Machine Data Type Kya Hai

Machine Data Type Kya Hai. Machine Data प्रकार क्या है: तकनीक और इंटरनेट के इस दौर में हम सभी ने Data का नाम जरूर सुना होगा। हम सभी अपने मोबाइल या फिर अपने कंप्यूटर में Data रखते हैं। यह कई तरह से हो सकता है जैसे, किसी file का folder, वीडियो, आडियो, ग्राफ़िक्स आदि। आता है।

सबसे पहले हम जानेंगे Data क्या होता है? यह कितने प्रकार का होता है? इसका हम कैसे उपयोग करते हैं? Machine Data के प्रकार व Data Processing किस तरह से की जाती है? आदि के बारे मे।

आंकड़ा या डाटा क्या है

सामान्यता Data कुछ करेक्टर्स (Characters) का सेट होता है जिसे किसी विशेष मकसद से इकट्ठा किया जाता है, जैसे कि Data को analysis करना।

यह Data किसी भी रूप में हो सकता है जैसे किसी करैक्टर के रूप में, Image के रूप में, वीडियो के रूप में, text के रूप में या फिर साउंड के रूप में, लेकिन जब तक किसी Deta को Context के फॉर्म में नहीं रखते हैं तब तक इसका इस्तेमाल नही किया जा सकता है।

कंप्यूटर Data के जरिए ही किसी जानकारी (informations) को निकालता है और तब हम उस data को समझ पाते हैं। यदि Data को कंप्यूटर के Storage में रख लिया जाता है तो Data numbers का एक कलेक्शन हो जाता है। यह bit के रूप में रिप्रेजेंट होता है। यह Data कंप्यूटर में CPU द्वारा Process किया जाता है।

किसी भी Data को कंप्यूटर में स्टोर करने के लिए कंप्यूटर की हार्ड ड्राइव अथवा Storage डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं। वहीं यदि स्मार्टफोन या स्मार्ट फोन जैसे मोबाइल डिवाइस में Data को स्टोर हम करते हैं तो इसमें इंटरनेट के जरिए विभिन्न डिवाइस के बीच Data को ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल करते हैं।

जब यह Data raw फॉर्म में होता है तब यह किसी काम में नही आता है। परंतु जब किसी Data की Processing की जाती है तभी उसमे से सूचना निकल कर आती है और हम उस Data को हम समझ पाते हैं। यानी कि Process Data को ही हम इंफॉर्मेशन का नाम देते हैं।

अर्थात हम कह सकते हैं कि इलेक्ट्रॉनिक मशीन या फिर किसी भी व्यक्ति के द्वारा जब कुछ आंकड़ों को इस तरह से प्रजेंट करते हैं कि कम्युनिकेशन, इंटरप्रिटेशन या Processing करने में आसानी हो तब हम उसे Data कहते हैं।

सामान्य तौर पर किसी Data को करेक्टर्स के जरिए प्रजेंट किया जाता है। यह करैक्टर अल्फाबेट (alfabets), डिजिट (Digit) या फिर किसी स्पेशल करैक्टर (special characters जैसे – @ # $ %) के रूप में हो सकते हैं।

Analog and Digital

सामान्य रूप से एनालॉग Data दो प्रकार के होते हैं –

  •  एनालॉग और
  •  डिजिटल

एनालॉग Data का इस्तेमाल continuous होता है इसमें एक्चुअल फैक्ट होते हैं जिन्हें यह रिप्रेजेंट करते हैं। वही डिजिटल Data discrete होते हैं, इन्हें लिमिटेड नंबर आफ एलिमेंट्स में नहीं बोल सकते हैं।

Machine Data Type Kya Hai – Data के प्रकार

कंप्यूटर सिस्टम अलग-अलग डिजिटल Data के साथ काम करता है। यह Data टेक्स्ट (text), नंबर (number) में कंप्यूट होते हैं। तकनीक के इस दौर में Data को कई तरीके से कंप्यूट किया जाता है जैसे ऑडियो, वीडियो, इमेज/पिक्चर, ग्राफिक्स आदि। लेकिन यह सभी प्रकार के Data कंप्यूटर में बाइनरी डिजिट के हिसाब से ही स्टोर किए जाते हैं।

वही कुछ Data कुछ स्पेशल टेक्निक्स पर भी काम करते हैं और स्टोर किये जाते हैं

Database क्या है

जब किसी Data को सही तरीके से structure में रखकर organised करते हैं तब उस Data को डाटाबेस (Database) कहा जाता है। इस Data को प्रेजेंट करने का एक कॉमन तरीका होता है, जिसे Data table कहते हैं। यह टेबल प्रमुख रूप से Row और column के रूप में होती है। जिसमें row को एक रिकॉर्ड कहा जाता है और कॉलम को फाइल कहते हैं। किसी भी Data का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है इंफॉर्मेशन होता है।

इंफॉर्मेशन क्या है

जब हम किसी Data को उसके मीनिंग के माध्यम से समझते हैं तो वह इंफॉर्मेशन कहलाती है। क्योंकि हर Data की अपनी मीनिंग होती है और उसी के माध्यम से हम उसे समझ पाते हैं।

जैसे उदाहरण के लिए जब  फैक्ट Data की बात करते हैं तो वह इंफॉर्मेशन प्रोसैस्ड Data को कहा जाता है जैसे उदाहरण के लिए किसी क्लास में किसी सब्जेक्ट में स्टूडेंट मार्क्स, रोल नंबर उम्र इत्यादि को फैक्ट Data कहा जा सकता है।

वही यदि कुछ छात्रों में से टॉप 5 छात्रों के मार्क्स, रोल नंबर आदि को कैटेगिरी में किया जाता है तब हम उसे इंफॉर्मेशन का नाम देते हैं। अर्थात हम कह सकते हैं कि इंफॉर्मेशन बहुत ही ऑर्गेनाइज और क्लासिफाइड Data होता है। इसमें रिसीवर के लिए data एक वैल्यू मीनिंग होती है।

यानी कि इंफॉर्मेशन एक प्रकार का Process Data होता है, जिसमें डिसीजन और एक्शन दोनों होते हैं।

Data को meaningful बनाने में कुछ करेक्टर्स का होना बेहद जरूरी होता है जैसे कि टाइमली इंफॉर्मेशन हर समय उपलब्ध हो, एक्यूरेसी हो अर्थात इंफॉर्मेशन सही और एक्यूरेट हो, कंपलीटनेस अर्थात इंफॉर्मेशन पूरी हो। जब किसी Data में ये सारे कैरेक्टर्स होते हैं तभी हम उसे इंफॉर्मेशन कहते हैं।

कोई भी Data जब कंप्यूटर मेमोरी के Storage में स्टोर करते हैं तो इसे हम प्रमुख रूप से दो हिस्से में कैटेगरी में रखते है –

  • Permanent Storage –  Hard Disk/ Hard Drive
  • Temporary Storage –  RAM

Permanent Storage data और Temporary Storage data में सिर्फ एक प्रमुख अंतर यह होता है कि जब power failure होता है तो Permanent Storage Data को retain किया जा सकता है। यह तब तक retain किया जा सकता है जब इस Data को डिलीट न किया जाये। वही टेंपरेरी मेमोरी Data पावर फेल होने पर अपने आप ही डिलीट हो जाते हैं।


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Machine Data Type Kya Hai – Types of Data

डाटा टाइप एक प्रकार का क्लासिफिकेशन होता है, जिसका इस्तेमाल हम प्रोग्रामिंग में करते हैं। अर्थात यह एक तरह का डिवीजन होता है जिसमें किसी तरह की वैल्यू वेरिएबल के पास रहती है और कम्प्यूटर डाटाप्रोसेस प्रकार के मैथमेटिकल रिलेशनल अथवा लॉजिकल ऑपरेशंस उन पर अप्लाई किए जाएं, जिससे किसी भी प्रकार का इंफोर्मेशन्स मिले इसे प्रोग्रामिंग कहते हैं।

डाटा की कुछ प्रमुख प्रकार इस प्रकार से हैं –

न्यूमेरिक डाटा (Numerical Data)

Numerical Data 0 से 9 तक की संख्या का इस्तेमाल करके तैयार किए जाते हैं। उन्हें कंप्यूटर numerical Data कहते हैं। यह सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला Data का एक प्रकार होता है। न्यूमेरिकल Data को ही स्टैटिसटिकल Data भी कहते हैं।

यह प्रमुख रूप से आंकड़ों को प्रदर्शित करने का काम करते हैं। उदाहरण के लिए जब हम किसी  excel sheet पर time, weight, height आदि data को enter करते हैं तो इनको हम ने Numerical Data के रूप में ही लिखते हैं।

Alphabetic data

Alphabetic Data के अंदर अल्फाबेट आते हैं। इसमें प्रमुख रूप से A-Z/a-z अल्फाबेट का इस्तेमाल किया जाता है। यह आमतौर पर कंप्यूटर में display लैंग्वेज को समझ कर अपने टास्क को पूरा करने का काम करते हैं। यह किसी भी भाषा में हो सकते हैं। यह हिंदी, इंग्लिश व अन्य किसी भी भाषा के अल्फाबेट के रूप में हो सकते हैं।

Alpha Numeric data

अल्फान्यूमैरिक डाटा जैसे नाम से ही पता चल रहा है इसमें number और Alphabets दोनों का इस्तेमाल किया जाता है। आमतौर पर इनका इस्तेमाल स्ट्रांग पासवर्ड बनाने के लिए लोग करते हैं या फिर captcha को भरने में भी इसको इस्तेमाल करते है। यह A1B2c3D56e कुछ इस तरह से होता है।



Audio data

ऑडियो डाटा कंप्यूटर के साथ-साथ हमारे स्मार्टफोन के लिए भी एक महत्वपूर्ण डाटा का प्रकार है। इसमे ऑडियो के माध्यम से ही आवाज उत्पन्न की जाती है जिसे हम सुन सकते हैं लेकिन इसे देख नहीं सकते हैं। यह mp3 फॉर्मेट या फिर wav किस फॉर्मेट में होते हैं।

Video data

सामान्य तौर पर जब हम अपने कंप्यूटर पर या फिर अपने मोबाइल पर कोई वीडियो देखते हैं तो जो Data डिस्प्ले होता है उसे ही हम वीडियो डाटा कहते हैं। डिजिटल वीडियो एक तरह से इलेक्ट्रॉनिक प्रेजेंटेशन ही होता है। वीडियो डाटा में प्रमुख रूप से इनकोडिंग फॉर्मेट में होते हैं। जिसमें mp4, webm or mkv जैसे फॉर्मेट में का इस्तेमाल करते हैं

Graphic data

 ग्राफिक डाटा प्रमुख रूप से विजुअल इमेज के रूप में होते हैं। कंप्यूटर के लिए ग्राफिक डाटा सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं। क्योंकि ग्राफिक डाटा की सहायता से ही किसी भी चीज को प्रेजेंट किया जाता है और उसे समझने में मदद मिलती है। इसे jpg, png फॉर्मेट में स्टोर करते है।

Machine Data Type Kya Hai – डाटा का उपयोग

आज के तकनीकी और डिजिटल वर्ल्ड में Data का इस्तेमाल सबसे ज्यादा ई-कॉमर्स कंपनियां, वेबसाइट पब्लिशर और सोशल मीडिया पर किया जाता है। आज के दौर में किसी भी बिजनेस में डाटा की जरूरत काफी ज्यादा हो गई है।

यदि आप अपने किसी बिजनेस के लिए अपना कोई फेसबुक पेज, वेबसाइट, यूट्यूब चैनल बना रखे है तब आपके लिए अपने कस्टमर के बारे में जानकारी देने के लिए तथा कस्टमर से जुड़ी जानकारी को इकट्ठा करने के लिए डाटा बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। इससे विश्लेषण करने और इंफोर्मेशन्स/सूचनाएं निकालने में मदद मिलती है।

Machine Data Type Kya Hai – Data Processing क्या है?

Data Processing से तात्पर्य डाटा के इंपॉर्टेंट के आधार पर डेटा का विश्लेषण करना है। कंप्यूटर की भाषा में जो डाटा होते हैं उन्हें हम सीधे नहीं पढ़ सकते हैं। उन्हें हमारे समझने योग्य बनाने के लिए डाटा से इंफॉर्मेशन निकाली जाती है। Data से इंफॉर्मेशन निकालने की प्रक्रिया को ही डाटा प्रोसेसिंग कहा जाता है।

जब कोई कंप्यूटर Data Processing के पश्चात उसे सूचना (Information) में बदल देता है तो इसके लिए कई अंकगणितीय गणनायक करता है। यह गणनायक कंप्यूटर CPU से अर्थमैटिक लॉजिक यूनिट तथा कंट्रोल यूनिट की मदद से करता है।

Data Processing के Basic Stages

डाटा प्रोसेसिंग प्रमुख रूप से 3 स्टेप में होती है

  1. इनपुट (Input)
  2. प्रोसेसिंग (Processing) और
  3. आउटपुट (Output)

Machine Data Type Hindi

1. Input

 इनपुट प्रक्रिया में डाटा को कलेक्ट करके कही पर स्टोर कर दिया जाता है। आप इसे कंप्यूटर पर भी स्टोर कर सकते हैं या फिर पेपर पर भी लिख सकते हैं।

Collection

इनपुट करने से पहले डाटा का कलेक्शन किया जाता है। डाटा को अलग-अलग सोर्स से कलेक्ट करते हैं जैसे अलग-अलग शहरों में कितने लोग रहते हैं, कितने लोग साक्षर हैं, कितने लोग निरक्षर हैं, कितने बच्चे स्कूल जाते है आदि। इस इंफॉर्मेशन को जानने के लिए डाटा collection की जरूरत होती है।

Verification

 जब कलेक्शन का स्टेप पूरा हो जाता है तब हम वेरिफिकेशन करते हैं। जहां पर यह कंफर्म होता है कि जो इनपुट के लिए डाटा लिया गया है वह सही है या गलत।

Coding (कोडिंग) –

कोडिंग में डाटा की कोडिंग की जाती है। इसे इस तरह से समझ सकते हैं कि हम डाटा को मशीन लैंग्वेज के फॉर्म में बदलते हैं। यानी कि यह कंप्यूटर के लिए readable फॉर्म में कन्वर्ट हो जाता है। कंप्यूटर इनपुट डाटा को ही आगे कोडिंग के माध्यम से आसानी से प्रोसेस करता है।

Storing

जब डाटा कंप्यूटर के एक्सल या फिर वर्ड फाइल में इंटर किया जाता है तब डाटा को कंप्यूटर में स्टोर करते हैं। इसके लिए स्टोरेज डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं। कंप्यूटर में जब कोई टाटा स्टोर हो जाता है। तब हम अगला स्टेप प्रोसेसिंग करते हैं।

Machine Data Type Kya Hai

2.Processing

Classification

प्रोसेसिंग वह स्टेप होता है जहां इंफॉर्मेशन बनना प्रारंभ होता है। इसमें कुछ टेक्निक्स का इस्तेमाल किया जाता है जैसे क्लासिफिकेशन, कैलकुलेशन, समराइजिंग आदि।

Calculation

क्लासिफिकेशन का मतलब जब डाटा को समूहों या उप समूहों में क्लासिफाई किया जाता है तो इसे क्लासिफिकेशन कहते हैं। इससे डाटा को सही ढंग से समझने में आसानी होती है। जैसे कॉलेज के स्टूडेंट के डाटा को साइंस और कॉमर्स, जैसी कैटेगरी में रखकर data analysis करने में मदद मिलती है।

कैलकुलेशन प्रोसेस में डाटा के ऊपर अर्थमैटिक ऑपरेशन किया जाता है। यह sum, average, percentage जैसे हो सकते हैं। जैसे किसी क्लास में स्टूडेंट का एवरेज मार्क्स, male, female का अनुपात, यह सब कैलकुलेशन स्टेप के अंतर्गत आते हैं और इनसे ही summarised information निकलती है।

Machine Data Type Hindi

3. Output

जब यह सारे प्रोसेसिंग के स्टेप पूरे हो जाते हैं तब output के रूप में रिजल्ट मिलता है। जिससे हम जानकारी/ सूचना (information) कह सकते हैं। प्रोसेसिंग स्टेप का एक ही मकसद होता है कि सही रिजल्ट निकाल कर उसे यूजर को दिया जाये। output information को कई तरह से स्टोर कर सकते हैं जैसे हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव, सीडी, डीवीडी आदि में।



Machine Data Type Kya Hai – History

1940 में सबसे पहले इंग्लिश में Data शब्द का इस्तेमाल किया गया था वहीं अगर कंप्यूटर के लिए Data शब्द की बात करें तो पहली बार 1946 में Computer के Data को Storage एवं ट्रांसफर करने के लिए इसका इस्तेमाल किया गया था Data Processing शब्द का इस्तेमाल पहली बार 1954 में किया गया था.

Conclusion (निष्कर्ष) :

आप ने इस पोस्ट में जाना की Machine Data Type Kya Hai. डाटा कितने प्रकार की होते है. Computer में हम किस तरह से Data को प्रोयग करते है. कंप्यूटर में डाटा को processing कैसे की जाती है अदि की वारे में. हम उम्मीद करते है आप को यह पोस्ट पसंद आये होगी। आपको अगर ये Article पसंद हुई होगी तो आप इसको Share कर सकते है.


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