Hearing Aids क्या है, Hearing aids की ताज़ा ख़बर
Hearing Aids

Hearing Aids क्या है,किसी इंसान की जिंदगी में सुनने की क्षमता का होना बेहद ज़रूरी है.दुर्भाग्य से अगर किसी व्यक्ति में सुनने की क्षमता नहीं है या किसी कारणवश चली गई है.

तो उसका जीवन अधूरा सा हो जाता है.कई बार देखने को मिलता है कि उम्र बढ़ने के साथ ही सुनने की क्षमता में कमी आ जाती है.तो कई बार बचपन से ही ना सुनाई देने की समस्या होती है.

किसी व्यक्ति के सुनने की क्षमता का कम हो जाना या बचपन से ही सुनाई ना देने की समस्या के विकल्प के लिए ही Hearing Aids का उपयोग किया जाता है.तो चलिए, इस आर्टिकल में उसी Hearing Aids के बारे में बताते हैं.

इसमें आप तो बताएंगे कि हियरिंग एड्स क्या है (What is Hearing aids in Hindi). इसके प्रकार कितने हैं. भारत में Hearing Aids की कीमत कितनी है.तथा आप एक बेहतर है Hearing Aids कैसे चुन सकते हैं.

इसके अलावा आपको इस आर्टिकल में Hearing Aids के इतिहास तथा इससे जुड़ी कई और महत्वपूर्ण बाते बताएंगे.

हियरिंग एड्स क्या है – What is Hearing Aids

आपने कभी ना कभी किसी के कान में एक विशेष तरीके का मशीन लगा हुआ देखा होगा.ये मशीन Hearing Aids ही होता है.इसका काम सुनने की क्षमता को और बेहतर करना होता है.

हियरिंग एड्स की परिभाषा (Hearing Aids Definition in Hindi) के हिसाब से बताएं की Hearing Aids kya hai.तो बता दें कि hearing Aids एक Electronic Device है.

यह डिवाइस लोगों के सुनने की क्षमता को बेहतर करता है.ये मशीन उन लोगों को दिया जाता है.जिन्हें आमतौर से सुनने में दिक्कत होती है या उन्हें काफी ऊंचा सुनाई देता है.

Hearing Aids काफी छोटे होते हैं जो कि बैटरी से चलते हैं.इन्हें आसानी से कान में पहना जा सकता है.यह कान के आसपास या अंदर भी फिट किया जा सकता है.

काम कैसे करता है – How Its Works

Hearing Aids कई अलग-अलग Parts से मिलकर बने होते हैं.लेकिन इनमें सबसे महत्वपूर्ण Microphone, Amplifier तथा Receiver होता है.

Microphone का काम ये होता है कि आसपास के आवाज़ (Sound) को कैच करता है.Amplifier इस आवाज को और ऊंचा (Louder) बना देता है.

इसके बाद Receiver एंपलीफायर द्वारा ऊंचे किए गए आवाज को कान के भीतर भेजता है.जिससे कि कम सुनाई देने की समस्या से ग्रसित व्यक्ति भी Hearing Aids की मदद से काफी आसानी से साफ-साफ सुन पाते हैं.

इतिहास – History

Hearing Aids का इतिहास काफी पुराना है.इतिहास के पन्नों से पता चलता है कि Hearing Aids की खोज लगभग 17th सेंचुरी में ही हो गई थी.

उस समय जो Hearing Aids बनाए गए थे उनमें किसी तरह से इलेक्ट्रॉनिक का उपयोग नहीं किया गया था.बल्कि जानवरों के सिंग की मदद से यह हियरिंग ऐड्स बनाए जाते थे. यह उस समय के हियरिंग ऐड हैं जब विज्ञान आधुनिक नहीं हुआ था.

जब 1876 में Alexander Graham Bell ने टेलीफोन की खोज की.तो इसके साथ एक ओर जहां संचार के क्षेत्र में क्रांति आई.वहीं, Hearing Aids के क्षेत्र में भी टेलीफोन की खोज की वजह से ही क्रांतिकारी बदलाव हुए.

टेलीफोन में ऐसी तकनीकों का प्रयोग किया गया था, जिससे आवाज की तीव्रता से कम या ज्यादा किया जा सकता था.साथ ही फ्रीक्वेंसी को भी नियंत्रित किया जा सकता था.

➡ Keyboard क्या है.

First Hearing Aids.

इन्हें तकनीकों से प्रेरणा लेते हुए 1898 में Miller Reese Hutchison ने पहला Electronic Hearing Aids बनाया.1898 में ही खोज होने के बावजूद आम जनता तक इसे पहुंचने में काफी समय लगा.पहली बार 1913 में इसका मैन्युफैक्चरिंग शुरू हुआ.

ये Hearing Aids इतने सरल नहीं थे कि इन्हें कहीं भी आसानी से लाया ले जाया सकता था.इनका आकार बड़ा और जटिल होता था.

Hearing Aid  को और सरल तथा लोगों के इस्तेमाल के लिए आसान बनाने के लिए लगातार खोज किए जाते रहे.इसी क्रम में 1920 में  vacuum tube hearing Aids बनाए गए। इसके बाद 1948 में ट्रांजिस्टर के उपयोग से भी Hearing Aids बनाए गए.

1970 के दशक में Microprocessor तथा multi-channel amplitude compression तकनीक की खोज ने Hearing Aids क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव किए.इनका उपयोग करके बेहद छोटे और हल्के Hearing Aids का निर्माण सफल हो पाया.जिसे आज तक हल्के बदलाव के साथ इस्तेमाल किया जाता है.

हालांकि Hearing Aids का विकास यहीं नहीं थमा.बल्कि और आधुनिक बनाने के लिए खोज किए जाते हैं.इस कारण 1990 में पहली Digital Hearing Aids बनाने में सफलता मिल गई.

पिछले कुछ वर्षों में टेक्नोलॉजी के आधुनिक होने का फायदा हियरिंग ऐड्स के क्षेत्र में भी देखने को मिला है. 2010 के आसपास Bluetooth Hearing Aids भी बना लिया गया.

Bluetooth Hearing Aids की खासियत यह है कि इसका Use बेहद सरल होता है.यह काफी छोटे, हल्के तथा भरोसेमंद होते हैं।

प्रकार – Types Of Hearing Aids.

हियरिंग एड्स मुख्य रूप से 2 प्रकार के होते हैं –

1. Analog Hearing Aids –

Analogue hearing aids sound wave को Electrical Signal में बदलता है.तथा फिर इसे ऊंची आवाज में बदल देता है.इस तरह के Hearing Aids सस्ते तथा आसान Volume Control के साथ आते हैं.

2. Digital Hearing Aids –

वर्तमान समय में Digital Hearing Aids का उपयोग बड़े स्तर पर किया जाता है.Digital Hearing Aids एक कंप्यूटर की तरह ही Coding का इस्तेमाल करते हुए Sound Wave को Numerical Codes में बदल देता है.ये Codes फिर ऊंची आवाज में बदल जाते हैं.

इसका फायदा यह होता है कि ये आवाज को ज्यादा बेहतर तरीके से समझता है.तथा व्यक्ति की आवश्यकता के अनुसार ही उस आवाज को ऊंची आवाज में बदलता है.इसके अलावा यह बाहरी वातावरण के आधार पर ही Automatically Adjust भी कर लेता है.

इस तरह के Hearing Aids काफी छोटे तथा काफी Powerful होते हैं.इतनी खूबियों से लैस होने की वजह से इसकी कीमत Analog Hearing Aids के मुकाबले काफी अधिक होती है.

स्टाइल – Style of Hearing aids.

Hearing Aids यूं तो कई स्टाइल के होते हैं.लेकिन वर्तमान समय में निम्नलिखित 3 का उपयोग ही अधिक होता है.

1. Canal Hearing Aids –

इस तरह के हेयरिंग ऐड्स को सीधे मरीज के कान के भीतर ही लगा दिया जाता है.इस कारण इसे बाहर से देखना फ्री काफी मुश्किल होता है.Canal Fitting के आधार पर इसके कई अलग – अलग प्रकार होते हैं.

2. In the Ear (ITE) –

इस तरह के हियरिंग ऐड्स को कान के बाहरी हिस्से के अंदर की ओर फिट किया जाता है.यह हार्ड प्लास्टिक के बने होते हैं.केस में इसके सभी आवश्यक पार्ट्स लगे होते हैं.

इसका उपयोग मुख्यतः ऐसे लोगों पर किया जाता है जिनके सुनने की क्षमता काफी ज्यादा कम होती है.इस तरह की Hearing Aids बच्चों लिए ज़्यादा कारगर नही हैं.

3. Behind the Ear (BTE) –  

इस तरह के हियरिंग ऐड्स कान के पीछे लगाए जाते हैं.यह पूरी तरीके से प्लास्टिक से बने होते हैं.इसका अधिक्तर हिस्सा कान के पीछे यानी बाहर की ओर होता है.तथा एक हिस्सा कान के भीतर होता है जिससे सुनाई देता है.

भारत में हियरिंग एड्स की कीमत 2020 – Price Of Hearing Aids In India 2020.

Hearing AIDS  कीमत निश्चित नहीं होती है.बल्कि इसकी कीमत इस बात पर निर्भर करता है कि किसी व्यक्ति को किस तरह के Hearing Aids की जरूरत है.

उदाहरण के तौर पर, अगर किसी व्यक्ति में सुनने की क्षमता मामूली स्तर पर कम हुई है.तो उन्हें कम क्षमता वाली Hearing Aids की जरूरत होगी.

ऐसे में इसकी कीमत तीन से चार हजार के आसपास होगी.लेकिन ऐसे व्यक्ति जिन्हें काफी कम सुनाई देता है  ऐसे में उन्हें ज्यादा पावरफुल Hearing Aids की जरूरत होती है.इसकी कीमत 10000 से लेकर 3 लाख तक भी हो सकती है.

निश्चित तौर पर ये नहीं कहा जा सकता है कि इसकी कीमत कितनी होती है.क्योंकि बाजार में हजारों तरह के Hearing Aids मौजूद है.उनकी कीमत अलग-अलग होती है.

यह समझ ले कि हियरिंग ऐड्स की कीमत ₹1000 से शुरू हो जाती है.जो कि के Quality के आधार पर बढ़ते हुए तीन लाख तक भी जाती है.

सही हियरिंग एड्स का चुनाव कैसे करें – How To Chose Right Hearing Aids.

आपको किस तरह के Hearing Aids की आवश्यकता होगी, यह कई बातों पर निर्भर करता है.जैसे कि आपके सुनने की क्षमता कितनी है.सुनने की क्षमता किस वजह से कम हुई है.आप क्या काम करते हैं.आपका जीवन शैली कैसा है.आपकी उम्र कितनी है इत्यादि इत्यादि.

अगर आपको लग रहा है कि आपके सुनने की क्षमता कम है.या आप किसी अन्य व्यक्ति के लिए Hearing Aids खरीदना चाहते हैं.तो इसे सीधे दुकान से खरीदने की बजाय पहले डॉक्टर से संपर्क करें.

डॉक्टर के सुझाव के बाद Otolaryngologist/Audiologist के पास जाएं.वह आपकी सारी स्थिति को समझते हुए आपके लिए जो सही हियरिंग एड्स होगा, वह आपको देंगे.

Otolaryngologist/Audiologist से लेने का फायदा यह होता है कि वह Hearing Aids देने से पहले मरीज का अच्छे तरीके से परीक्षण करता है.उसके कानों की गहराई से जांच करता है.इसके बाद ही उपयुक्त Digital Hearing Aids देता है.

एक बात ध्यान में रखें कि Hearing Aids कम सुनाई देने की बीमारी को ठीक नहीं करता है.बल्कि आवाज़ को धीमे से ऊंची आवाज में कर देता है.

Conclusion:

आज हमने सिखा Hearing Aids क्या है,इसका इम्पोर्टेंस इतना अबशक किउ होता हे.अगर इसका बारे में और कुछ जानना हे तो आप मुझे कांटेक्ट कर सकते हे.  

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