सॉफ्टवेयर डेवलपर-Software Developer
सॉफ्टवेयर डेवलपर-Software Developer

सॉफ्टवेयर डेवलपर-Software Developer का नाम सुनकर आपके दिमाग में एक अच्छी सी इमेज बनती है की ये बहुत ही अच्छा Carrier Option है।आज के समय में जिस तरह अन्य सॉफ्टवेयर कोर्स का क्रेज़ है उसी तरह से सॉफ्टवेयर डेवलपर का भी क्रेज़ है।हम आपको इस लेख में सॉफ्टवेयर डेवलपर से संबंधित सारी जानकारी देंगे।

इस लेख में हम आपको बताने वाले हैं की सॉफ्टवेयर डेवलपर की सैलेरी कितनी होती है,सॉफ्टवेयर डेवलपर का काम क्या होता है, Software Developer बनने के लिए योग्यता कितनी चाहिए और सॉफ्टवेयर डेवलपर बनने के लिए कौन सा कोर्स करें?इस लेख में इनके साथ आपके अन्य सवालों का जवाब भी मिल जाएगा।    

बहुत सारे लोग सॉफ्टवेयर डेवलपर के काम को लेकर कन्फ्यूज़ रहते हैं क्योंकि सॉफ्टवेयर डेवलपर और सॉफ्टवेयर इंजीनियर एक जैसे लगते हैं लेकिन उनका काम असल में अलग-अलग होता है।हम इस लेख में आपके इस सवाल का जवाब भी देंगे ताकि जब आप अपने करिअर का चुनाव करें तो कोई गलती ना हो।

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2 सॉफ्टवेयर डेवलपर का विवरण- Description

सॉफ्टवेयर डेवलपर क्या है?What is software developer in Hindi

सॉफ्टवेयर डेवलपर वो लोग होते हैं जो सॉफ्टवेयर को डिवेलप करने का काम करते हैं।ये सॉफ्टवेयर डिवेलप करने के पूरे क्रिया में एक अहम योगदान देते हैं।इनके अन्डर में प्रोग्रामर्स काम करते हैं और साथ ही अन्य लोगों की टीम भी होती है ये सभी लोग मिलकर सॉफ्टवेयर को डिवेलप करने का काम करते हैं।

सॉफ्टवेयर डिवेलप करने की टीम को संभालना ,सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग और maintenance देखना ही इनका मुख्य काम होता है।इनके काम को और अच्छे से समझने के लिए सबसे पहले ये समझना होगा की सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट क्या होता है?

सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट क्या होता है?

सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में सॉफ्टवेयर को बनाने,उसकी Designing करने,Deployed करने और Software को Support करने तक का काम किया जाता है।इसमें सॉफ्टवेयर डेवलपर अकेले नहीं काम करता है उसके साथ इंजीनियर और प्रोग्राममर भी होते हैं।

सॉफ्टवेयर डेवलपर का विवरण- Description

सॉफ्टवेयर डेवलपर-Software Developer चूंकि किसी भी सॉफ्टवेयर को बनाने के लिए कई तरह के process का पालन किया जाता है।जैसे की सबसे पहले Code लिखा जाता है,उसके बाद उसे Run करके देखा जाता है की इसमे कोई कमी तो नहीं। यदि कमी होती है तो उसे ठीक किया जाता है।

जैसे की मान लीजिए यदि कोई मीडिया प्लेयर का सॉफ्टवेयर बनाना है तो सबसे पहले सॉफ्टवेयर इंजीनियर उसका ढांचा तैयार करेगा की इसमें किस-किस चीज की जरूरत पड़ने वाली है।

या फिर ऐसे कहें की जिस तरह एक Architect Building बनाने से पहले उसका Map तैयार करता है उसी तरह से इसका भी मैप Software Engineering तैयार करता है।इसके बाद काम आता है सॉफ्टवेयर डेवलपर का की जिस जगह पर जो चीज बनानी है उसे बनाए।

अब इस मीडिया प्लेयर के सॉफ्टवेयर में कई तरह के फीचर्स और फंगक्शन होते हैं।अब सभी फीचर्स के लिए डेवलपर या तो खुद कोड लिखेगा या किसी कोडर की मदद लेगा।

उसके बाद सभी कोड्स तैयार होने के बाद डेवलपर उसे उसकी सही जगह पर रखेगा और रन करेगा उसकी टेस्टिंग करेगा।फिर जो कमियाँ मिलेंगी उन्हे सुधारा जाएगा और सभी फीचर और फंगक्शन को चेक किया जाएगा।जब सब कुछ सही मिलेगा तब सॉफ्टवेयर बनकर तैयार होगा।

सॉफ्टवेयर डेवलपर कैसे बने

यदि आपको भी सॉफ्टवेर डेवलपर बनना है तो ये आपके लिए बेहद जरूरी सवाल है की आप सॉफ्टवेर डेवलपर कैसे बन सकते हैं?इसके लिए आपके पास दो तरीके हैं आप कोई भी अपना सकते हैं।

    1. कंप्युटर क्षेत्र में डिग्री के साथ: आप चाहें तो कंप्युटर क्षेत्र में कोई भी डिग्री जैसे BCA,MCA या Engineering की डिग्री लेकर साथ में Coding में अच्छा खासा जानकारी लेने के बाद आप सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में जा सकते हैं।
    2. बिना किसी कंप्यूटर की डिग्री के:जी हाँ यदि आपके पास कंप्यूटर की कोई भी डिग्री नहीं है फिर भी आप कंप्यूटर डेवलपर बनना चाहते हैं तो आप बिल्कुल बन सकते हैं इसके लिए आपके पास नीचे दी गई योग्यता होनी चाहिए।
  • आपके पास कंप्यूटर की बेसिक जानकारी होनी चाहिए
  • सके बाद आपको कई तरह की प्रोगरामिंग भाषा सीखनी पड़ेगी जैसे की html, c, c++, java, python, php आदि।आप ये सभी भाषाएँ किसी इंस्टिट्यूट से सीख सकते हैं.आज के समय में चाहें तो ऑनलाइन भी सीख सकते हैं लेकिन ये बात ध्यान रखें ऑफलाइन हो या ऑनलाइन यदि वहां से आपको सर्टिफिकेट मिलता हैं तो ये आपके लिए एक प्लस पॉइंट होगा और आपको नौकरी मिलने में आसानी होगी.
  • ये करने के बाद आप किसी कंपनी में या तो सीधे काम पर लग सकते हैं या इंटर्नशिप के बाद आप काम कर सकते हैं.
  • आपको शुरू में ही सॉफ्टवेर डेवलपर का काम नहीं मिलेगा इसके लिए आपको कुछ समय कंपनी में काम करके एक्सपीरियंस लेना पड़ेगा तभी आप इस पद पर जा पाएंगे.

Software Developer Qualification

सॉफ्टवेर डेवलपर बनने के लिए कुछ ख़ास योग्यता की जरूरत नहीं है।हालाँकि यदि आप कंप्यूटर डिग्री के साथ सॉफ्टवेर डेवलपमेंट में जाना चाहते हैं तो उसके लिए आप उस डिग्री की क्राइटेरिया को फॉलो करें.

यदि आप सॉफ्टवेर डेवलपर बनना चाहते हैं तो कोई खास योग्यता की जरूरत नहीं है लेकिन आपके अंदर नीचे दिए गए स्किल जरूर होने चाहिए-

    1. आपको Programming अच्छे से आना चाहिए और आप Data structure में भी माहिर हों।
    2. आपने सॉफ्टवेयर डेवलपर से संबधित कोई Certificate या Degree Course किया हो।
    3. आपको एक से अधिक Programming Language में बहुत बेहतरीन पकड़ होनी चाहिए।
    4. आपको Basic Mathematics आना चाहिए.
    5. नई भाषा और Technique के बारे में सीखने की ability होनी चाहिए।
    6. हर समय नई चीज सीखने के लिए Ready mind होना चाहिए।
    7. सॉफ्टवेयर में कमियाँ पकड़ने की क्षमता होनी चाहिए।

सॉफ्टवेयर डेवलपर की ट्रैनिंग-software developer Training in Hindi

जैसा की आपको पता है की सॉफ्टवेयर डेवलपर बनने के लिए कोई खास डिग्री की जरूरत नहीं है जिसे आप करके सॉफ्टवेयर डेवलपर बन जाएंगे।

इसके लिए आपको अपना कोर्स पूरा होने के बाद किसी कंपनी में ट्रैनिंग के तौर पर काम करना पड़ता है,इसी को इंटर्नशिप के नाम से भी जाना जाता है।आगे हम आपको कुछ कंपनियों के नाम बताएंगे जिनमे आप काम कर सकते हैं।

सॉफ्टवेयर डेवलपर-Software Developer के काम-Software Developer Roles & Responsibilities in Hindi

चूंकि सॉफ्टवेयर डिवेलप करने में कई सारे स्टेप्स को फॉलो किया जाता है।इसलिए सॉफ्टवेयर डेवलपर के ऊपर कई तरह की जिम्मेदारी हो सकती है।हो सकता है की वो एक साथ कई रोल पर काम कर रहा हो या अकेले सिर्फ एक काम उसको दिया गया हो।चलिए अब जान लेते हैं की सॉफ्टवेयर डेवलपर का काम क्या होता है?

    1. सॉफ्टवेयर को scientific analysis और mathematical model का इस्तेमाल करके उसे बनाना और विकसित करना ताकी उस सॉफ्टवेयर के परिणाम के बारे में अंदाजा लगाया जा सके।
    2. पहले से बने हुए सॉफ्टवेयर में error फिक्स करना,उसे नए हार्डवेयर में सपोर्ट करने के काबिल बनाना और उसकी परफॉरमेंस अच्छी करना
    3. सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग करना
    4. प्रोग्रामिंग प्रोजेक्ट की specification और स्थिति पर रिपोर्ट तैयार करना
    5. सॉफ्टवेयर-हार्डवेयर के इंटरफेस से संबंधित कान्सल्टैशन के लिए इंजीनियर से बात करना।
    6. सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग के लिए अन्य स्टाफ को गाइड करना।

सॉफ्टवेयर डेवलप करने वाली कंपनियां- SOFTWARE DEVELOPER Company

वैसे तो दुनियाभर में बहुत सारी सॉफ्टवेयर कॉम्पनियाँ हैं लेकिन चलिए हम कुछ भारत में स्थित कॉम्पनियों के नाम जान लेते हैं।ये कंपनियां भारत में स्थित हैं लेकिन ये जरूरी नहीं की भारतीय ही हैं-

    1. IndiaNIC
    2. Unified Infotech
    3. TatvaSoft
    4. Iflexion
    5. 7EDGE
    6. SPEC INDIA
    7. AllianceTek
    8. Brights
    9. Zealous System
    10. Apriorit Inc.
    11. Fortunesoft IT Innovations
    12. NMG
    13. Sigma Data Systems
    14. Algoworks
    15. IIH Global
    16. Vrinsoft Technology
    17. Oracle
    18. LTI-Larsen and turbo infotech
    19. IGATE
    20. Mphasis
    21. Tech Mahindra
    22. HCL Technologies Limited
    23. Cognizant Tech solutions corporation
    24. Infosys limited
    25. Wipro
    26. TATA-Tata consultancy services limited  (TCS)

सॉफ्टवेयर डेवलपर के लिए कोर्स- SOFTWARE DEVELOPER Courses In Hindi

आज के समय में सॉफ्टवेयर डेवलपर-Software Developer बनने के लिए किसी डिग्री की जरूरत नहीं लेकिन फिर भी आपको पता होगा की यदि कोई यक्ति कंप्युटर फील्ड में कोई डिग्री रखता है और साथ ही उसने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का कोर्स किया है तो उसको अच्छी सैलेरी मिलने के ज्यादा चांस हैं।चलिए pointwise जानते हैं की सॉफ्टवेयर डेवलपर बनने के लिए कौन सा कोर्स करें?

    • BSccomputer science/BCA
    • MSc computer science /MCA
    • Btech in software engineering
    • Computer science(any other course)
      इन सभी कोर्स के साथ आपको सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का कोर्स भी करना पड़ेगा।यदि ऊपर दिए गए कोर्स में से आपने एक भी नहीं किया है तब भी आप सॉफ्टवेयर डेवलपर बन सकते हैं।लेकिन इसके लिए आपको सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का कोर्स करना पड़ेगा और साथ ही सॉफ्टवेयर डेवलपर की योग्यता के अंतर्गत भी आना होगा।

सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के उच्च संस्थान- SOFTWARE DEVELOPER Institute

    1. Software Development Institute Air Force
    2. Medust Technology IISPL
    3. Centre for Development of Advanced Computing
    4. BCTRDC – Balraj Computer Training Research and Development Centre
    5. Infocampus MobiGnosis
    6. TryCatch Classes
    7. Easy Way Infotech
    8. Cosmo Info Solutions
    9. IT Intelligence India

सॉफ्टवेयर डेवलपर के जॉब का विवरण-SOFTWARE DEVELOPER Job Description

सॉफ्टवेयर डेवलपर-Software Developer का मुख्य काम होता है सॉफ्टवेयर बनाने के लिए कोड लिखना लेकिन इसके अलावा और भी जीमेदारियाँ हैं जो एक सॉफ्टवेयर डेवलपर को दी जाती हैं।चलिए एक-एक को विस्तार से जानते हैं।

    • सॉफ्टवेयर में बदलाव करना

इसमें सॉफ्टवेयर डेवलपर को किसी सॉफ्टवेयर में बदलाव करने का काम दिया जा सकता है जैसे यदि मान लीजिए किसी सॉफ्टवेयर में कोई नया फीचर जोड़ना है तो उसके लिए सॉफ्टवेयर में बदलाव करने की जरूरत पड़ती है जो की एक सॉफ्टवेयर डेवलपर द्वारा की जाती है

    • सॉफ्टवेयर में Error को ठीक करना

 सॉफ्टवेयर बनने के बाद कोड मे कुछ कमी के कारण error आने लगता है जिसे ठीक करने के लिए सॉफ्टवेयर डेवलपर को दिया जाता है।ये error कभी-कभी बहुत जल्दी से ठीक हो जाते है लेकिन ऐसा भी हो सकता है की बहुत ज्यादा परेशान करे और इसमें अधिकतम कितना वक्त लगेगा ये कोई बता नहीं सकता है।

    • नए हार्डवेयर में सॉफ्टवेयर को अडैप्ट करना

मान लीजिए कोई सॉफ्टवेयर इंस्टॉल होने के लिए 4gb का रैम चाहिए तो ये सॉफ्टवेयर यदि किसी ऐसे कंप्युटर में इंस्टाल किया जाएगा जिसमें इससे कम रैम हो तो ये उसमें इंस्टाल नहीं हो पाएगा।

इसे 4gb से कम रैम वाले कंप्युटर में इंस्टॉल करने के लिए सॉफ्टवेयर डेवलपर से उसमे बदलाव करवाना पड़ेगा ताकि ये उसमें सुपोर्ट करे।रैम सिर्फ एक उदाहरण था इस तरह से और भी अन्य हार्डवेयर हो सकते हैं जिनके अनुसार सॉफ्टवेयर को ढालना पड़े।

    • सॉफ्टवेयर के कार्य क्षमता को बेहतर करना

जैसा की आप सब जानते हैं कुछ सॉफ्टवेयर बहुत तेज चलते हैं और कुछ सॉफ्टवेयर उतना तेज नहीं चल पाते।यदि कोई सॉफ्टवेयर बनाने के बाद उसमें कोई लैगिंग या किसी अन्य तरह की समस्या आ रही है जैसे की कोई function ठीक से चल नहीं रहा या समय लगा रहा तो तो उसे ठीक करने के लिए सॉफ्टवेयर डेवलपर की जरूरत पड़ती है।

    • सॉफ्टवेयर के इंटरफेस को अपग्रेड करना

सॉफ्टवेयर का इंटरफेस ही ये निश्चित करता है की सॉफ्टवेयर कैसे खुलेगा,किस तरह से दिखेगा,कौन से बटन कहाँ होंगे आदि।अब यदि इसमे कोई बदलाव करना है जैसे की आप यूजर को कोई खास अनुभव देने के लिए कोई खास बदलाव कर सकते हैं।

आपको तो पता होगा सॉफ्टवेयर के वर्ज़न अपग्रेड होते रहते हैं अब उसी समय उसके इंटरफेस को भी अपग्रेड कर लिया जाता है।ये भी काम सॉफ्टवेयर डेवलपर ही करता है।

    • सॉफ्टवेयर सिस्टम टेस्टिंग

सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट मे एक महत्वपूर्ण कार्य टेस्टिंग का होता है इसमें डेवलपर ये जांच करता है की सॉफ्टवेयर में कोई कमी तो नहीं है जैसे की कोड में कोई गलती या कहीं ऐसा ना हो की एक कोड दूसरे कोड को डिस्टर्ब करे।इसलिए एक-एक प्रोग्राम को बहुत बारीकी से टेस्ट किया जाता है ताकि गलती कम हो।

सॉफ्टवेयर डेवलपर की सैलेरी-SOFTWARE DEVELOPER Average Salary in Hindi

Software Developer Salary-सैलेरी इस बात पर निर्भर करती है आपके पास कितना स्किल है,मतलब की आप कितने कोडिंग भाषा में माहिर हैं।इसके साथ ही यदि आपके पास कंप्युटर से संबधित कोई मास्टर डिग्री है तो वो आपके सैलेरी में अच्छा खासा बढ़ोतरी कर देता है।

जिनके पास कोई कंप्युटर साइंस की डिग्री नहीं है लेकिन वो यदि अच्छा खासा कोडिंग का knowledge रखते हैं तो कुछ दिन ट्रैनिंग लेने के बाद वो भी अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं।चलिए अब एक लगभग सैलेरी का आंकड़ा देखते हैं।

    • Fresher-10 से 40 हजार प्रति माह
    • 2 से 3 साल अनुभवी-50 हजार से 1 लाख प्रति माह
    • 3 साल से अधिक अनुभवी-1 लाख से अधिक प्रति माह

ये आँकड़े भारत में नौकरी करने पर हैं यदि आप विदेश में जाते हैं काफी अधिक पैसा मिलता है।अनुभवी लोगों को तो 50 लाख से अधिक सिर्फ एक महीने का मिलता है।

➡ सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग-Software Engineer

सॉफ्टवेयर डेवलपर और सॉफ्टवेयर इंजीनियर में अंतर-SOFTWARE DEVELOPER Vs Software engineer in Hindi
Software Developer
Software Engineer
सॉफ्टवेर डेवलपर का काम मुख्यतः
  • सॉफ्टवेयर बनाना,
  • उसमें कमियों को ठीक करना,
  • उसे नए हार्डवेयर में सपोर्ट करने के काबिल बनना,
  • अगले वर्जन में उसे और बेहतर बनाना,
  • सॉफ्टवेर की टेस्टिंग करना होता है
सॉफ्टवेयर इंजीनियर का काम मुख्यतः
  • सॉफ्टवेयर बनाने के लिए ढांचा तैयार करना होता है.
  • सॉफ्टवेर इंजीनियर सॉफ्टवेर डेवलपर के सारे काम को दिशानिर्देशित करता है.
  • जिस तरह से कोई बिल्डिंग बनने के पहले उसका मैप एक आर्किटेक्ट बनाता है और उसके बाद उसमें अन्य लोग भी काम करते हैं,
  • उसी तरह से सॉफ्टवेयर इंजीनियर भी सॉफ्टवेयर की रूप रेखा तैयार करता और उसके अनुसार सॉफ्टवेयर डेवलपर और प्रोग्रामर काम करते हैं.  

 

सॉफ्टवेयर डेवलपमेन्ट में स्कोप-Scope in software development in Hindi

यदि आज के समय की बात करें तो सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट अपने चरम पर है.इसमें बहुत ही अच्छा खासा करियर बनाया जा सकता है.लेकिन सवाल ये आता है की ये भविष्य में भी ऐसा ही बना रहेगा.

इस सवाल सीधा जवाब देना थोड़ा सा मुश्किल है क्योंकि जिस तरह से मशीनें अन्य क्षेत्र में लोगो को बेरोजगार बना रही हैं वैसे ही इस क्षेत्र में भी हो सकता है. हालाँकि सॉफ्टवेर डेवलपर की जॉब इतनी जल्दी नहीं कम होंगी लेकिन फिर एक शुरुआत हो चुकी है.

कुल मिलाकर यदि आप इस समय सॉफ्टवेर डेवलपमेंट में जाना चाहते हैं तो जा सकते हैं लेकिन अपना करियर बेहतरीन बनाये रखने के लिए हमेशा नई चीजें सीखते रहें.

क्योंकि समय के साथ तकनीक बदलेगी और आप अपनी जगह तभी बना पाएंगे जब आपको वो चीज आती हो जो कोई मशीन ना कर पाए.  

सॉफ्टवेयर डेवलपर होने के फायदे और नुकसान-pros and cons of being a software developer in Hindi
फायदे नुक्सान
  • आप वर्क from होम कर सकते है ,जी हाँ बहुत सारी कंपनियां हफ्ते में दो से तीन दिन घर से काम करने का मौका देती हैं.
  • सॉफ्टवेयर डेवलपर-Software Developer का काम एक जगह कुर्सी पर बैठकर करना होता जिससे आपकी फिजिकल फिटनेस ख़राब होती और आपको फिटनेस के लिए अलग से ध्यान रखना पड़ता है.
  • आप बिना किसी कंपनी से जुड़े फ्रीलांसिंग के जरिये भी काम करके अच्छा पैसा कम सकते हैं.
  • कुछ साल काम करने के बाद आपको चश्मे लग सकते हैं. क्योंकि लगातार कंप्यूटर पर काम करने से आपकी आँखों पर असर होता है.
  • आपको अच्छी खासी सैलेरी मिलती है.
  • कुछ कम्पनियाँ आपको रात में काम करने को बोल सकती हैं या अधिक देर तक काम करा सकती हैं जिससे आपका व्यक्तिगत जीवन बिगड़ सकता है.
  • हर दिन आपको नए-नए चैलेंजेस मिलते हैं जो उन लोगों के लिए अच्छा जो हर दिन एक ही काम नहीं करना चाहते.
  • यदि आप नई चीजें जल्दी से नहीं सीख पाते तो ये आपके लिए समस्या खड़ी कर सकती है.
  • चूँकि सॉफ्टवेयर डेवलपर-Software Developer बनने के बाद आपको विदेश में भी जॉब मिल सकती है जिससे आप दुनिया घूम सकते हैं और जब आप विदेश में काम करते हैं तो आपकी सैलेरी बहुत ही अधिक होती है.पचास लाख से ज्यादा भी हो सकती है.

 

निष्कर्ष:Conclusion

यदि आप सॉफ्टवेयर डेवलपर-Software Developer बनना चाहते हैं और हर दिन नई चीजें सीखने के लिए तैयार हैं तो ये आपके लिए काफी अच्छा करियर ऑप्शन लेकिन वो लोग जो एक ही काम को हमेशा करना चाहते हैं उनके लिए ये फील्ड उतना अच्छा नहीं है क्योंकि आने वाले समय में तकनीक के हिसाब से आपको बदलना पड़ेगा नहीं तो आपको अच्छी नौकरी मिलने की सम्भावना कम हो जायेगी.

सॉफ्टवेर डेवलपर बनने के लिए आप किसी अच्छे इंस्टिट्यूट या ऑनलाइन इंस्टिट्यूट से कोर्स कर सकते हैं.इस फील्ड में आप जितना काम करेंगे आपको उतना ही अनुभव और ज्ञान होगा.

हमने इस लेख में सॉफ्टवेयर डेवलपर कैसे बने,इनके इंस्टिट्यूट,कोर्स,सैलरी और स्कोप पर विस्तृत वर्णन किया है. यदि फिर भी आपका कोई सवाल हो तो आप कमेंट करके हमे जरूर बताएं.  

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