AutoCAD क्या है. AutoCAD के प्रयोग से होने वाले फायदे.

AutoCAD क्या है? What is AutoCAD in Hindi: ऑटोकैड 2D और 3D कंप्यूटर ऐडेड ड्राफ्टिंग सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन के तौर पर जाना जाता है। इसका इस्तेमाल सबसे ज्यादा आर्किटेक्चर कंस्ट्रक्शन और मैन्युफैक्चरिंग के काम में ब्लू प्रिंट तैयार करने के लिए करते हैं। इसके अलावा इसका इस्तेमाल इंजीनियरिंग प्लांट मे भी किया जाता है।

AutoCAD की नेटिव फ़ाइल फॉरमेट .dwg. होती है। पहली बार ऑटोकैड को दिसंबर 1982 में ऐप के रूप में जारी किया गया था। उस समय माइक्रो कंप्यूटर जिसमें इंटरनल ग्राफिक कंट्रोलर हुआ करते थे उसमें इसे चलाया जाता था।

साल 2010 से ऑटोकैड को मोबाइल और web-app के लिए भी जारी कर दिया गया और इसे लोगों के बीच AutoCAD 360 के नाम से जाना जाता है। ऑटोकैड (AutoCAD) का इस्तेमाल करने वाले प्रोफेशनल को ड्राफ्टर (Drafter) के तौर पर जानते हैं।

 ऑटोकैड (AutoCAD) को बनाने वाली कंपनी ऑटोडेस्क है। ऑटोडेस्क ने ही इसे बाजार में उतारा था। यह पहला कैड प्रोग्राम था जो पर्सनल कंप्यूटर पर काम करता था। इस प्रोग्राम का नाम ऑटोकैड इसके विशेष फंक्शन की वजह से रखा गया था।

यह यूजर द्वारा दिए गए कमांड को ऑटोमेटिक समझ जाता है और यूजर की जरूरत के अनुसार आउटपुट (Output) प्रदान करता है। इस वजह से इसे ऑटोकैड (AutoCAD) के नाम से जाना जाता है।

 ऑटोकैड की मदद से जो भी ड्राइंग बनाई जाती है उसमें काफी डिटेल होती है। यह पिक्चर डिजाइन को Explain करने का काम करता है। इसमें 2D और 3D का इस्तेमाल किया जाता है। अर्थात टू डाइमेंशन और थ्री डायमेंशन के रूप में डिजाइन की जा सकती है। अर्थात हम इसमें पाइप को एक ड्राइंग के रूप में देख सकते हैं।

ऑटोकैड (AutoCAD) का इस्तेमाल करने से पहले मैनुअल एंड ड्राफ्टिंग टूल जैसी ड्राफ्टिंग, बॉर्डर, पेंसिल वाली पेन, कंपास, ट्रायंगल आदि का इस्तेमाल इंजीनियर करते थे। लेकिन अब इस तरह के काम के लिए ऑटोकैड (AutoCAD) प्रोग्राम का इस्तेमाल अधिक होने लगा है।

ऑटोकैड का इतिहास (History of AutoCAD)

ऑटोकैड (AutoCAD) एक टेक्निकल शब्द है, जो कि एक प्रोग्राम से लिया गया है। इस प्रोग्राम की शुरुआत 1977 में हुई थी। 1989 में Interact CAD नाम का प्रोग्राम रिलीज किया गया था। इसके पहले ऑटोडेस्क डॉक्यूमेंट में इसे Micro CAD के नाम से जाना जाता था।

ऑटोकैड 1982 से बाजार में उपलब्ध हुआ। पहले यह पर्सनल कंप्यूटर के लिए विकसित किया गया। पहये यह CAD सिस्टम बनाने का काम करता था। अर्थात यह एडोब फोटोशॉप और माइक्रोसॉफ्ट विंडो से ही पहले से रहा है।

 1970 के दशक में कमर्शियल कार्यक्रम में मेनफ्रेम कंप्यूटर या फिर मिनी कंप्यूटर इस्तेमाल होते थे। यूजर एक अलग ग्राफिक टर्मिनल पर काम करता था। उसके पहले डिजाइनर स्कूल ड्राफ्टिंग स्क्वायर का उपयोग करके ही ड्राइंग बनाने का काम करते थे।

लेकिन ऑटोकैड (AutoCAD) आने के बाद नए ड्राइंग बनाने और फिर उसे कैलकुलेशन करने में काफी मदद मिलने लगी। यह काफी कम समय में जल्दी से होने लगा।

ऑटोकैड को सबसे पहले ऑटोडेस्क नाम की कंपनी ने जारी किया था। इसकी स्थापना 1982 में जॉन वॉकर द्वारा की गई थी। उन्होंने अपनी कंपनी के 5 संस्थापकों के साथ मिलकर पांच अलग-अलग ऑटोमेशन एप्लीकेशन पर काम किया।

उन्होंने यह उम्मीद जताई थी कि इसमें से एक एप्लीकेशन मार्केट में जरूर काम करेगा और पांच ऑटोमेशन एप्लीकेशन में एक AutoCAD प्रोग्राम काफी सफल रहा। उन्होंने लास वेगास में COMDEX ट्रेड शो के दौरान इसको लांच किया था। यह दुनिया का पहला कैड प्रोग्राम था जो पर्सनल कंप्यूटर पर चलता है।

अगले 4 सालों के अंदर ऑटोकैड सॉफ्टवेयर दुनिया भर में सबसे ज्यादा डिजाइनिंग के क्षेत्र में इस्तेमाल किया जाने वाला एप्लीकेशन बन गया। तब से आज तक यह पॉपुलर ड्राफ्टिंग एप्लीकेशन बना हुआ है। इस बात की भी पूरी संभावना है कि आने वाले समय में भी इसकी मांग बनी रहेगी।

1982 से लेकर आज तक इसके 31 वर्जन बनाए जा चुके हैं। डिजाइन से जुड़े लगभग सभी क्षेत्रों में इसके नए नए फीचर्स का इस्तेमाल हो रहा है। यह सॉफ्टवेयर एपीआई को सपोर्ट करता है जिसकी वजह से यह कस्टमाइजेशन और ऑप्टिमाइजेशन करने की सुविधा भी देता है। यही वजह है कि इसका इस्तेमाल कई क्षेत्रों में होने लगा है, जैसे – ऑटोकैड आर्किटेक्चर, इलेक्ट्रॉनिक, सिविल आदि।

पिछले कुछ सालों में ऑटोडेस्क अनेक मोबाइल और क्लाउड बेस्ड एप्लीकेशन भी बना लिए हैं, जिसमें AutoCAD 360, Fusion 360, A360 viewer आदि है। खास बात यह है कि इसमें डिजाइन डॉक्यूमेंट दुसरो के साथ इंटरनेट का उपयोग करके शेयर भी की जा सकती है।

AutoCAD क्या है? – AutoCAD का फुलफोर्म क्या है?

AutoCAD का फुलफोर्म Automatic Computer Aided Design (हिंदी में अर्थ: स्वचलित कम्प्यूटर एडेड डिज़ाइन) होता है।

AutoCAD का इस्तेमाल (Use of AutoCAD)

  • ऑटोकैड (AutoCAD)का इस्तेमाल आर्किटेक्चर प्लानिंग टूल के रूप में कर सकते हैं। इसमें बेसिक लेआउट पहले से बने रहते हैं। यह एक बेहतर यूजर इंटरफेस प्रदान करता है।
  •  ऑटोकैड का इस्तेमाल इंजीनियर ड्रॉइंग टूल के रूप में भी करते हैं। इससे 2D व 3D ड्राइंग बनाने में मदद मिलती है।
  • AutoCAD सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल सिविल मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल सिस्टम में काफी ज्यादा उपयोग लाया जा सकता है। इस प्रोग्राम के जरिए इंजीनियर अपने डिजाइन को अच्छे से एनलाइज कर सकते हैं और किसी भी समस्या को सॉल्व करने में भी इससे मदद मिलती है। इससे डिजाइन को एक्यूरेट बनाने में बहुत मदद मिलती है।
  • AutoCAD का इस्तेमाल ग्राफिक डिजाइन के एक टूल के रूप में भी हो सकता है।
  • AutoCAD का इस्तेमाल बहुत ज्यादा कठिन (बारीक) डिजाइन को भी बनाने में किया जा सकता है, जैसे – ज्वेलरी के डिजाइन, खिलौने की डिजाइन आदि।

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AutoCAD के प्रयोग से होने वाले फायदे

गलतियों की कमी –

ऑटोकैड सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग मॉडल के गतिशील सिद्धांत पर काम करता है इसमें डिजाइन और उत्पाद काफी जल्दी बनते हैं इससे किसी भी प्रोजेक्ट में अगर किसी हिस्से में कोई परिवर्तन करना होता है तो बेहद कम समय में इसे किया जा सकता है इसके परिणाम में गलतियां होने की संभावना कम रहती है इसे डिजिटली बनाया जाता है इसलिए हमेशा इसमें सुधार करने की संभावना रहती है.



समय व पैसे की बचत

यूजर फ्रेंडली इंटरफेस होने की वजह से AutoCAD काफी तेजी से अपना काम करता है। जिसकी वजह से डिजाइनिंग के काम में काफी समय बच जाता है। साथ ही सॉफ्टवेयर इसमें संशोधन का भी ऑप्शन देता है, जिसकी वजह से काफी कम समय में कोई भी परिवर्तन आसानी से किया जा सकता है।

यह एक कुशल प्रोग्रामर की तरह काम करता है। इससे समय और पैसे दोनों की बचत होती है तथा गलतियां होने की संभावना बेहद कम हो जाती है।

डाटा ट्रांसफर करने आसान –

AutoCAD के माध्यम से आर्किटेक्ट इंजीनियर अपने डिजाइन को कई लोगों से फाइल शेयर आसानी से कर सकता है। इसमें बड़ी फाइल को बिना डाटा खर्च किए शेयर करना थोड़ा मुश्किल होता है। लेकिन वेब सॉफ्टवेयर के माध्यम से इंटरनेट पर डिजाइन किए गए डिजाइन को बिना किसी data loss के दूसरे डिजाइनरों के साथ आसानी से शेयर किया जा सकता है।

कंट्रोल करना आसान –

AutoCAD डाटा को स्कैन करने वाले फीचर को सपोर्ट करता है। इससे तकनीक की मदद से सामग्रियों की मात्रा और उसकी लागत की गणना आसानी से की जा सकती है। इससे उत्पादन और उत्पादन के बाद के प्रोसेस को मैनेज करना काफी आसान हो जाता है।

मैन्युफैक्चरिंग में उपयोगी –

 AutoCAD मैन्युफैक्चरिंग के डाटा जैसे मॉडल के आकार, प्रोडक्ट कंपोनेंट के चित्र, आयाम आदि को बनाता है। इससे डेटाबेस को बनाने और उसके डाटा को मैनेज करने में काफी मदद मिलती है।

ऑटोकैड कैसे सीखें (How to Learn AutoCAD) –

आज के इंटरनेट के दौर में कोई भी सीखना मुश्किल नही रह गया है। अब इंसान अपने मोबाइल फोन और कंप्यूटर पर अपना ज्यादातर समय बिताता है। ऐसे में अगर वह कोई कोर्स सीखना चाहे तो वह खुद ही इंटरनेट की मदद से कोई भी चीज आसानी से सीख सकता है।

ऑटोकैड (AutoCAD) भी एक ऐसा ही कोर्स है जिसमें क्लास से ज्यादा आपकी प्रेक्टिस महत्वपूर्ण होती है। इसलिए अगर आप इस कोर्स को सीखने के लिए कोई इंस्टीट्यूट नहीं ज्वाइन कर सकते हैं तब आप इसे यूट्यूब के वीडियो देखकर भी आसानी से सीख सकते हैं। आज यूट्यूब पर ऑटोकैड (AutoCAD) से रिलेटेड बहुत सारे कोर्स उपलब्ध हो गए हैं।

कहा जाता है कि जो इंसान खुद से सीखता है उससे बेहतर कोई और नही सीखा सकता है। यानी कि जब इंसान खुद से सीखता है तो वह खुद ही प्रयोग करता है। इसमे कई बार उसे असफलता मिलती है।

लेकिन जब उसे सफलता मिलती है तो वह उन सारे स्टेप (स्step) को जिंदगी भर याद रखता है और इस तरह से वह अपने विषय में विषय विशेषज्ञ (expert) बन जाता है क्योंकि वह बार-बार प्रयोग करके सीखा होता है।

ऑटोकैड (AutoCAD) एक ऐसा कोर्स है जो थ्योरी से ज्यादा प्रैक्टिकल पर निर्भर करता है। इसलिए कोई भी जिज्ञासु व्यक्ति यूट्यूब की मदद से इसे आसानी से सीख सकता है।

ऑटोकैड से रिलेटेड कुछ कोर्स (courses)

  • Basic AutoCAD (Two months Certificate Programme)
  • Diploma in AutoCAD  (Two months Diploma Programme)
  • Advance course in CADD  (Three months Certificate Programme)
  • Advance AutoCAD course (Three months Certificate Programme)
  • Master Diploma in Architectural CADD (Two months Postgraduate Diploma Programme)


AutoCAD क्या है? – AutoCAD के लोकप्रिय टॉपिक

  • 3D sketch और Boolean operations
  • 3D parts, UCS, Boolean operation, Solid Editing, etc.
  • Creating & Editing Text
  • Equations, Design Table & Configurations
  • Introduction, Walls, Flanges, Bending
  • Design Centre & Tool Palettes
  • Inquiry tools & Parametric Drafting
  • Surface Creation & Modification tools
  • Sketch Visualization & Sketch Analysis
  • Drafting Settings
  • Dimensions & Dimension Styles
  • Geometry & Dimensional Constraints
  • Sketch Entities & Sketch Tools
  • Block, W-block, X-attach & X-Ref

AutoCAD क्या है? – Useful Short keys for AutoCAD

F1 Display Help

F2 Toggle text screen

F3 Toggle object snap mode

F4 Toggle 3DOsnap

F5 Toggle Isoplane

F6 Toggle Dynamic UCS

F7 Toggle grid mode

F8 Toggle ortho mode

F9 Toggle snap mode

F10 Toggle polar mode

F11 Toggle object snap tracking

F12 Toggle dynamic input mode

Ctrl+d Toggle coordinate display

Ctrl+g Toggle Grid

Ctrl+e Cycle isometric planes

Ctrl+f Toggle running object snaps

Ctrl+h Toggle Pick Style

Ctrl+Shift+h Toggle Hide pallets

Ctrl+i Toggle Coords

Ctrl+Shift+i Toggle Infer Constraints

Ctrl+0 (zero) Clean Screen

Ctrl+1 Property Palette

Ctrl+2 Design Center Palette

Ctrl+3 Tool Palette

Ctrl+4 Sheet Set Palette

Ctrl+6 DBConnect Manager

Ctrl+7 Markup Set Manager Palette

Ctrl+8 Quick Calc

Ctrl+9 Command Line

Ctrl+n New Drawing के लिए

Ctrl+s Save drawing करने के लिए

Ctrl+o Open drawing करने के लिए

Ctrl+p Plot dialog box करने के लिए

Ctrl+Tab Switch to next करने के लिए

Ctrl+Shift+Tab Switch करने के लिए previous drawing

Ctrl+Page Up Switch करने के लिए previous tab से current drawing में

Ctrl+Page Down Switch करने के लिए next tab में current drawing से

Ctrl+q Exit

Ctrl+a Select all objects

Ctrl+c Copy object

Ctrl+x Cut object

Ctrl+v Paste object

Ctrl+Shift+C Copy के लिए clipboard में base point के साथ

Ctrl+Shift +V Paste के लिए data को एक block के हिसाब से

Ctrl+z Undo last action

Ctrl+y Redo last action

Ctrl+[ Cancel current command (or ctrl +)

ESC Cancel current command के लिए.

AutoCAD क्या है? – AutoCAD सीखने के बाद कैरियर

AutoCAD को सबसे ज्यादा इस्तेमाल ड्रॉफ्टर (Drafter) और अन्य दूसरे प्रोफेशन में किया जाता है। विशेष करके जो डिजाइन (Design) और कंस्ट्रक्शन (construction) के काम करते हैं।

शुरुआत में ऑटोकैड मैकेनिकल इंजीनियर कि प्रयोग के लिए बनाया गया था। लेकिन बेहद कम समय में इसका इस्तेमाल लगभग हर क्षेत्र में होने लगा। आज ऑटोकैड (AutoCAD) काफी लोकप्रिय हो गया है। इसका इस्तेमाल ज्यादातर डिजाइन प्रोफेशन में आर्किटेक्ट, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनिमेटर, इंजीनियर आदि करते हैं।

 ऑटोकैड (AutoCAD) अच्छी तरह से सीखने के बाद कैरियर के कई सारे विकल्पों खुल जाते हैं। ऑटोकैड सीखने के बाद कैरियर की कुछ विकल्प इस प्रकार से है –

ड्राफ्टर (Drafter) –

ड्रॉफ्टर (Drafter) टेक्निकल इंस्टिट्यूशन को बनाने का काम करता है। जिसमें किसी भी प्रोडक्ट या फिर उसका स्ट्रक्चर (structure) बनाने में इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग specifics को ज्यादा काफी महत्व दिया जाता है।

AutoCAD सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके उनका ड्राफ्ट तैयार करने में मदद करता है। यह टेक्निकल ड्राइंग को बनाने और उन्हें स्टोर करने में प्रयोग में लाया जाता है।

एक ड्राफ्टर के पास वह सारी जानकारी होनी चाहिए जिससे वह इन कामों को अच्छी तरह से कर सके। इसके लिए एक ड्राफ्टर को मैन्युफैक्चरिंग थ्योरी, ग्राफ़िक टेक्निक्स आदि के बारे में अच्छे से जानकारी होनी चाहिए। ऑटोकैड (AutoCAD) का इस्तेमाल करके एक ड्राफ्टर काफी कम समय में जल्दी से डिजाइन बना सकता है और जरूरत पड़ने पर इसमें परिवर्तन भी कर सकता है।

इसमें यह आवश्यक नहीं होता है कि एक ड्राफ्टर किसी विशेष क्षेत्र में स्पेशलाइज हो। उदाहरण के लिए यदि एक कॉमन ड्रॉफ्टर की जॉब स्पेशलिस्ट में सिविल आर्किटेक्चर, मेकेनिकल, एयरोनॉटिकल आदि क्षेत्र में ड्राफ्टर की जरूरत हो सकती है।

आज के समय में ड्राफ्टिंग प्रोफेशन एक बढ़ता हुआ प्रोफेशन बन गया है और आने वाले समय में इसकी मांग बढ़ेगी।

AutoCAD क्या है? – आर्किटेक्ट

आर्किटेक्ट का काम किसी भी घर, बिल्डिंग, ब्रिज, मॉन्यूमेंट की आर्किटेक्चर की डिजाइन बनाना होता है। ऐसे में वह डायरेक्ट क्लाइंट के साथ काम कर सकता है और उनकी जरूरतों को पूरा कर सकता है। इसके अलावा वह कंस्ट्रक्शन के लिए जरूरत होने पर डिज़ाइन भी बना सकता है।

ज्यादातर आर्किटेक्ट ऑटोकैड (AutoCAD) का इस्तेमाल करके डिजाइन बनाते हैं। आज लगभग हर क्षेत्र में आर्किटेक्ट की जरूरत पड़ती है चाहे वह नाविका आर्किटेक्ट हो, बिल्डिंग डिजाइन करने के आर्टिटेक हो, हर क्षेत्र में इसकी जरूरत है।

सरकारी और प्राइवेट कंपनियां अब आर्किटेक्ट को अपने यहां नियुक्त करती हैं और उनकी सैलरी उनके स्किल (skill) और अनुभव (experience) पर निर्भर करती है।

इंटीरियर डिजाइनर

किसी भी इंटीरियर डिजाइनर का प्रमुख काम बिल्डिंग के इंटरनल पार्ट को डिजाइन करना होता है। मतलब कि कोई भी बिल्डिंग तैयार हो जाने के बाद उसकी आंतरिक डिजाइन कैसे दिखेगी यह काम इंटीरियर डिजाइनर करता है।

ऐसे में इंटीरियर डिजाइनिंग के समय बिल्डिंग कोर्ड और दूसरे सेफ्टी रेगुलेशंस का भी विशेष ध्यान रखना पड़ता है। अब ज्यादातर इंटीरियर डिजाइनर ऑटोकैड (AutoCAD) का इस्तेमाल करके इंटीरियर डिजाइनिंग का काम करते हैं।

इससे काम करना आसान हो जाता है और इसमें कई सारे ऐसे फीचर्स वही होते हैं जो डिजाइनर को गाइड करते हैं, जिससे वे एक अच्छे डिजाइन प्रस्तुत कर सकें। आज के समय में प्राइवेट कंस्ट्रक्शन कंपनी और रियल एस्टेट कंपनी अपने यहां इंटीरियर डिजाइन की नियुक्त कर रही हैं।

ऐसे में कोई भी इंटीरियर डिजाइनर अगर ऑटोकैड की जानकारी रखता है, तब इससे उसे अपने काम में काफी हेल्प मिलेगी और वह कम समय मे अच्छी डिजाइन बना सकेगा।

एनिमेशन –

ऑटोकैड के इस्तेमाल से सिर्फ कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र में ही नहीं होता बल्कि आज मनोरंजन के क्षेत्र में भी इसका प्रयोग होने लगा है। विशेषकर के 3D एनीमेशन बनाने के लिए अब AutoCAD का प्रयोग हो रहा है। इसकी मदद से उच्च गुणवत्ता वाले एनिमेशन तैयार करने में मदद मिलती है।

आज के समय में फ्लैक्सिबल ग्राफिक पाइप लाइन को बनाने के लिए टूल्स का प्रयोग करते हैं। विजुअल इफेक्ट कलाकारों और मॉडल को उनकी रचनात्मक क्षमताओं की सीमा को आगे बढ़ाने के लिए तथा प्रोडक्शन को बढ़ाने तथा कम समय में काम को पूरा करने के लिए ऑटोकैड (AutoCAD) का इस्तेमाल काफी ज्यादा होने लगा है। पिछले कुछ सालों में ऑटोकैड का इस्तेमाल मोबाइल और क्लाउड बेस्ड एप्लीकेशन बनाने में भी किया गया है।



निष्कर्ष

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