Importance Of Low Carbon Future

Importance Of Low Carbon Future. दुनिया भर में वायु प्रदूषण के कारण होने वाले climate change की वजह से सभी देशों की चिंताएं बढ़ गई हैं। ऐसे में सभी देश अपने-अपने स्तर पर काम कर रहे हैं। क्योंकि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वातावरण में कार्बन डाइआक्साइड की मात्रा बढ़ेगी और इससे धरती का तापमान बढ़ेगा जिसे आज global warming के नाम से भी जाना जाता है।

कार्बन के उत्सर्जन को कम करने के लिए क्या-क्या किया जा सकता है और इसकी जरूरत क्यों है इन सब के बारे में नीचे दिया गया है। इसके लिए सरकार अपने स्तर पर और आम व्यक्ति अपने स्तर पर कोशिश कर सकते हैं।

Low carbon future/economy  क्या है?

Low carbon economy एक ऐसी economy है जिसके मदद से हम भविष्य में वातावरण में कार्बन के उत्सर्जन को कम कर सकते हैं और पर्यायवरण को बचा सकते हैं। दुनिया भर में green house gas का उत्सर्जन बढ़ रहा है क्योंकि मानव अधिकतर ऊर्जा के लिए जिन संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं उससे carbon उत्सर्जित होता है। ये अधिकतर कार्बन डाइआक्साइड (CO2) और methane के रूप में वातावरण में निकलता है।

Low carbon future को देखते हुए बिना देश के विकास को रोके एक ऐसी economy विकसित करना जिसमें carbon उत्सर्जित करने वाले संसाधनों को कम इस्तेमाल किया जाए और उसकी जगह renewable energy sources, eco friendly या कम कार्बन उत्सर्जित करने वाले व्यवस्था का इस्तेमाल किया जाए यही low carbon economy कहलाता है।

Low Carbon Future की जरूरत क्यों है?

Low Carbon Future कई तरह के मानव गतिविधियों जैसे ऊर्जा के लिए कोयला जलाना या इसके जैसे अन्य कारण जो वायु में कार्बन की मात्रा को बढ़ा रहे हैं इनकी वजह से carbon dioxide की मात्रा वातावरण में बढ़ती जा रही है और इससे पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है जिसे ग्लोबल वार्मिंग के नाम से जाना जा रहा है।

असल में दुनिया में ऊर्जा के लिए अधिकतर देश कोयला या तेल पर निर्भर हैं और इनके जलने से carbon dioxide उत्सर्जित होता है और हवा में मिलकर हवा को दूषित करता है। carbon dioxide एक green house gas है ये वातावरण में एक layer बनाकर धरती पर आए हुए सूरज की किरणों को रोकता है धरती को गर्म करता है।

वैसे सामान्य मात्रा में इसका वायु में होना जरूरी है लेकिन मानव गतिविधियों के कारण इसकी मात्रा सामान्य से अधिक होती जा रही है और इससे पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है। इससे दुनिया भर में गर्मी बढ़ने के साथ-साथ climate change भी हो रहा है।



वातावरण में अधिक carbon dioxide से नुकसान

Low Carbon Future, वायु में कार्बन डाइआक्साइड (CO2) के अधिक होने से global warming की समस्या दुनिया भर में बढ़ रही है। यदि इसे नहीं रोका गया तो इससे climate मे बहुत बड़ा बदलाव हो सकता है और हो भी रहा है। जैसे की कहीं पर बहुत अधिक बारिश और कहीं पर सूखा।

गर्मी बढ़ने की वजह से बहुत सारे glacier पिघल रहे हैं। यदि ये ऐसे पिघलते रहे तो आने वाले समय में समुद्र का जलस्तर बढ़ने लगेगा और दुनिया के बहुत सारे देश पानी में डूब जाएंगे और बाढ़ आया जाएगी।

Low carbon economy के फायदे

वातावरण में कम कार्बन उत्सर्जित के अनेको फायदे हैं। इससे ecosystem, स्वास्थ्य और जलवायु रोजगार आदि क्षेत्रों को काफी हद तक फायदा पहुँचने वाला है। चलिए इनके बारे में थोड़ा और जानते हैं-

एकोसिस्टम (Ecosystem)

लो कार्बन economy विकसित होने से हमारे ecosystem को फायदा होने वाला है। इससे कार्बन संबंधी प्रदूषण कम होने से हमारे biodiversity की रक्षा होगी और हमें शुद्ध वातावरण मिलेगा। इसके साथ ही ग्लोबल वार्मिंग और इसकी वजह से जो जलवायु परिवर्तन दुनिया भर में देखा जा रहा है उससे बचा जा सकेगा।


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स्वास्थ्य (Health)

Low Carbon Future, हमारे वायुमंडल में सभी गैस की निश्चित मात्रा है, लेकिन कार्बन के अधिक उत्सर्जन होने की वजह से इसका अनुपात बिगड़ रहा रहा है जिसका सीधा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। कई शहरों में लोगों के फेफड़े खराब हो रहे हैं। ऐसे में यदि लो कार्बन economy को अच्छे से विकसित किया जाए तो इन समस्याओं को कम किया जा सकता है।

रोजगार (Job creation)

हमारे देश में पहले से ही बेरोजगारी काफी अधिक है और बहुत सारे लोगों को अपना जीवन यापन करने के लिए घर छोड़कर दूसरे राज्य के शहरों में काम करना पड़ता है। ऐसे में Low Carbon Economy विकसित करना नए रोजगार का अवसर प्रदान करना है।

क्योंकि low carbon economy को विकसित करने के लिए हमें नए ऊर्जा के स्त्रोत बनाने होंगे। जैसे की यदि हम ethanol को ईंधन के तौर पर इस्तेमाल करें तो इसे अपने देश में निर्मित भी करना पड़ेगा और इसके लिए लोगों की जरूरत पड़ेगी जिससे देश को रोजगार मिलेगा।  

खेती के अवशेषों का उपयोग (Waste material utilisation)

हमारे देश के बहुत सारे क्षेत्रों में धान और गेहूं की खेती की जाती है और इनके अवशेषों को जला दिया जाता है। जिसकी वजह से बहुत ही अधिक मात्रा में carbon dioxide उत्सर्जित होता है और हवा मे मिलकर उसे प्रदूषित करता है।

यदि इन अवशेषों को सड़ाकर इनसे एथानॉल बनाया जाए तो इसे ईंधन के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है और साथ ही इन अवशेषों को जलने से रोका जा सकता है। जिससे हमें ईंधन भी मिल जाएगा और खेती के अवशेषों का भी इस्तेमाल हो जाएगा।   



Importance Of Low Carbon Future – Low carbon future कैसे मिलेगा?

हमे Low Carbon Future प्राप्त करने के लिए कई तरह के बदलाव करने पड़ेंगे। कुछ पहले से हो रही चीजों को रोकना और कुछ नई चीजों को करने से हम इसे प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए हमे ईंधन के ऐसे स्त्रोत को इस्तेमाल करना होगा जिससे कार्बन का उत्सर्जन कम हो।

चलिए ऐसे तरीकों के बारे में जानते हैं जिनके जरिए हम भविष्य में Low Carbon Future विकसित कर सकते हैं-

पेड़ लगाना

जैसा की आपको पता होगा कि पेड़ सूरज की रोशनी में photosynthesis की प्रक्रिया करते हैं और इसमें वो वातावरण से carbon dioxide को अवशोषित करते हैं और oxygen को विसर्जित करते हैं इससे वायुमंडल में कार्बन की मात्रा कम होती है। इसलिए हमें और अधिक पेड़ लगाने चाहिए।

इसमें खासकर पीपल के पेड़ काफी कार्बन की मात्रा को कम करते हैं। क्योंकि ये रात में भी जब सूरज की रोशनी नहीं होती तब भी carbon dioxide को अवशोषित करते हैं और आक्सिजन को विसर्जित करते हैं।

Importance Of Low Carbon Future.

जंगल की क्षति को रोकना

जैसे-जैसे मानव जनसंख्या बढ़ रही है वैसे ही और अधिक भूमि की जरूरत पड़ रही है ऐसे में लोग जंगल काटकर वहाँ खेती कर रहे हैं और वहाँ पर घर भी बना रहे हैं। उदाहरण के लिए south America में स्थित amzon rainforest के पूर्वी हिस्सों की जबरदस्त कटाई हुई है।

इसके अलावा सभी देशों में अपने-अपने स्तर पर लोगों ने कटाई की है। यदि हमें low carbon future चाहिए तो इनकी कटाई रोकनी होगी नहीं तो carbon की मात्रा ऐसे ही बढ़ती रहेगी और हम low carbon future को कभी पूरा नहीं कर पाएंगे।

ऊर्जा के लिए new sources का इस्तेमाल

Low Carbon Future.वायुमंडल में कार्बन की मात्रा बढ़ने के पीछे का एक बड़ा कारण ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए ईंधन का जलना भी है। क्योंकि दुनियाभर में कोयला और अन्य पेट्रोलियम पदार्थ को जलाकर ही ऊर्जा उत्पन्न की जाती है।

और इनकी वजह से बहुत अधिक मात्रा में कार्बन का उत्सर्जन होता है। इसलिए हमें इनकी जगह पर ऐसे ऊर्जा के स्त्रोत इस्तेमाल करने चाहिए जिसमें कार्बन का उत्सर्जन या तो बहुत कम हो और या तो हो ही ना।

इस तरह के ऊर्जा स्त्रोत उपलब्ध हैं और दुनिया भर में इनका इस्तेमाल भी हो रहा है। लेकिन अभी ये छोटे स्तर पर हो रहा है जबकि low carbon future के लिए हमें पूरी तरह इन्हीं पर निर्भर होना पड़ेगा जिससे कार्बन का उत्सर्जन ना हो। इस तरह के कुछ ऊर्जा स्त्रोत नीचे दिए गए हैं।

Importance Of Low Carbon Future – Other Sources

Nuclear energy

ये ऊर्जा का ऐसा स्त्रोत है जिसमें काफी कम उत्सर्जन होता है लेकिन ये अन्य कारणों से खतरनाक हो सकता है। इसमें uranium और plutonium जैसे element का nuclear reaction कराकर ऊर्जा उत्पन्न की जाती है। इसके लिए nuclear fusion, nuclear fission और nuclear decay जैसे reaction का इस्तेमाल किया जा सकता है।

लेकिन इस तरह के reaction के लिए एक खास तरह का system बनाना पड़ता है ताकि इस reaction की ऊर्जा को नियंत्रित किया जा सके। इसमें इतना अधिक ऊर्जा निकलता है की अगर इसे control ना किया जाए तो ये काफी विनाश कर सकता है। 

Solar energy

Low Carbon Future में ये ऊर्जा उत्पन्न करने का बहुत ही अच्छा और सुरक्षित तरीका है। इसमें सूरज की रोशनी और गर्मी से electrical energy और heat energy बनाई जा सकती है। ये एक renewable energy source है और जब तक सूरज रहेगा तब तक हम इसे बना सकते हैं।

इससे वातावरण को नुकसान नहीं होता है लेकिन ये थोड़ा महंगा होने की वजह से बड़े स्तर पर अभी इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है।

Importance Of Low Carbon Future – Wind energy

ऐसे क्षेत्र जहां पर अधिकतर हवा चलती है वहाँ इस हवा का इस्तेमाल करके wind energy बनाया जा सकता है। इसे भी शुरू किया जा चुका है लेकिन अभी और बड़े स्तर पर बनाना चाहिए ताकि हम इसका और भी फायदा उठा सकें। ये भी प्राकृतिक और renewable energy source है।

इसमें wind turbine का इस्तेमाल किया जाता है और जब ये turbine हवा की वजह से घूमता है तो उसमें से electrical energy उत्पन्न होती है।


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Hydro energy

ये भी renewable energy का एक स्त्रोत है इसमें पानी के लहर की मदद से बिजली बनाई जा सकती है। इसमें पानी के kinetic energy का इस्तेमाल कर उससे बिजली बनाई जाती है।

इसी के लिए बड़े-बड़े dam बनाए जाते हैं और उनसे बिजली उत्पन्न की जाती है। इसी को और भी बड़े स्तर पर बनाकर हम बिजली उत्पन्न कर सकते हैं। जैसे की बड़ी-बड़ी नदियों में भी हम कई जगह इस तकनीक से थोड़ी-थोड़ी बिजली बनाकर भी बड़े स्तर पर बिजली बना सकते हैं।

सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करना-Using public transport

Low Carbon Future.हमारे देश में बहुत सारे लोग अकेले जाने के लिए भी चार पहिया वाहन का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में आपके वाहन का ईंधन तो खर्च होता ही है लेकिन आपके वाहन में काफी सारा खाली जगह बच जाता है।

वास्तव में देखा जाए तो इससे ईंधन कि भी बर्बादी हो रही है और साथ ही अधिक ईंधन के जलने से और अधिक कार्बन का उत्सर्जन हो रहा है। यदि आप सार्वजनिक ईंधन का इस्तेमाल करते तो आपके वाहन द्वारा खर्च हुआ ईंधन बच जाता और उतना ही कम कार्बन भी निकलता.

Importance Of Low Carbon Future – कृषि अवशेषों का बेहतर प्रबंध

कृषि में बचे हुए अवशेषों का ठीक से प्रबंधन नहीं होने के कारण किसान इसे जला देते हैं और इससे काफी मात्रा में carbon dioxide निकलता है और हवा में मिल जाता है। यदि इनका बेहतर प्रबंधन किया जाए तो इन्हे सड़ाकर खाद या अन्य चीजें बनाई जा सकती हैं। इससे कृषि अवशेष का इस्तेमाल भी हो जाएगा और नया उत्पाद भी बन जाएगा। 

ऊर्जा का व्यवस्थित ढंग से इस्तेमाल करना

Low Carbon Future. जब भी किसी ईंधन को जलाकर उससे ऊर्जा उत्पन्न की जाती है तो किसी एक खास काम के लिए किया जाता है। जैसे की यदि गाड़ी में पेट्रोल डालकर चलाया जाए तो उससे गाड़ी चलेगी लेकिन यदि उसी ऊर्जा को और व्यस्थित तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो उसकी kinetic energy को store करके उसे फिर से इस्तेमाल किया जा सकता है।

इसके लिए आप उसके पहिये के साथ dynamo का इस्तेमाल कर सकते हैं। यदि आप चलती हुई गाड़ी पर कोई फैन लगाते हैं तो वो काफी तेज घूमता है और यदि उसकी जगह wind turbine लगा दिया जाए तो उससे भी ऊर्जा उत्पन्न की जा सकती है।



निष्कर्ष:

वातावरण में कार्बन कम करने के लिए हमें low carbon economy विकसित करनी पड़ेगी जिसमें बिना विकास को बाधित किये हम कार्बन के उत्सर्जन को कम कर सकेंगे। इसके लिए सरकार भी प्रयासरत है और हमें भी अपने स्तर पर प्रयास करना चाहिए तभी हम Low Carbon Future को पा सकेंगे।

इसके लिए पहले से हो रही पेड़ की कटाई को रोकना होगा और फिर से और पेड़ लगाना होगा। इसके लिए सरकार ने कड़े कानून बनाए हैं और हमें भी अपनी जिम्मेदारी समझकर वातावरण में कार्बन के उत्सर्जन को कम करना चाहिए।

यदि वायुमंडल में बढ़ते हुए कार्बन को कम नहीं किया गया तो इसके भयानक परिणाम होंगे। अभी से ही ये global warming और climate change के रूप में हमारे सामने है और यदि आगे भी ऐसा रहा तो इसका नतीजा मानव जीवन को खतरे में डाल सकता है।उम्मीद है आपको ये Article Importance Of Low Carbon Future पसंद आये होगी। आपको क्या सोचते है Comment करके जरूर बताये।

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