भी बाकी के नाम नीचे दिए गए हैं।

    • iOS:

इसे iphone ऑपरेटिंग सिस्टम कहा जाता है।यह एप्पल द्वारा बनाया गया है और एप्पल के iphone में इस्तेमाल होता है।ये एंड्रॉयड को अच्छा खासा competiton देता है लेकीन चूंकि एंड्रॉयड सस्ते स्मार्टफोन में आता है इसलिए ये उसे पछाड़ नहीं पाता।

    • Windows 10:

कुछ कंपनियों द्वारा इसे मोबाईल फोन मे उतारने की कोशिश की गई लेकिन कुछ खास सफलता नहीं मिली।लेकिन फिर भी ये अभी मार्केट में बना हुआ है और लोगों को लुभाने की कोशिश जारी है।

बाकी के जो नीचे दिए गए हैं वो कुछ खास नहीं कर पाए।

    • Ubuntu Touch
    • Jolla’s Sailfish OS
    • KDE Plasma mobile OS

Android Operating System इतना अनोखा क्यों है?why android is unique?

Android Operating System क्या है.Android के अनोखे होने का कारण उसका diverse use होना है।जो की संभव हो पाता है इसके open source होने की वजह से.

जी हाँ इसमें नए नए बदलाव संभव है यूजर जो application जिस तरह चाहे चला सकता है लेकिन वहीं अगर android vs apple  की बात करें तो एप्पल में आप बहुत सारे डिफ़ॉल्ट सेटिंग को बदल नहीं सकते।

एप्पल की restriction की वजह से आप एप्पल फोन से एंड्रॉयड फोन मे बिना इंटरनेट के फोटो,विडिओ या अन्य डाटा शेयर नहीं कर सकते।लेकिन फिर भी कुछ लोग एप्पल को पसंद करते हैं उसका कारण है एप्पल की परफॉरमेंस।

एंड्रॉयड का मतलब।android meaning in hindi.

Android का हिंदी क्या होता है?यदि आप एंड्रॉयड का मतलब यानि android ka hindi arth हिन्दी में खोजेंगे तो नहीं मिलेगा ऐसा इसलिए है क्यूंकी एंड्रॉयड अंग्रेजी भाषा से निकला हुआ तकनीकी शब्द है और हर अंग्रेजी शब्द का हिन्दी हो ये जरूरी नहीं है।

इसलिए आपको एंड्रॉयड की हिन्दी मीनिंग एंड्रॉयड ही सही है, इसका अलग से कोई मायने नहीं होगा।

इसलिए यदि आपसे कोई पूछे what is android in hindi या android ko hindi me kya kehte है तो आप बता सकते हैं एंड्रॉयड का हिन्दी मतलब भी एंड्रॉयड ही होगा।

Conclusion:

एंड्रॉयड क्या है?what is android in hindi?यदि आपने इस आर्टिकल को पूरा पढ़ लिया है तो आपको एंड्रॉयड के बारे में पूरी जानकारी होगी और यदि आपको लगता है की कुछ छूट गया है तो आप हमें कमेन्ट बॉक्स मे पूछ सकते हैं।फिर भी एंड्रॉयड के बारे में संक्षिप्त में वर्णन दे देते हैं।

Android Operating System क्या है.एंड्रॉयड मोबाईल फोन में चलने वाला सबसे मशहूर और काबिल ऑपरेटिंग सिस्टम है।ये 2003 से लेकर अभी तक चला आ रहा है और तरक्की की राह पर है।इसमे अब artificial intelligence को बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने की ओर प्रगति की जा रही है।

आने वाले समय में Android Operating System को टीवी,ac फ्रीज कूलर और सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जाएगा।स्मार्ट होम का सपना एंड्रॉयड जरूर पूरा करेगा।

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here