Difference Between SEO And SEM In Hindi

Difference Between SEO And SEM In Hindi. Search optimization अपनी website पर traffic बढ़ाने और अपने online business को बढ़ाने के लिए बहुत आवश्यक होता है। SEO और SEM search optimization के ही part होते हैं और अपनी website को successful बनाने के लिए आपको दोनो की समझ होना और दोनों में अंतर पता होना चाहिए।

यदि आप SEO और SEM में अंतर नहीं जानते हैं तो अपनी website का search optimization करना आपके लिए कठिन हो सकता है।

कभी कभी दोनो की strategies same लगती है, लेकिन search optimization के लिए दोनों की approach अलग अलग है। यदि आप दोनों में अंतर नहीं जानते हैं तो आपको चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि इस post को पढ़ने के बाद आप SEO और SEM के बारे में और इन दोनों में अंतर जान जाएंगे।

दोनो में अंतर जानने से पहले यह जान लेना बहुत जरूरी है कि SEO और SEM होता क्या है। आईये इस बारे में जानते हैं:

Difference Between SEO And SEM In Hindi. What is SEO? SEO क्या है ?

Search Engine Optimization या SEO वह process है जिसमे हम कुछ factors को ध्यान में रखते हुए techniques और tactics लगाते हैं ताकि हमारी website या हमारे content की visibility increase हो, यह ज्यादा से ज्यादा लोगो तक पहुंचे और हमारी website पर ज्यादा traffic आये।

इसमे हमे हज़ारों चीज़ों को ध्यान में रखना होता है और तरह तरह की techniques का इस्तेमाल करना पड़ता है अपनी website को top पर लाने के लिए।

यह सारी मेहनत हम इसलिए करते हैं क्योंकि इससे मिलने वाले results बहुत ही शानदार होते है और साथ ही साथ बहुत profitable भी होते है। यदि एक बार हमारी website search engine में top पर आ जाती है तो इससे हमें बहुत फायदा होता है और हमारी earnings भी बढ़ जाती है।

SEO करते समय On-Page SEO, Off-Page SEO, Technical SEO, और इस तरह के ओर भी बहुत सारे factors को ध्यान में रखा जाता है। यदि आप SEO के बारे में और जानना चाहते हैं तो हमारा What is SEO (https://techbagz.com/seo-kya-hai-hindi/ ) article पढ़ें जिसमे हमने SEO के बारे में बहुत अच्छे से समझाया है।

Difference Between SEO And SEM In Hindi. What is SEM? SEM क्या है ?

Search Engine Marketing या SEM वह process है जिसमे हम Paid tactics और techniques का इस्तेमाल करते है अपनी website की visibility बढाने के लिए और उस पर ज्यादा traffic लाने के लिए।

इसमें आपको अपनी website को top पर लाने के लिए 8 से 12 months का इंतज़ार नहीं करना पड़ता। यह एक fast process होता है और इससे आपकी website बहुत जल्दी search engine के results में top पर आ जाती है।

जब भी आप Google, या Yahoo या अन्य किसी भी search engine पर कुछ भी search करते हैं तो बहुत बार ऊपर की 2 या 3 websites के ऊपर Ad लिखा होता है। और जो actual search result होते है वह उन 2-3 websites के नीचे से शुरू होते है।

जो ऊपर की 2-3 websites होती है उनको वहां show करने के लिए website owners search engine को पैसे देते है। वह ऊपर की 2-3 Ad वाली websites SEM से यहां आती हैं। जबकि उसके नीचे वाली websites SEO की मदद से वहां तक पहुंच पाती है।

सभी Search engines जैसे कि Google, Yahoo, Youtube, में ads run करवाने का feature होता है। इसमें आप search engine को कुछ पैसे देकर अपनी website, video या अपनी किसी blog post को कुछ समय के लिए search results में top पर ला सकते है।

इसमे आपको particular keyword select करना पड़ता है , जिस keyword पर आप अपनी website या अपने content को rank करवाना चाहते हैं।

उम्मीद है आप जान गए होंगे कि SEO vs SEM क्या होता है। चलिए अब इन दोनों में अंतर जानते है।

SEO vs SEM | Difference Between SEO And SEM | SEO और SEM में क्या अंतर है.

SEO और SEM में अंतर कुछ इस प्रकार है :

1. Investment:

SEO vs SEM में सबसे बड़ा difference है investment का। जैसा कि हम जानते है SEO में हम उन techniques और tactics का इस्तेमाल करते है जो पूरी तरह से free होते है। इसके लिए हमें Google को या किसी ओर search engine को कोई पैसा नहीं देना होता।

SEO एक organic तरीका है अपनी वेबसाइट पर traffic लाने का। इसमे हमे ना तो अपनी website को top पर लाने के लिए किसी को पैसे देने पड़ते हैं, और ना ही जब कोई हमारी website पर click करे तब किसी को कोई पैसे देने पड़ते है।

वहीं दूसरी ओर अगर हम SEM की बात करें तो इसमें वह techniques और tactics का इस्तेमाल किया जाता है जो कि paid होती है।

इसके लिए हमें Google या अन्य search engine को पैसे देने पड़ते है अपनी website या अपने किसी blog post को search results में top पर लेकर जाने के लिए। SEM से top लाई गई website पर जब भी कोई visitor click करता है तो आपको per click के हिसाब से search engine को pay करना पड़ता है।

2. Ad extension:

अक्सर आपने देखा होगा कि जब भी आप Google या अन्य किसी search engine में कुछ भी search करते है तो search results में ऊपर की 2 या 3 websites के आगे Ad लिखा हुआ आता है।

यह Ad केवल उन्हीं websites के आगे लिखा आता है जो SEM की मदद से यानी कि search engine को पैसे देकर top पर आई है। वहीं दूसरी ओर SEO से top पर आई websites के आगे ऐसा कुछ नही होता। और यह चीज एक normal visitor के लिए SEM से top पर लाई गई websites को , SEO से top पर लायी गयी websites से अलग करती है।

लेकिन अक्सर आपके साथ भी ऐसा होता होगा कि आप कुछ search करें और वहां Ad और without Ad वाली दोनों posts दिखाई दे तो आप Ad वाली posts को एकदम ignore कर देते होंगे और organic results वाली posts ही देखते होंगे। मेरे साथ भी अक्सर ऐसा ही होता है।

3. SEO vs SEM. Targeted audience:

Search engine की सबसे खास बात यह होती है कि वह आपके बारे में पूरी जानकारी रखता है। वह आपकी location, आप internet पर किस बारे में ज्यादा search करते है , किस बारे में कम search करते है, आप किस तरह की website पर जाना पसंद करते है.

In fact internet पर की गई आपकी हर एक activity पर पूरी नज़र रखता है। इसलिए जब भी कोई search engine को पैसे देता है किसी एक particular या targeted audience तक उसका content पहुंचाने की लिए तो search engine को पता होता है कि उसे वह content किस user तक पहुंचना है, और किस तक नहीं।

SEO search results हमेशा targeted keywords के हिसाब से होते है। उसमें targeted audience का कोई रोल नहीं होता। जब भी एक normal internet user वह targeted keyword search करता है तो उसको उस targeted keyword पर ranked posts दिखाई देती है।

फिर चाहे उस particular website के लिए वह user targeted audience हो या ना हो। वहीं दूसरी ओर SEM targeted keyword के साथ साथ targeted audience पर भी focus करता है। SEM से rank की गई websites या posts केवल targeted audience को ही show होती है ।

4. Value Addition Over Time:

Difference Between SEO And SEM In Hindi. SEO आपकी website की rankings को समय के साथ बेहतर बनाता है। यदि आपने अपनी website का proper SEO किया है तो जैसे जैसे समय बीतेगा वैसे वैसे आपकी website की ranking सुधरती रहेगी और आपकी website में value addition होता रहेगा।

वहीं दूसरी ओर SEM से rank की गई website में समय के साथ कोई value addition नहीं होता। आप चाहे 1 महीने के लिए SEM करे या चाहे 1 साल के लिए, लेकिन वह time period खत्म होने के बाद आपकी website की ranking वापस वहीं आ जाएंगी जहां SEM करने से पहले थी।

5. Time Took:

SEM की मदद से आप अपने content को बहुत जल्दी अपनी audience के सामने ला सकते है। जैसे ही आप Search Engine पर Ad Campaign run करते है उसके कुछ ही समय बाद आपकी website उस particular keyword पर top पर आने लगेगी।

SEM आपकी rankings को immediate impact करता है वहीं दूसरी ओर SEO आपकी rankings में impact डालने में समय लेता है। SEO आपकी website की ranking और visibility को धीरे धीरे समय के साथ improve करता है।

6. Efforts And Knowledge:

अपनी website को SEO से rank करवाने के लिए आपके पास SEO की अच्छी खासी knowledge होनी चाहिए और साथ ही साथ आप मेहनत करने के लिए भी तैयार होने चाहिए।

क्योंकि website का proper SEO करना बच्चों का खेल नही है। इसमें आपको अपना समय, अपनी मेहनत, और अपनी knowledge का इस्तेमाल एक साथ करना होता है।

वहीं दूसरी ओर अगर हम SEM की बात करें तो उसके लिए आपको इतनी knowledge की आवश्यकता नहीं पड़ती जितनी SEO में पड़ती है। साथ ही साथ SEM आपका समय भी कम लेता है और उसके लिए आपको मेहनत भी कम करनी पड़ती है।

ये भी पड़े : SEO Kya Hai? How Does Search Engine Optimization Work?

SEO vs SEM | Which one is better? | SEO और SEM में से कौनसा बेहतर है ?

Difference Between SEO And SEM In Hindi. वैसे तो हमने आपको SEO और SEM दोनो के मतलब भी समझा दिए है, और दोनों में अंतर भी बता दिए है। उम्मीद है अब आप decide कर पाएंगे कि आपकी website की लिए SEM और SEO में से कौन सा ज्यादा effective होगा और बेहतर होगा।

लेकिन यदि आप अभी भी confused है या जानना चाहते है कि दोनों में से कौन सा बेहतर है, तो चलिए जानते है।

SEO

SEO vs SEM | दोनो में से कौनसा बेहतर है ?

1. Check Your Competition :

यदि आप SEO और SEM में confused है तो सबसे पहले आपको जिस चीज़ पर ध्यान देना है वो है आपका competition. आपको देखना चाहिए कि आपके competitors क्या कर रहे है। वे कैसे अपनी website को optimize कर रहे है।

क्या वे अपनी website को rank करवाने के लिए SEO की मदद के रहे है, या SEM के जरिये वे उसे top पर ला रहे है। साथ ही आपको यह भी देखना चाहिए कि यदि वे SEM का इस्तेमाल कर रहे है तो किन terms, और keywords पर Ad campaigns run कर रहे है। और यदि SEO का इस्तेमाल कर रहे है तो किन keywords पर उनकी website rank हो रही है।

2. How Old Are You In Your Business:

दूसरी चीज जो आपकी confusion दूर करेगी वो यह है कि आप अपने इस business में कितने पुराने खिलाड़ी है। अगर आप इस field में बहुत पुराने है और आपको अच्छी खासी समझ है कि आपके readers को और आपके customers को क्या चाहिए तो आपको बिना किसी विचार के long term SEO strategy के साथ जाना चाहिए।

वहीं दूसरी ओर अगर आप इस field में नए है और अभी आपको ज्यादा knowledge नही है तो आपको SEM strategy के साथ जाना चाहिए।

Difference Between SEO And SEM In Hindi.

3. Age Of Your Business:

जो next factor है जिसे आपको consider करना चाहिए वह है आपके business की age। आपका business कितना पुराना है यह भी आपको decide करने में मदद कर सकता है कि दोनों में से कौन सा बेहतर है।

यदि आपने अभी एक नया business start किया है और एक नई website बनाई है तो SEO strategy के साथ जाने में बहुत समय लगेगा और आपकी website को top पर आने में कम से कम 6 से 8 महीने लग सकते है। इसीलिए यदि आपका business नया है तो आप SEM के साथ जा सकते है।

4. Consider The Average Cost-per-Click In Your Niche:

यह decide करने से पहले कि SEM आपके लिए सही है एक बार यह जरूर check कर ले कि आपकी industry में average cost per click कितना है। अलग अलग keywords की cost per click अलग अलग होती है।

यह  इस बात पर depend करता है कि उस keyword का competition कितना high है। यदि आपकी niche में cost per click low है तो इसका मतलब आपको कम पैसे खर्च करने पड़ेंगे और आप SEM को चुन सकते है।

वहीं दूसरी ओर अगर आपकी industry में cost per click high है इसका मतलब आपको ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे और SEM आपके लिए महंगा हो सकता है। इस case में आप SEO के साथ जा सकते है।

Difference Between SEO And SEM In Hindi. Frequently Asked Questions.

Q: What Does SEO Stand For?

Ans: SEO stands for Search Engine Optimization.

Q: What Does SEM Stand For?

Ans: SEM stands for Search Engine Marketing.

Q: Which Is Better, SEO or SEM?

Ans: यह पूरी तरह से कुछ factors पर depend करता है, जैसे आपका competition, आपका business कितना पुराना है, आपको अपने business की कितनी knowledge है, और आपकी niche में cost per click कितना है।

Difference Between SEO And SEM In Hindi.

Q: SEO vs SEM में क्या difference होता है?

Ans: SEO vs SEM में कई difference होते है, जिनमे से कुछ इस तरह है:

  • SEM में आपको पैसे देने पड़ते है, जबकि SEO एकदम free of cost होता है।
  • SEM में search results में आपकी website के आगे Ad लिखा आता है, जबकि SEO में ऐसा कुछ नहीं आता।
  • SEO को time लगता है लेकिन SEM immediate process होता है।
  • SEO के लिए आपको बहुत knowledge होनी चाहिए और आपको मेहनत भी करनी पड़ती है, वहीं दूसरी ओर SEM में आपको इतनी मेहनत नही करनी पड़ती और knowledge भी कम चाहिए।

Q: SEO vs SEM में क्या Similarities होती है?

Ans: SEO और SEM में कई Similarities होती है , जिनमे से कुछ इस तरह है:

  • दोनो ही आपकी website को search results में appear करते है।
  • SEO और SEM दोनो ही आपकी website पर ज्यादा traffic ले कर आते है।
  • दोनो ही specific keywords को target करते है, और keyword के basis पर आपकी website को search results में show करते है।
  • दोनो में continuous optimization की आवश्यकता होती है।

Q: क्या आप SEO और SEM दोनो Strategies साथ मे Apply कर सकते है ?

Ans: हाँ । अगर आप चाहे तो SEO vs SEM दोनो strategies को साथ में अपनी website पर apply कर सकते है।

Conclusion

SEO और SEM दोनो ही Search optimization strategies है। इन दोनों में से एक को चुनना quick process नही है। इसके लिए आपको बहुत सारे factors को consider करना चाहिए और बहुत सोच समझ कर ही चुनना चाहिए।

उम्मीद है आपको SEO और SEM में differences समझ आ गए होंगे। यदि आपको SEM और SEO से related कोई भी query है, तो नीचे comment box में comment करके mention करे। हम जल्द से जल्द उसको सुलझाने का प्रयास करेंगे।उम्मीद है की आपको ये आर्टिकल Difference Between SEO And SEM In Hindi पसंद आई होगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here