Difference Of Calculator And Computer.

Difference Of Calculator And Computer. क्या आपको मालूम है कि calculator और computer दोनों ही एक सिक्के के दो पहलू है। क्योंकि computer का प्राथमिक काम गणना करना ही है। और इसी के ऊपर पूरा computer based भी हैं। हालांकि की आज के modern computer calculator का काम के साथ साथ कई और भी तरह के काम करने में आज सक्षम है। 

आज के समय के हम computer पर अनेक प्रकार के task करते है। लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नही है। कि आज के समय मे लोग calculator का इस्तेमाल नही करते है। हाँ ये जरूर है कि calculator आज के समय मे mobile से लेकर computer हो या फिर smart watch सभी मे उपलब्ध है।

परंतु आज के समय मे भी calculator को ही fast और compact गणना करने के लिए जगह जगह पर इस्तेमाल किया जाता है।

आप ने अक्सर shops में देखा भी होगा कि जब भी आप अधिक समान खरीदते है, तो उसका price जोड़ने के लिए अधिकतर shop keepers calculator को use करते है ना कि computer या mobile को। हाँ लेकिन mobile आज के समय में एक alternative जरूर प्रदान करते है।

और हम जरूरत पड़ने पर उसको इस्तेमाल भी करते है। मगर calculator की एक अलग भूमिका है। जो कि हम कभी नही भूल सकते है और calculator का इस्तेमाल पहले भी होता था और आज भी होता है तथा आगे भी ऐसे ही होता रहेगा।

तो चलिए अब थोड़ा विस्तार से जान लेते है कि calculator क्या होता है और इसकी कितनी generation बीत चुकी है तथा computer क्या होता और computer की कितनी generations अभी तक आ चुकी है। और computer और Difference Of Calculator And Computer क्या है। तथा दोनों के क्या क्या फायदे है।

Difference Of Calculator And Computer.

Calculator क्या होता है।

Calculator एक गणना करने वाली machine है। जिसके द्वारा आप add, subtract, divide, multiply जैसे basic mathematical operations कर सकते है।

आज के समय मे calculator software के रूप में भी आते है जो कि mobiles में या computers में installed होता है। लेकिन hardware के रूप में छोटे और portable calculator device होते है। जो कि calculations को करने में सक्षम होते है।

Casio computer ने सबसे पहले commercialized electronic Calculator को सन 1957 में launch किया था, जो कि आज के मुकाबले बड़ा होता था। और समय के साथ इसमे कई बदलाव आते गए और आज computer और mobile में भी ये देखने को मिल जाते है।

Calculator नाम Latin शब्द calculare, से आया है इसका मतलब stones को counting के लिए इस्तेमाल करना होता है।

Computer क्या होता है।

कंप्यूटर एक Electronic Machine है जिसका  काम है आपके द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार कार्य करना है। परन्तु computer को सबसे पहले केवल Mathematical Problems को Solve करने के लिए बनाया गया था। Computer के नाम का आविष्कार Latin शब्द Computer के नाम पर हुआ हैं।

Difference Of Calculator And Computer

Computer का Full Form Commonly Operated Machine Particularly Used For Technical and Educational Research है।

Computer मुख्य रूप से तीन चरणों के रूप में कार्य को करता हैं। पहला है Input, Input वो प्रकिया है जिसमे कि आप कुछ Computer को करने के लिए आदेश देते है।

उसके बाद दूसरा चरण है Process, इस चरण के दौरान Computer हमारे द्वारा दिए गए आदेश को Process करता है।

उसके बाद तीसरा चरण है Output, इस चरण में जो भी आप ने Computer को command दिया होगा और जो Computer के द्वारा Process किया गया होगा, वह Display यानी में Monitor में आपको दिखाई देता है।

कंप्यूटर का आविष्कार Charles Babbage ने किया था। इन्होंने सन 1837 में ही सबसे पहले Mechanical Computer को बनाया था। जिसको उस वक़्त में Analytics Engine के नाम से जाना जाता था और इसमें Punch Card के द्वारा Data को input किया जाता था।

इसमे ALU, Basic Flow Control तथा Integrated Memory का Concept लागू किया गया था। इसी Nodel से design को आधार बनाते हुए आज के सभी Computers को Design किया गया है। और इसी योगदान के कारण उनको आज Computer का जनक कहा जाता है। 

Calculator के Generations

आज भले ही हम calculator के माध्यम से बड़े से बड़े calculations को आसानी से कर पा रहे है। लेकिन एक समय ऐसा था जब उँगलियों के माध्यम से संख्या को गिना जाता था। ऐसे समय में अधिक numbers exist नही करते थे।

लेकिन abacus पहला ऐसा official machine था जिसके द्वारा संख्याओं को गिना और जोड़ा जाता था। इसके बाद इसमे काफी समय समय पर बदलाव हुए और आज हम छोटे calculators को देख पा रहे है। तो चलिए calculators के generations को जान लेते है।

Calculating clock- यह पहली adding machine थी जिसको 1623 में बनाया गया था। और इसको Wilhelm schickard ने बनाया था। इसमे कई प्रकार के device लगे हुए थे जैसे कि एक mechanism  intermediate result को record करने के लिए होती थी वही 6 digit decimal adding device भी था।

पहला functional calculator- इसको 1773 में introduce किया गया था। और इसके inventor philip matthaus hahn थे। इनका मन एक ऐसा calculator  design करने का था जिसमे कि clock के parameters और planetarium को calculate करने के मदद करे।

इसलिए उन्होंने अपने calculator को stepped reckoner calculating machine पर आधारित किया और इसको 1672 में gottfried wilhelm leibniz ने develop किया। hahn का calculator 12 drum का set होती थी, जो कि circular agreement में होती थी और इसको activate करने के लिए crank का use होता था।

COMMERCIALLY PRODUCED MECHANICAL Calculator- 1820 में पहला commercial calculator को बनाया गया था और यह उस समय बहुत popular और successful भी रहा था। इसको Arithmometer के नाम से जाना जाता था और इसके Inventor Charles Xavier Thomas de Colmar थे। यह पहला calculator था जो कि addition, subtraction, multiplication और division को कर सकता था.

First all transistor Calculator- पहला transistor calculator 1954 में IBM के द्वारा बनाया गया था तथा इसका नाम IBM 608 था और ये 40 nine digit numbers को store कर सकता था। तथा लगभग 4500 additions प्रति second कर सकता था। इस IBM 608 में 3,000 से भी ज्यादा germanium transistors का इस्तेमाल हुआ था.

First truly pocket  calculator- यह calculator 1971 में invent किया गया था और इसमे led display लगा हुआ था। तथा यह pocket के size का था इस लिए इसका नाम Busicom LE-120A जिसको “HANDY” के नाम सभी जाना जाता था और यही नाम सबसे ज्यादा प्रचलित था।

हालांकि ये उस समय का सबसे महँगा calculator था इसलिए इसको गिरने से बचाने के लिए wrist strap attach किया गया था।

First programmable calculator- इस calculator को HP जो कि Hewlett-Packard के नाम से जाना जाता है ने बनाया था। और इस device का नाम HP-65 था। यह users को pre programs खरीदने के लिए और खुद 100 digit program को लिखने के लिए भी allow करता था।

First graphing calculator- यह calculator 1985 में invent किया गया था और इस device का नाम Casio fx-7000G था। इसमे 422 bytes की memory थी। जो कि 10 programs को store कर सकता था।

First graphing calculator with touch function- इस device को 2003 में बनाया गया था। और इसका नाम Sharp EL-9650 था। और इसको sharp ने बनाया था। इन्होंने पहले stylus based graphing calculator की शुरुआत की, इसमे एक slide show functionality थी जो कि teachers को pre-programmed lessons और formulas को पढ़ने की शुभिधा देता था।

Difference Of Calculator And Computer

Computer के generations

Computer को बनाने की शुरुआत कैसे हुई इसके बारे में तो सही से किसी को नही पता है। लेकिन Computer को बनाने के पीछे का मकसद ये था कि बड़े से बड़े Calculations को जल्दी और सही तरीके से Solve किया जा सके।

लेकिन Computer के क्षेत्र में, शुरुआत के समय मे ऐसे revolutionary आविष्कार हुए, जिसने कि Computer की सकल ही बदल कर रख दिया और आज Computer इतने छोटे हो चुके है कि हम आज इनको अपने साथ लेकर घूम पा रहे है।

लेकिन जो सबसे पहला Computer बना था वो लगभग 1 कमरे के Size का था और उसको चलाने के लिए अधिक ऊर्जा और Manpower की जरूरत पड़ती थी।

Computer Generations के बारे में जान लेते है.

First generation Computer- Computer की First Generation को 1940 से 1956 के बीच के वक़्त में बनाया गया था। इस Computer में Vacuum Tubes को Circuity और Magnetic Drum को Memory के लिए इस्तेमाल किया जाता था।

इसमे लगभग 18000 Vacuum Tubes लगे हुआ करते थे और यह बहुत ज्यादा जगह को घेरता था तथा इसको इस्तेमाल करने के लिए भी काफी energy की भी जरूरत पड़ती थी।यह Computer size में बड़े होने के कारण Heat भी अधिक Produce करता था। जो कि एक बड़ी समस्या थी। और इसमे UNIAC और ENIAC Machine Language का इस्तेमाल होता था।

Computer की दूसरी generation- कंप्यूटर की दूसरी Generation 1956 से 1963 के बीच मे introduce हुआ थी। जिसकी वजह से Computer के क्षेत्र बहुत बड़ा बदलाव आया था। Second Generations के Computer में Vacuum Tubes की जगह Transistors का इस्तेमाल किया गया था।

यह बहुत छोटे होने के साथ ही कम Space भी घेरते थे। जिससे कि computer का size छोटा करने में भी मदद मिली। और  यह कम Energy भी उपयोग करते थे तथा पिछले generation से ये Fast भी थे। परन्तु Heat की समस्या अभी भी बनी हुई थी लेकिन यह पहले Generation Computers के मुकाबले कम heat को generate करते थे।

Computer की third generation- Computer की third Generation 1964 से 1971 में बीच मे introduce हुआ था। इसमे Integrated Circuits का उपयोग किया गया था। इसमे छोटे Transistors को Silicon Chip में डाला गया था जिसे Sami Conductor कहा जाता था।

इससे सबसे बड़ा benefit ये हुआ था कि Computer की Processing Speed में काफी बढ़ोतरी हो गयी थी। इस Third Generation के Computer को ही पहली बार Market में लोगो के लिए Launch किया गया था। जिसमे कि Monitor और Keyboard तथा एक Operating System का इस्तेमाल किया गया था। जो कि काफी User Friendly था। और लोगो को बहुत पसंद भी आया।

Computer की fourth generation- Computer की fourth Generation 1971 से 1985 में हुआ था। इसमे Microprocessors का इस्तेमाल किया गया था। इसको कुछ इस प्रकार से  Design किया गया था, कि इसमें हजारो Intigrated Circuit को एक Silicon Chip में ही लगा दिया गया था।

जिससे कि Computer का size पहले से भी अधिक छोटा करने में काफी मदद मिली और Computer की Processing क्षमता भी पहले से बहुत तेज़ हो गयी। जिससे कि users को fast results मिलने लग गए।

Computer की fifth generation- इसके बाद 1985 के समय से Computer की Fifth Generation की शुरुआत हुई, जो कि आज तक जारी है। इसमें Artificial Intelligence को develop किया जा रहा है ताकि computers खुद ही अपने फैशले ले सके।

यह इतना शक्तिशाली होगा कि जब यह पूरी तरह से Develop हो जाएगा तो इसमें इतनी क्षमता होगी कि यह खुद सोच विचार और Decisions ले सकेगा। और हमारे आधे से ज्यादा काम बिना कहे खुद ही कर देगा।

Calculator And Computer.Calculator के प्रकार

ऐसे तो calculator के कई प्रकार internet पर उपलब्ध है लेकिन कुछ ही ऐसे महत्वपूर्ण प्रकार है जो कि सबसे ज्यादा इस्तेमाल में आते है।

Normal basic calculator- normal calculator को basic calculator के नाम से भी जाना जाता है। यह केवल basic calculations को करने के लिए इस्तेमाल होते है। जैसे कि add, subtraction, divide, multiply, और percentage आदि को calculate करने के लिए।

Scientific calculator- यह मुख्य रूप से engineering field में इस्तेमाल होता है। या फिर engineering के students इस calculator का use करके अपने mathematical problem को जल्दी solve करने के लिए इस्तेमाल करते है।

इसमें कई प्रकार के operations को किया जा सकता है। जैसे sin value को निकालना, log value को निकालना आदि। साथ ही basic calculator का काम भी ये करता है।

Financial calculator- इस calculator का इस्तेमाल finance के क्षेत्र में अधिक किया जाता है। जैसे कि CA के students हो गए या commerce के students, ये लोग इसका इस्तेमाल करके balance sheet, Cost sell margin और day calculations, Exponential regression, Full scientific, functions, Linear regression आदि काम करते है।

Graphic calculator- इसका इस्तेमाल angle, bar chart, complex number आदि में इस्तेमाल किया जाता है। यह मुख्य रूप से graphic designing student’s या फिर architecture student’s के लिए इस्तेमाल में आता है।

Calculator And Computer. Computer के प्रकार

तो चलिए अब computer के सभी प्रकार के बारे में जान लेते है। कि आज के समय मे कितने प्रकार के computers मौजूद है।

Desktop computers– desktop computers size में थोड़े  बड़े होते है और इनका वजन भी अधिक होता है। तथा इसको आप आसानी से कही भी ले जा नही सकते है। क्योंकि desktop computers में कई प्रकार के external input devices जुड़े होते है। जो कि computer को proper function करने के लिए जरूरी होते है।

यह दूसरे छोटे laptop computer के मुकाबले काफी ज्यादा power को भी consume करते है। लेकिन कई मायनों में laptop से बेहतरीन भी होते है।

Laptop– ये भी computer का ही एक छोटा रूप है। जिसको आप आसानी से कही भी carry कर सकते है। लेकिन यदि इनकी performance और काम करने की श्रमता की बात करे, तो ये computer के बराबर ही है। और आप इस पर वो सभी काम कर सकते है। जो कि आप एक desktop पर करते है।

लेकिन इनका compact और छोटा design होने के कारण आज भी laptops में heating की समस्या बनी हुई है। मगर latest generations के laptops में इस समस्या को भी काफी हद तक fix कर दिया गया है।

Super computers– super computers normal PC के मुकाबले बहुत ज्यादा शक्तिशाली होते है। इसका इस्तेमाल बड़े बड़े mathematical problems को solve करने के लिए किया जाता है। इसकी मदद से दवाइया बनाई जाती है।

Education sector में development किया जाता है। और cyber security world में भी इसकी मदद से data को सुरक्षित किया जाता है। अभी तक का सबसे fast super computer japan ने बनाया हुआ है। और उसको हाल ही में शुरू भी कर दिया गया है।

Cloud computers- cloud computers भी normal computers से अलग होते है। लेकिन ये काम भी normal computer की तरह ही करते है। इनकी खाश बात यह होती है कि cloud computer physical रूप से आपके पास available नही होता है। परन्तु ये virtual रूप से आपके पास मौजूद रहता है।

इस प्रकार के computers का उपयोग मुख्य तौर पर online gaming के लिए, mobile apps के लिए, बड़ी ecommerce website बनाने के लिए किया जाता है। ये भी आपके personal computers से कही गुना ज्यादा fast होते है।

MobileMobile भी computer का ही छोटा रूप होता है। और जिसमे कि computer के लगभग सभी काम हो जाते है। मगर ये computers की तरह शक्तिशाली नही होते है। लेकिन हाँ ये छोटे होने के साथ हल्के और easy to manage होते है।

आप mobile में internet का भी इस्तेमाल computer की तरह ही कर सकते है। अगर Wikipedia और google data reports को माने, तो आज computer के मुकाबले सबसे ज्यादा इस्तेमाल mobile में ही internet का होता है।

Differences क्या है।

CALCULATOR

1.Calculator केवल arithmetic operations को करता है।

2.Calculator में Memory install नहीं होती है।

3.Calculator केबल कैलकुलेशन की लिए Use किए जाते है|

4.Calculator के साथ ऐसा नही कर सकते है।

COMPUTER

1.Computer arithmetic और logical दोनों operations को कर सकते है।

2.Computers में calculator के मुकाबले अधिक capacity की memory install होती है।

3.Computer का इस्तेमाल हम entertainment purpose के लिए भी कर सकते है.

4.हम लोग computer को अलग अलग languages के साथ program करके अलग अलग result प्राप्त कर सकते है।

Similarities क्या है।

CALCULATOR

1.Screen होता है।

2.Microprocessor होता है जो कि data को process करता है।

3.Input के लिए external keyboard का use किया जाता है।

4.पहले से लेकर आज तक calculators का use गणना के लिए किया जाता है।

5.Operate करने के लिए power source की जरूरत पड़ती है।

COMPUTER

1.Screen होता है।

2.Microprocessor होता है जो कि data को process करता है।

3.Input के लिए external keyboard का use किया जाता है।

4.पहले computer का इस्तेमाल Calculation करने के लिए किया जाता था।

5.Operate करने के लिए power source की जरूरत पड़ती है।

Uses of Computer

  1. Medical क्षेत्र में दवाओं को बनाने के लिए और नए प्रकार के medical खोज के लिए computer का use किया जाता है।
  2. Computer को internet इस्तेमाल करने के लिए use किया जाता है।
  3. Educational क्षेत्र में computers का use किया जाता है, online study के लिए।
  4. Cyber world में सुरक्षा के लिए computer का इस्तेमाल होता है।
  5. Computer का use data को store करने के लिए किया जाता है।
  6. Computer को space programs में भी use किया जाता है।
  7. Computer का use आज के समय मे online business को establish करने के लिए भी किया जा रहा है।

Uses of Calculator

  1. Calculator को मुख्य तौर पर normal calculations के लिए use किया जाता है।
  2. इसका इस्तेमाल ज़्यादातर पंसारी के shops में use देखने को मिलता है।
  3. इससे fast और accurate result मिलते है।
  4. इसका use finance के क्षेत्र में किया जाता है।
  5. इसमे scientific calculations जैसे logarithm, sin logs आदि को भी calculate किया जा सकता है।

Advantages Of Calculator And Computer

Advantages Of Calculator

1.Calculator से आप fast calculation कर सकते है।

2.यह easy to carry होता है। और इसे कही भी आसानी से ले जा सकते है।

3.इसको आप छोटे जगह पर कही भी रख सकते है|

4.Calculator को खाश तौर पर केवल गणना करने के लिए ही बनाया जाता है।

5.यह हमेशा सही जबाब ही आपको प्रदान करता है।

6.इसमे एक बार battery डालने के बाद calculators सालो तक चलते है।

7.इसकी maintenance fees बहुत ही कम है या यूं कहें कि न के बराबर है।

Advantages Of Computer

1.इसमे आप अनेक प्रकार के काम कर सकते है।

2.Computer में आप software की मदद से  calculator का इस्तेमाल कर सकते है। यहाँ तक कि नए नए functions को भी add कर सकते है।

3.Computer कई गुना fast किसी भी चीज़ का result निकाल कर देता है।

4.Computer में आप multitasking भी कर सकते है। मतलब की एक ही समय मे दो या उससे अधिक काम कर सकते है।

5.Computer में केवल काम ही नही बल्कि games भी आप आसानी से खेल सकते है।

6.Computer में आप video editing भी कर सकते है। और इसके जैसे कई और graphic के कामो को भी किया जा सकता है।

7.Computer के जरिये आप internet को भी इस्तेमाल कर सकते हैं। जहाँ आप दुनिया से जुड़े रह सकते है।

Disadvantages Of Calculator And Computer

Disadvantages Of Calculator

Calculator का सबसे बड़ा disadvantage ये है कि इसका इस्तेमाल करने से सबसे ज्यादा गलत प्रभाव हमारे मानसिक calculations करने की क्षमता पर पड़ता है। 

क्योंकि यदि आप छोटे छोटे calculations भी जब calculator से करने लगते है तो आप का दिमाग उसी का आदि हो जाता है और यदि जब आप के पास calculator मौजूद नही होता है तो आप छोटे calculations को भी जल्दी solve नही कर पाते है।

इसलिए छोटे बच्चों को calculator बचपन से इस्तेमाल नही करने दिया जाता है, ताकि वो लोग basic calculations को सीख सके और केवल calculator पर depend न रहे। calculator का इस्तेमाल केवल बड़े calculations के लिए ही करना चाहिए। और बिना जरूरत के इसका इस्तेमाल न ही करे तो बेहतर रहेगा।

Disadvantages Of Computer

वैसे तो computer के disadvantage से ज्यादा advantages है। लेकिन computer छोटे बच्चो में इतना popular हो गया है कि आज के समय मे बच्चे computer का इस्तेमाल सबसे पहले games को खेलने के लिए करते है।

जिससे कि अधिक समय तक computer पर game खेलने से उसका दुस्प्रभाव उनकी आंखों पर पड़ता है। और कम उम्र में ही बच्चों को चश्मा लग जाता है।

Difference Of Calculator And Computer – FAQ

Q) पहला Calculator कब और किसने बनाया था।

Ans. 1642 में पहला calculator बनाया गया था जो कि clockwork type mechanism पर काम करता था। ये pascal calculator को French inventor और  mathematician Blaise Pascal ने बनाया था। जो कि arithmetic calculations पर आधारित था।

Q) Calculator को क्यो इस्तेमाल किया जाता है

Ans. Calculator का इस्तेमाल ऐसे तो कई प्रकार के purposes के लिए किया जाता है। लेकिन सबसे ज्यादा इसका  इस्तेमाल addition के लिए किया जाता है।

Q) पहला Functional Calculator कौन सा था।

Ans. पहला COMMERCIALLY PRODUCED MECHANICAL Calculator 1820 में बनाया गया था। इस Device का Name Arithmometer था एयर इसके Inventor Charles Xavier Thomas de Colmar थे।

Q) Computer को कब और किसने बनाया था।

Ans. पहला कंप्यूटर Charles Babbage ने 19वी सदी में बनाया था। और यह एक analytical engine था।

Q) Computer को क्यो इतना अहमियत दिया जाता है।

Ans. Computer एक समय मे कई प्रकार के कामो को कर सकता है। और ये बहुत fast होते है। इसलिए इसको सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। task को perform करने के लिए और data को store करने के लिए।

Q) Computer का full form क्या है।

Ans. Computer का Full-Form Commonly Operated Machine Particularly Used for Technical and Educational Research होता है।

Conclusion

इस पोस्ट Difference Of Calculator And Computer में आप ने जाना है कि calculator और computer कैसे अलग है। और कैसे ये दोनों ही साथ मे जुड़े हुए भी है और calculator और computer की कितनी पीढियां अभी तक बीत चुकी है। और इनके फायदे और नुकसान क्या है।

दोस्तो अगर computer और calculator की तुलना करें तो आज के समय में दोनों में ही जमीन आसमान का अंतर है। क्योंकि आज के समय मे जो computer है, वो न केवल calculator का काम कर सकते है। बल्कि इसके इलावा भी कई काम कर सकते है।

और आज के समय में ये एक important उपकरण बन गया है। जिसके बिना किसी भी sector में काम कर पाना मुश्किल सा हो गया है। वही calculator का भी इस्तेमाल आज भी जोड़े से हो रहा है। आज के modern calculators लोगो की financial problem को भी कुछ seconds में solve करने की ताकत रखते है। जिस कारण आज भी इनका इतना बोल-बाला है। और हमेशा रहेगा।

दोस्तो आप लोगो को हमारी computer और calculator के बारे में दी गयी जानकारी कैसी लगी आप अपनी राय जरूर दे। और इस post को दूसरों के साथ भी share करे, ताकि अधिक से अधिक लोग computer और calculator के बारे में जान सके।

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