KARNATAKA KA CAPITAL KYA HAI |

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KARNATAKA KA CAPITAL KYA HAI

KARNATAKA KA CAPITAL KYA HAI. भारत का छठा सबसे बड़ा राज्य और दक्षिण भारत का सबसे बड़ा राज्य कर्नाटक tourism की दृष्टि से बहुत ही महत्त्वपूर्ण हैं. यह राज्य पश्चिमी घाट के पहाड़ियों के तलहटी पर बसा हुआ हैं. कर्नाटक में बड़े-बड़े झरने और सुंदर पहाड़ियाँ tourist को अपनी तरफ हमेशा ही आकर्षित करती रही हैं. यह राज्य भारत की दक्षिण दिशा में आता हैं. कर्नाटक राज्य को पहले मैसूर नाम से भी जाना जाता था.

लेकिन क्या अपने सोचा हैं कि KARNATAKA KA CAPITAL KYA HAI? अगर नहीं, तो हम अपने आज के आर्टिकल में आपके लिए कर्नाटक की राजधानी और कर्नाटक राज्य से जुड़ी हर छोटी से बड़ी information लेकर आए हैं. पूरी जानकारी लेने के लिए इस लेख को last तक पढ़े.

Karnatak Ka Capital Kya Hai

KARNATAKA KI CAPITAL KYA HAI :

कर्नाटक की capital बेंगलुरु हैं जिसे पहले बैंगलोर के नाम से जाना जाता था. लेकिन जब 1 नवंबर 2014को केंद्र सरकार ने मंजूरी दी तो बैंगलोर से नाम बदलकर बेंगलुरु कर दिया गया था.

यह भारत देश का तीसरा सबसे बड़ा शहर हैं. इसी के साथ भारत देश का सबसे बड़ा महानगर भी हैं. बेंगलुरु को भारत देश का सिलिकॉन वैली, इलेक्ट्रॉनिक सिटी के नाम से भी जाना जाता हैं.

बेंगलुरु में देश की बड़ी-बड़ी software company के headoffice होने की वजह से इसे भारत की आईटी राजधानी भी कहा जाता हैं. बेंगलुरु शहर की राजभाषा कन्नड़ हैं. लेकिन यहाँ पर ज्यादातर हिंदी भाषी लोग रहते हैं. बेंगलुरु कम से कम 709 kmके क्षेत्र में फैला हुआ शहर है.

कर्नाटक की कुल जनसंख्या कितनी हैं?

अगर कर्नाटक राज्य की कुल जनसँख्या की बात करे तो यह करीबन 6.41 करोड़ हैं. जिसकी वजह से यह देश का सबसे आधिक जनसँख्या वाला आँठवा राज्य हैं.

कर्नाटक की संस्कृति के बारे में कुछ जानकारी:

कर्नाटक की संस्कृति की बात करे तो यहाँ पर हर त्यौहार बड़ी ही ख़ुशी और प्रेम के साथ मनाया जाता है. यहाँ पर दिवाली सब लोग एक साथ मिलकर धूमधाम से मनाते हैं.

दशहरा का यहाँ के लोगो में एक अलग ही उल्लास देखने को मिलता हैं. धर्म के अनुसार यहाँ पर ज्यादातर लोग हिन्दू हैं. लेकिन यहाँ पर अन्य त्यौहार जैसे संक्रांति, गणेश चतुर्थी, क्रिसमस, ईदउल फितर जैसे त्यौहार भी उतने ही प्रेम से मनाये जाते हैं.

करीबन 80% लोग हिन्दू, 12.97% मुसलमान हैं. बाकि5.25% ईसाई, 0.14% सिख, 0.06% बौद्धधर्म से भी हैं. इसके अलावा बाकि लोग जैन और दूसरे धर्म से भी ताल्लुक रखते हैं. लेकिन इस राज्य का  शांति और प्रेम हमेशा बना रहता हैं.

कर्नाटक के ऐतिहासिक और प्रमुख पर्यटन स्थल कौन-कौन से हैं?

कर्नाटक राज्य एक ऐसा राज्य हैं जो सबसे ज्यादा पुराने वनस्पतियों, जीवों, लैंडफॉर्म, आदि विरासतों का घर हैं. यहाँ पर ऐतिहासिक विरासत होने के साथ-साथ घुमने के लिए भी बहुत ही सुंदर झील, पहाड़ और हरियाली हैं कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में एक बार कर्नाटक घूमना ही चाहिए.

हम्पी

हम्पी एक ऐतिहासिक और स्मारक शहर हैं जो तुंगभद्रा नदी के दक्षिणी तट पर बसा हुआ हैं. यह शहर खंडहरों की वजह से पूरी दुनिया में famous हैं. हम्पी शहर में इतने खंडहर होने की वजह से अपना नाम विश्वधरो हरस्थल के नाम से यूनेस्को में दर्ज करवा लिया हैं. अगर इतिहास की बात करे तो इस शहर को राजा कृष्ण देव राय ने 1336 ईसे 1570 केबीच में बनवाया था. ये शहर अपनी वास्तुकला और सुंदर-बड़े नक्काशी दार मंदिरों के लिए पूरी दुनिया में फेमस हैं. यहाँ पर आपको विजय नगर साम्राज्य के 500 प्राचीन स्मारक, सुंदर मंदिर, स्ट्रीट मार्केट, गढ़ सहित कई ऐतिहासिक जगह देखने को मिल जाएगी.

बेलगाम किला

बेलगाम किला बेलगाम शहर का गौरव जाना जाता है. जयाराया ने बेलगाम किले का निर्माण 13 वीं शताब्दी में करवाया था. बेलगाम किला कर्नाटक के बहुत ही ख़ास विरासत स्थलों में से एक हैं. ये कर्नाटक के इतिहास को तो दर्शाता ही हैं. साथ ही सौन्दर्य और इतिहास का एक बहुत ही सुंदर मिश्रण हैं.

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि बेलगाम के प्रवेश द्वार पर दो मंदिर हैं जिसमे से एक गणेश जी का हैं और दूसरा माँ दुर्गा का. आज के समय में इनमे से एक मंदिर खंडहर बन चूका हैं. इतिहास की बात करे तो पहले बेलगाम किले के परिसर में कुल 108 जैन मंदिर और 101 शिव मंदिर हुआ करते थे. जिनके अवशेष आज भी पत्थर के रूप में मिलते हैं.

मैसूर पैलेस

मैसूर पैलेस को अंबा विलास पैलेस भी कहा जाता हैं. ये एक ऐतिहासिक ईमारत हैं जो कर्नाटक राज्य के मैसूर शहर में स्थित हैं. मैसूर पैलेस ताजमहल के बाद सबसे आकर्षित ईमारत में से एक हैं. इसके पुराने किले में तीन बहुत ही ख़ास मंदिर और इमारत हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दे कि मैसूर पैलेस शाही परिवार का महल रहा हैं और आज भी इस पैलेस को शाही परिवार ही देखता हैं इस पर उन्ही का अधिकार हैं. ये तीन मंजिला इमारत हैं जिसमे संगमरमर के गुंबद और 145 फीट की पांच मंजिला मीनार हैं.



बीदर किलाKarnatak Ka Capital Kya Hai

Karnatak Ka Capital Kya Hai :

अहम शाह बहमनी ने बीदर किले का निर्माण 1428 में किया था. इसे बनाने के लिए लाल लेटराइट पत्थर का इस्तेमाल किया गया था. ये किला बीदर में पठार के किनारे पर हैं. आज के समय में ये किला कर्नाटक के महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक  स्मारकों में से एक हैं. इस किले में आपको पुराने समय के बहुत से स्मारक देखने को मिल जायेंगे जिन मे से चित्रित महल, तख्त महल,जामी मस्जिद और सोलह-स्तंभ मस्जिद main हैं. 

गोमतेश्वर प्रतिमा श्रवण बेलगोला

गोमतेश्वर प्रतिमा श्रवण बेल गोला कर्नाटक की कुछ ऐतिहासिक स्मारकों में से एक हैं जिसका निर्माण 10 वीं शताब्दी में गंगा वंश के राजा राजमल्ल के जनरल चामुंडराय ने किया था. यह हासन जिले के श्रवण बेलगोला में एक पहाड़ी के ऊपर बनी हुई हैं. यह प्रतिमा कम से कम 57 फूट ऊँची हैं. इसकी वजह से ये प्रतिमा दुनिया की ऊँची प्रतिमाओं में से एक हैं. यह एक ऐसी प्रतिमा हैं जिसके आधार पर कुछ लेख लिखे गए हैं जिनमे से तमिल और कन्नड़ के शिलालेख एक हैं. इस प्रतिमा की वजह से ही श्रवण बेलगोला को कर्नाटक का एक महत्वपूर्ण जैन तीर्थ स्थल भी कहा जाता हैं.

गोल गुम्बज

Karnatak Ka Capital Kya Hai :

अगर आप कर्नाटक जा रहे हैं तो आपकी यात्रा गोल गुम्बज को देखे बिना पूरी नहीं हो सकती. यह भी कर्नाटक की ऐतिहासिक इमारतो में से एक हैं जिसका निर्माण का कार्य फ्रांसीसी वास्तु कार काबुल के याकूत उफ दाबुल (Yakut UfDabul) ने 1626 ई स्वी में शुरू किया गया जो 1656 ईस्वी में पूरा हुआ था. इसे बनाने के लिए पुरे 30 साल लगे थे. इसी इमारत में मोहम्मद आदिल शाह, उनकी प्रेमिका रम्भा और उनका परिवार आखिर बार रुका था. ये मोहम्मद आदिल शाह की हुकूमत और शासन की कहानी बयाँ करता हैं.

बैंगलोर पैलेसKarnatak Ka Capital Kya Hai

बैंगलोर पैलेस को राजा चमराजेंद्र वाडियार ने बनवाया था. ऐसा माना जाता हैं कि उन्होंने इसे बनाने की प्रेरणा लंदन के विंडसर कैसल से ली थी. ये पैलेस बैंगलोर में सबसे आधिक टूरिस्ट द्वारा देखे जाने वाले आकर्षणों में से एक हैं. इसका निर्माण साल 1944 में किया गया था. बैंगलोर पैलेस में आप कई तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों, रॉक शो और विवाह के लिए स्पेस भी arrange कर सकते हैं. 

Karnatak Ka Capital Kya Hai :

सोमेश्वर मंदिर

सोमेश्वर मंदिर हला के बाहरी इलाके में स्थित हैं. ये कर्नाटक के बहुत ही पुराने मंदिरों में से एक हैं. ये भगवान शिव का मंदिर हैं जो कम से कम 1000 साल पुराना हैं. आप यहाँ पर पुरानी इमारतो के साथ-साथ कुछ पुराने स्मारक भी देख सकते हैं. ये एक ऐसी ऐतिहासिक place हैं जो श्रद्धालुओं, प्रेमियों, कला प्रेमियों, और पर्यटकों के लिए अच्छा-खासा आकर्षण का केंद्र बना रहा हैं.

बादामी गुफायें

बादामी गुफाएं आपको कर्नाटक राज्य के बागल कोट जिले में मिलेगी. ये 4 गुफाएं हैं जिनमे से 3 गुफा हिन्दू दर्म को समर्पित हैं और एक गुफा जैन धर्म को समर्पित हैं. इन गुफाओं को पल्लव वंश के शासको ने छट वीं से आठ वीं  शताब्दी के बीच किया था. पहले ये गुफाएं द्रविड़ वास्तु कलाकी मिशाल के नाम से जानी जाती थी. इसी के साथ-साथ पुराने समय में चालुक्य राज वंश की राजधानी भी कही जाती थी. आज ये गुफाएं कर्नाटक की सबसे महत्वपूर्ण historical place में से एक मानी जाती हैं.

पत्तदकल स्मारक परिसर

इतिहास कार की माने तो पत्तदकल स्मारकों को 7 वींऔर 8 वीं शताब्दी में चालुक्य वंश ने बनाया था. पत्तदकल स्मारक परिसर का नाम historical place की list में शामिल हैं. इसके अलावा यूनेस्को की विश्वधरो हरस्थलों में भी नाम दर्ज हैं. पत्तदकल स्मारक परिसर में 1 जैन मंदिर और 9 हिन्दू मंदिर मौजूद हैं. पत्तदकल में हर एक मंदिर में नक्काशी और मूर्तियाँ कुछ इस तरह से बनी हुई हैं जो हर बार एक सुखद एहसास देती हैं.

राजा कामक बरा

अगर आप कर्नाटक में हिल स्टेशन की यात्रा करने की सोच रहे हैं तो राजा का मकबरा से अच्छा और कुछ हो ही नहीं सकता. ये मदि के रीकूर्ग में स्थितहैं. इसे गद्दीग भी कहते हैं जिसका निर्माण 1820 में हुआ था. ये राजा tomb का मकबरा हैं. इसमें कब्र बनी हुई हैं जिसमे राजा को भगवान शिव की पूजा करते हुए आराम से देखा जा सकता हैं. राजा हिन्दू धर्म के थे. इस कब्र की यही खासियत इसे और कब्र से अलग और ख़ास बनाती हैं. इस कब्र की एक और ख़ास बात ये हैं कि राजा की कब्र के साथ दोबहादुर शाही अधिकारियों को भी दफ़न किया गया था जिन्हों ने टीपू सुल्तान के साथ लड़ ते हुए अपने जीवन का बलिदान दे दिया था.

Percentage Of Educated People (Male &Female ) :

कर्नाटक का literacy rate 75.36% हैं. जिसमे पुरुष literacy rate 82.47% हैं और महिला literacy rate 68.08 हैं.

कर्नाटक  के प्रसिद्ध लोग : – Karnatak Ka Capital Kya Hai :

कर्नाटक ना केवल अपनी वास्तुकला, ऐतिहासिक इमारतों, मंदिरों आदि के लिए दुनिया में जाना जाता हैं बल्कि यहाँ पर ऐसे-ऐसे personality हुई हैं जिन्होंने कर्नाटक का नाम पूरी दुनिया में मशहूर किया हैं.

  • बसवन्ना- भारतीय दार्शनिक
  • अक्का महादेवी- वीर शैव भक्ति आंदोलन की एक प्रमुख हस्ती
  • सर्वजन- कवि और दार्शनिक
  • माधवाचार्य- भक्ति आन्दोलन के प्रमुख दार्शनिक संत
  • कनक दास- कवि, संत और समाज सुधारक
  • बाहुबली- प्रथम तीर्थंकरऋ षभ देव के पुत्र
  • सी वी रमन- भारतीय भौतिक विज्ञानी
  • सर एम वि श्वे श्वरैया- प्रख्यात इंजीनियर और राजनेता
  • फील्ड मार्शल के एम करियप्पा- भारतीय सेना के प्रथम कमांडर-इन-चीफ
  • डॉ एच नरसिम्हा- दक्षिण से बनने वाले पहले प्रधानमंत्री
  • रजनीकांत- अभिनेता
  • आर के नारायण-अंग्रेजी साहित्य के भारतीय लेखक
  • अजीम एच प्रेमजी-भारतीय व्यापार टाइकून, निवेशक और परोपकारी
  • प्रकाश पादुकोण- पूर्वभारतीय ब्याडमिन्टन खेलाडी
  • दीपिका पादुकोण- भारतीय अभिनेत्री
  • राहुल द्रविड़- भारतीय क्रिकेटर
  • अनिल कुम्बले- भारतीय क्रिकेटर

कर्नाटक का कुल क्षेत्रफल कितना हैं?

कर्नाटक का कुल क्षेत्रफल 74,122 वर्गमील (1,91,976 कि॰मी॰²) हैं. यह भारत का कुल भौगोलिक क्षेत्र का 5.83% हिस्सा हैं.

कर्नाटक कौन से साल में बना था?

कर्नाटक राज्य का गठन 1 नवम्बर 1956को हुआ था. यह राज्य पुनर्गठन अधिनियम कानून के तहत हुआ था.

कर्नाटक का नाम पहले क्या था?Karnatak Ka Capital Kya Hai :

जैसा कि हमने आपको पहले भी बताया हैं कर्नाटक पहले मैसूर के नाम से जाना जाता था.

कर्नाटक का प्रसिद्ध खाना क्या हैं?

कर्नाटक एक ऐसा राज्य हैं जहाँ पर आपको शुद्ध शाकाहारी के साथ स्वादिष्ट मांसाहारी भोजन मिलेगा. यहाँ का खाना खास मसालों में पकाया जाता हैं जिनकी खुशबु ही खुश कर देती हैं. यहाँ के बहुत सा खाना famous हैं तो चलिए हम आपको बताते हैं:-

  • मैसूर पाक
  • नीर डोसा
  • मद्दुर वड़ा
  • धारवाड़ पेड़ा
  • मंगलोरियन बिरयानी
  • कोरीगस्सी
  • चाउचाउबाथ
  • अक्की रोटी

कर्नाटक के जिले कौन-कौन से हैं : Karnatak Ka Capital Kya Hai :

  • उडुपी
  • उत्तरकन्नड़
  • कोडगु
  • कोप्पल
  • कोलार
  • गदग
  • गुलबर्ग
  • चामराज नगर
  • चिकबला पुरा
  • चिक मगलूर
  • चित्रदुर्ग
  • तुमकूर
  • दक्षिण कन्नड़
  • दावणगेरे
  • धारवाड़
  • बंगलोर ग्रामीण
  • बंगलोर शहरी
  • बागल कोट
  • बीजापुर
  • बीदर
  • बेलगाम
  • बेल्लारी
  • मांडया
  • मैसूर
  • यादगीर
  • रामनगर
  • रायचूर
  • शिमोगा
  • हावेरी
  • हासन

कर्नाटक के पड़ोसी राज्य कौन-कौन से हैं?

कर्नाटक राज्य की सीमाएं पांच राज्य से घिरी हुई हैं. जिनमे पश्चिम से गोवा, उत्तर में महाराष्ट्र, पूर्व में आंध्रप्रदेश, दक्षिण-पूर्व में तमिलनाडु एवं दक्षिण में केरल हैं.

आज हमने क्या सिखा?

आज आपने KARNATAKA KA CAPITAL KYA HAI के बारे में जान लिया हैं. इसके साथ-साथ कर्नाटक की और भी जानकारी ले ली हैं. हमे आशा हैं कि ये जानकारी आपके काम आएगी. अगर आप किसी कम्पटीशन एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं तो हमारा ये लेख आपके लिए बहुत ही मददगार साबित हो सकता हैं.

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