Chrome Beta Browser क्या है

Chrome beta browser क्या है.Chrome Beta developers के लिए एक बेहतरीन option होता है अपने आने वाले programs को test करने का और उसमे सुधार करने का. क्योकि आज के समय मे आप जो भी digital products देखते है जैसे कि game या app उनको commercial release करने से पहले उसकी testing की जाती है।

और beta program के तहत कुछ लोगो को उसका हिस्सा बनने का मौका दिया जाता है। ताकि वो लोग उस app या game को जो कि अभी development phase में है उसे access कर सके और उसको इस्तेमाल करके उसके अंदर मौजूद कमियों के बारे में बता सके।

ताकि developers उनको fix कर सके। क्योंकि कमियों को ढूंढना इतना आसान नही होता है। और यदि app या game को ऐसे ही release कर दिया गया, तो उसको लोग पसंद नही करेंगे, तथा हो सकता है कि लोगो को उसे इस्तेमाल करने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़े।

कोई भी company यह नही चाहती है कि उसका product market में आते ही flop हो जाए, इसी लिए companies beta program को launch करती है।

ताकि वो official release से पहले मौजूद सभी कमियों को खत्म कर दे और consumers को शिकायत करने का मौका न मिले।

Beta programs में सबसे ज्यादा invest gaming companies करती है। क्योंकि product के मुकाबले किसी game को users के लिए रोचक और easy बनाना बहुत कठिन काम है।

ऐसे ही google भी अपने users को बेहतरीन और safe web browsing experience देना चाहता है इसी लिए वो भी अपने famous web browser chrome के beta version को beta tester users के साथ share करता है ताकि उनके feedback ले सके और अपने product को बेहतर बना सके।

तो चलिए अब Chrome beta browser क्या है उसे बारे में जानते है और यह कैसे chrome browser से अलग है तथा आप कैसे beta program को join कर सकते है यह भी जानेंगे।

Chrome Beta Download:

Chrome का latest Chrome Beta Version chrome beta 89 (89.0.4389.32) है जो कि android users के लिए Google Play Store पर available है।

जिसको आप play store पर जाकर download कर सकते है। यह chrome beta browser क्या है सभी के लिए free में उपलब्ध है।

इस नए chrome beta version में google कई तरह के नए testing को final stage पर test कर रहा है जैसे कि सबसे बेहतरीन feature chrome beta 89 में जो add किया गया है.

वो ये कि अब chrome web app पर भी NFC को Support करेगा। और यह by default आपको function app में enable मिलेगा।

तो यदि आपका mobile device NFC को support करता है तो आप direct chrome के द्वारा ही NFC का इस्तेमाल कर पाएंगे।

इसके साथ ही कई और भी नए features को chrome beta version 89 में शामिल किया गया है।

जिनसे की अब आप content को easily social network पर share कर सकते है। android chrome में इन features को chrome 61 और 75 से ही add करना शुरू कर दिया था।

तथा chrome 89 में web sharing windows और chrome OS के लिए available है। एक और major update जो इसमें है वो यह कि AVI Image decode को भी add किया गया है।

AVIF एक next generation image format standardized system है। इसका फायदा यह होगा कि यह कम bandwidth को इस्तेमाल करेगा और website को fast load होने देगा।

यह JPEG और WEBP के मुकाबले कम resources का इस्तेमाल करता है।

Beta Program क्या होता है:

Beta program final release से पहले का testing phase यू कहे कि last testing phase होता है। जो कि कुछ users के इस्तेमाल के लिए release गया होता है।

इसमे developers users के behavior को track करते है। तथा product के improvement के लिए feedback लेते है।

वही users को beta program के दौरान किसी app या game को official release से पहले इस्तेमाल करने का मौका मिल जाता है। वही companies को भी free में कुछ लोग testing के लिए मिल जाते है।

Chrome beta को यदि आप android पर join करना चाहते है। तो उसके लिए आपको सबसे पहले google play store पर जाना होगा तथा उसके बाद आपको वहाँ chrome beta का option मिल जाएगा। या

अगर beta program full हो गया हो तो आप इंतज़ार कर सकते है spot के खाली होने का। तथा registration कर दे।

ताकि यदि आप ने beta को join करने के लिए registered किया हुआ है तो आपको spot जल्द से जल्द मिल जाए।

वही यदि आप beta को desktop browser में join करना चाहते है तो आप chrome beta web app को अपने computer में download कर सकते है। और updates को पहले ही इस्तेमाल कर सकते है।

Chrome Beta Browser क्या है –  कितने types है:

Basically Chrome browser आज के समय मे चार types के उपलब्ध है। जिनमे से सबसे ज्यादा इस्तेमाल chrome stable version को users करते है।

क्योंकि इसमे किसी भी प्रकार के bugs नही रहते है और अगर कोई error होता भी है तो developers तुरंत उसको fix कर देते है। और यह users के लिए safe भी रहता है और friendly भी।

तो चलिए अब Chrome Beta Browser क्या है के सभी versions के बारे में भी जान लेते है।



Beta के प्रकार :

अब तक आप ने जाना कि Chrome Beta Browser क्या है और यह किन लोगों के लिए होता है। लेकिन क्या आपको पता है कि chrome browser कितने प्रकार के है।

यदि नही तो चलिए अब आपको सभी chrome browsers के बारे में बता देते है। ताकि आपको सभी चीज़ों के बारे में सही और पूरी जानकारी मिल सके। तो आप इस post को ध्यान से पढ़ते रहिए।

  • Google Chrome Stable-

यह Chrome Beta Browser का stable version होता है। जिसमे की आपको किसी भी प्रकार के errors या bugs देखने नही मिलते है। यह आम users के लिए बनाया गया होता है। जो कि बहुत ही conveniently रूप से कार्य करता है।

लेकिन ऐसा नही है कि इसमे bugs नही होते है। बल्कि यदि developers को किसी bug की बार बार शिकायत मिलती है तो ये उसे तुरंत fix कर देते है।

इसके साथ ही chrome stable version काफी safe है। और आपको malicious programs से भी बचाता है। जैसे कि यदि आप किसी प्रकार का software download कर रहे है।

तो Chrome Beta Download के वक़्त ही उसको scan कर लेता है। और यदि उसमे कोई virus मौजूद होता है तो उसको block कर देता है जिसके कारण आप उस program को इस्तेमाल नही कर पाएंगे।

यह safety और security के लिए काफी अच्छा feature है। क्योंकि अक्सर users को मालूम नही होता है कि वो क्या download कर रहे है। और वह कितना secure है।

  • Google Beta version-

Chrome Beta एक testing phase का final stage होता है और यहाँ पर आपको छोटे मोटे bugs ही देखने को मिलते है। लेकिन वो भी weekly update में fix कर दिए जाते है।

और जो भी यहाँ पर final result होता है इसके बाद उन updates को chrome browser में implement किया जाता है। और chrome browser को stable बनाया जाता है।

यहाँ पर updates आपको every week देखने को  मिल जाते है। लेकिन जो भी major updates आते है वो सभी अक्सर 6 week में आते है।

जो कि पूरी तरह से tested किये गए होते है developers के द्वारा और अब beta users के feedbacks के लिए तैयार होते है।

  • Google Developer Channel-

Chrome community developers जिन भी updates को या errors को fix करते है वो सब chrome dev में मौजूद होता है।

तथा जब भी कोई नया feature या update release होता है तो उसको अच्छे से testing करने के लिए google developers channel को दिया जाता है।

उसके बाद ये लोग उस को अच्छे से test करते है और तरह तरह के उस पर प्रयोग करते है ताकि उसमे किसी भी तरह से कोई कमी मौजूद न रह जाए। इसके बाद ही इसको आगे के लिए process किया जाता है.

और फिर beta chrome में आगे testing के लिए भेज दिया जाता है। जिसमे की users के behavior और उनके feedbacks को लिया जाता है। ताकि थोड़ी बहुत जो भी कमियाँ मौजूद रह गयी हो उनको भी fix किया जा सके।

  • Google Canary Channel-

Chrome Canary Version एक तरह से developers के लिए ही useful है। क्योंकि यहाँ पर live updates चलती रहती है।

और आपको इसमे तरह तरह के bugs और problem देखने को लगातार मिलते ही रहते है तथा आपको एक दिन में बहुत से updates देखने को मिलते है ।

तो ऐसे में कोई user तो इसको बिल्कुल भी इस्तेमाल नही कर सकता है।और यह open source chromium project पर काम करता है।

अगर आप developer है तो आप इस program को join कर सकते है और अपने skills यहाँ share कर सकते है जो कि users के लिए helpful हो सके।

तथा आपको यहाँ पर बहुत कुछ नया सीखने को भी मिलता रहेगा। आज के समय मे बहुत से programmers ऐसे ही platforms को join करके नए नए skills को सिख रहे है। और अपने education में वृद्धि कर रहे है।

Chrome और Chrome Beta Browser क्या है में क्या फर्क है:

Chrome beta version और chrome stable browser में काफी फर्क है। chrome stable browser सभी लोगो के लिए मौजूद होता है और इसको कोई भी व्यक्ति download करके इस्तेमाल करना शुरू कर सकता है।

वही Chrome Beta में कई प्रकार की कमियाँ भी मौजूद होती है। हालांकि  यह testing का final stage होता है जो कि कुछ ही users के इस्तेमाल के लिए होता है। लेकिन इसको stable नही माना जाता है।

यह केवल users की final राय लेने के लिए, जो कि stable version में आने वाले updates है, को पहले डाला जाता है। ताकि पूरी तरह से satisfy हो सके।

Chrome Beta Browser क्या है में minor updates हर week में होते रहते है और major update हर 6 week के दौरान roll out होता है।

वही chrome stable version का कोई ऐसा fix time update का नही रहता है। यहाँ जब भी bugs या कोई problem होती है तब update को rollout करके उसे fix किया जाता है।

लेकिन जो भी नए feature stable version में add होते है वो एक particular time के बाद ही होते है।

Google Chrome Version को कैसे check करे:

आप google chrome को web browsing के लिए इस्तेमाल करते है और अगर आपको यह जानने की इच्छा रखते है कि आपके phone या computer में chrome का कौन सा version installed है।

तो उसको आप आसानी से जान सकते है तो चलिए आपको बताते है कि कैसे आप mobile और computer में google chrome के installed version के बारे में पता कर सकते है।

Mobile में google chrome version की जाँच करने के लिए सबसे पहले google chrome को open कर लीजिए। अब आप उसमे settings को open कर लीजिए।

अब आपके सामने कई प्रकार के option आ जायेंगे। जिसमे से आपको सबसे नीचे वाले option जो कि ‘About Chrome’ का है उस पर click करना है।

अब जो next tab खुलेगा उसमे आपको अपने chrome version के related information मिल जाएगी।

Computer में chrome version को जानने के लिए आपको desktop में chrome को open करना है।

और यहाँ भी आपको right ऊपर तरफ corner में तीन dots देखने को मिल जायेंगे, जहाँ से कई प्रकार के option खुलते है।

आपको उस पर click करना है। इसके बाद आपको help वाले option में जाकर about chrome पर click करना है।

तब आपके सामने जो page खुलेगा, उसमे आपके chrome version से related information available होगी।

Beta को इस्तेमाल करने के लाभ और हानियां:

तो चलिए अब Chrome Beta Browser क्या है को इस्तेमाल करने के Pros और Cons  के बारे में भी जान लेते है।

Chrome Beta Version के Pros :
    • इसमे आपको नए features पहले इस्तेमाल करने को मिल जाते है।
    • Beta version का access केवल limited लोगो को ही मिलता है।
    • Beta testing के लिए और bugs की information देने पड़, कई बार users को reward भी दिया जाता है।
    • आप bugs के बारे में developers को report कर सकते है।
    • कई बार beta version में आपको premium features को free में इस्तेमाल करने को भी मिल जाता है।
Chrome Beta Version इस्तेमाल करने की Cons :
    • इसमे आपको छोटे मोटे bugs देखने को मिल जाते है।
    • कई बार कुछ ऐसे bugs रह जाते है जिनकी वजह से आपकी information भी hackers चुरा सकते है।
    • कभी भी अपने personal device जिसमे आप सभी तरह के काम करते है उसमें chrome beta version का इस्तेमाल न करे, क्योंकि हो सकता है कि bugs की वजह से आपकी security कोई आसानी से breach कर सके।
    • यह stable नही होता है और इस्तेमाल के दौरान इसमे आपको कभी कभी काफी परेशानियां हो सकती है।
    • अधिकतर लोगो को chrome beta version को test करने के लिए उनको को कोई भी पैसा नही मिलता है।

Google Chrome Beta Version को इस्तेमाल करते वक़्त किन सावधानियों को वर्तना चाहिए :

    1. कभी भी आप chrome beta version में अपनी personal detail को share न करे।
    2. Beta chrome को हमेशा किसी non personal phone में ही इस्तेमाल करे।
    3. Chrome beta में bugs हो सकते है। इस लिए आप इसका इस्तेमाल online shopping के लिए न करे।
    4.  हो सकता है कि beta में malicious website खुल जाए तो आप वैसे websites पर जाने से बचे।
    5. अगर आप Chrome beta को इस्तेमाल कर रहे है तो मैं आपको कोई भी online payment नही करने की सलाह दूँगा।
    6. हालांकि यह version भी chrome की तरह stable होता है काफी हद तक, परन्तु यह testing का ही हिस्सा है। इस लिए आप online payment के लिए chrome stable version का ही प्रयोग करे।
Conclusion :

उम्मीद है कि अब आपको पता चल गया होगा कि Chrome Beta Browser क्या है और यह किस प्रकार से chrome Browser से अलग है तथा इसका क्या उपयोग है और यह क्यों महत्वपूर्ण है।

Beta program testing का ही एक हिस्सा होता है जिसमे की केवल कुछ लोगो को इस program के तहत early access मिल जाता है। ताकि वो लोग उस program को इस्तेमाल कर सके और उसमे कमियों को निकाल सके।

मेरे ख्याल से तो यह बहुत ही बेहतरीन है। क्योंकि ऐसे में जब real product consumers के पास जाता हैं तो वह उनके लिए संतोषजनक होता है। तथा users को इस्तेमाल करने में भी परेशानियां न के बराबर आती है।

Beta programs में companies केवल user’s को program का early access ही नही देती बल्कि उनके behavior को track भी करती रहती है। और users के behavior के अनुसार अपने program को update भी करती रहती है।

दोस्तों अगर आप भी beta programs का हिस्सा बनना चाहते है और चाहते है कि आपको भी release से पहले ही किसी product का access मिले तो आप google play store पर जाकर beta program को join कर सकते है।

जिसमे कि आपको बहुत सारे companies के beta versions जो कि testing phase में है उनको use करने का मौका मिल जाएगा। लेकिन कई बार आपको इस्तेमाल करने में परेशानी भी होगी क्योंकि उनमें लगातार updates roll out  रहती है।

और कभी कभी कुछ functions भी काम करने बंद हो जाते है जो कि beta testing phase का ही हिस्सा होती है।

तो दोस्तों आप लोगो को हमारी यह जानकारी कैसी लगी आप अपनी राय comment box में जरूर share करे।

इसके साथ ही इस पोस्ट को अपने friends और family members के साथ साथ social media profiles पर भी share करे, ताकि अधिक से अधिक लोगो को Chrome Beta Browser क्या है के बारे में जानकारी प्राप्त हो।

 

 

 

 

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