How To Do Web Designing

Web Designing क्या है.किसी भी वेबसाइट को अपडेट करना, प्लान करना ही वेब डिजाइनिंग है। किसी भी वेबसाइट को खोलने पर हमें उसकी सजावट कंटेंट दिखाई देती है ये वेब डिजाइनिंग है। उसे Layout और Language की मदद से बनाया जाता है।

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1 वेब डिजाइनिंग कैसे करते है (How To Do Web Designing)
1.2 फ्रंट एंड वेब डिजाइनिंग(Front End Web Designing)

वेब डिजाइनिंग कैसे करते है (How To Do Web Designing)

पहले हम Hosting  खरीदते है जिसके ऊपर हमारी वेबसाइट बनती है। उसके बाद हम वेबसाइट का डिज़ाइन तैयार करते है। यह एक process है जिसे कम्प्यूटर लैंग्वेज जानने वाले करते है।

प्रकार (Types)

    • फ्रंट एंड 
    • बैक एंड 

पहले डिज़ाइन तैयार होता है उसे फ्रंट एन्ड वेब डिज़ाइन कहते है। फिर इस डिज़ाइन को देखकर कोडिंग की मदद से पूरी वेबसाइट बनाई जायेगी। इस कोडिंग को बैक एंड डिजाइनिंग कहते है। यह online course के जरिये पढा जा सकता है ।

फ्रंट एंड वेब डिजाइनिंग(Front End Web Designing)

यह सामने की डिजाइनिंग है। इसमे यह ध्यान रखा जाता है कि कौन-सी चीज कहाँ रखी जाये। ताकि यूजर को किसी चीज को ढूँढने में परेशानी न हो। इसे यौ समझ सकते है कि सुन्दरता सहजता फ्रंट डिजाइनिंग पेड़ के फूल फल पत्ती जैसे तो बैक एंड डिजाइनिंग पेड़ के जड़ के समान होता है।

बैक एंड वेब डिजाइनिंग (Back End Web Designing)

बैक एंड ज़्यादा कठिन तथा महत्त्वपूर्ण डिजाइनिंग होता है जिसमें professional coding की आवश्यकता होती है।बैक एंड डिजाइनिंग यूजर को दिखाई नहीं देती है। लेकिन वेबसाइट बनाने में इसका सबसे ज़्यादा महत्व है। इसकी मदद से वेबसाइट का ओनर कई चीजों को यूजर द्वारा खोलने पर रोक लगा सकता है।

वेबसाइट डेवलपमेंट और वेब डिजाइनिंग (Website Development & Web Designing)

Web Designing kaise kare.अक्सर लोग वेब डेवलपमेंट को ही वेब देसिगंजबग समझ लेते है जबकि ये अलग – अलग चीज़ें है। हालांकि इनमें कई हद तक logical difference होता है।

वेबसाइट बनाने का डाटाबेस, वेबबेस, सॉफ्टवेयर, डोमेन होस्टिंग मैनेजमेंट आदि वेबसाइट डेवलेपमेंट कहलाते है। ये वेबसाइट डिजाइनिंग के बाद की बड़े पैमाने पर किये गये प्रक्रिया है।

लेकिन डिजाइनिंग महत्त्वपूर्ण है क्योंकि जब डिजाइन अच्छी होती है तो यूजर उसे बार – बार खोलते है जिससे आमदनी ज़्यादा होती है। इसे internet traffic के मदद से popularise किया जाता है।

वेबसाइट डिज़ाइनर बनने के लिए योग्यता(Qualification To Become a Website Designer)

    • कंप्यूटर का पूरा ज्ञान(Complete Knowledge Of Computer) – डिज़ाइनर को पूरा ज्ञान होना चाहिए क्योंकि सारे कार्य कंप्यूटर द्वारा ही किये जाते है।
    • साइंस सब्जेक्ट को प्राथमिकता(Preferred Science Subject) – 12 वी मे केमिस्ट्री और मैथेमैटिक्स होने चाहिये। इसके साथ ही लास्ट इयर में एडवान्स डेवलेपमेंट चूज़ करना होता है। लेकिन इसके बिना भी आप वेबसाइट डिज़ाइनर बन सकते है। आपको हालांकि certification की जरूरत होगी।

वेबसाइट डिजाइनिंग कैसे बनती है(How Website Designing Is Made)

Web Designing क्या है.पहले हम hosting  खरीदते है जिसके ऊपर हमारी वेबसाइट बनती है फिर वेबसाइट का डिज़ाइन फ्रंट एंड डिजाइनिंग और बैक एंड डिजाइनिंग की मदद से बनते है। डिजाइनिंग सुंदर और सहज एवं उपयोगी कंटेंट होने पर ही यूजर उसे बार – बार खोलता है।जिससे अधिक आमदनी होती है।

फ्रंट एंड वेब डिजाइनिंग के लिये कोर्स (Course For Front End Web Designing)

    • फोटोशॉप का बेसिक कोर्स करना होता है। ताकि आप किसी भी वेबसाइट का प्रिंट बना सके।
    • इसके बाद CSS सीखने की कोशिश करें क्योकि हाइपर टेक्स्ट ढांचा बनाती है।
    • हाइपर टेक्स्ट मार्क उप लैंग्वेज भी सीखने की ज़रूरत है। यह एक कम्प्यूटर लैंग्वेज है। जो कि कोडिंग के द्वारा वेब साइट डिज़ाइन करती है।
    • इसके बाद जावा स्क्रिप्ट की प्रोग्रामिंग सीखे जिससे किसी भी एक्शन को कैप्चर ( capture ) किया जा सकता है। किसी भी वेबसाइट पर आइकॉन क्लिक करने पर नए कंटेंट दिखाई पड़ते है। ये काम जावा स्क्रिप्ट होता होता है।

बैक एंड वेब डिजाइनिंग के लिए कोर्स (Course For Back End Web Designing)

इसके लिये सबसे आसान PHP Language है.अगर आप इससे हाई लैंग्वेज इस्तेमाल करना चाहते है तो आप डाटाबेस लैंग्वेज सीख सकते है। बैक एंड वेब डिजाइनिंग के मुख्य रूप से ये दो लैंग्वेज ही है।

इन कोर्स को करने के बाद आप एक अच्छे वेब डिज़ाइनर बन जाते है। और घर पर बैठकर अच्छा पैसा कमा सकते है। आने वाले समय में वेब डिजाइनिंग की मांग बहुत बढ़ने वाली है। क्योकि दुनिया कंप्यूटर में सिमट रही है। इसे Generation gap नहीं ‘affect’ करती है। आप चालीस साल की उम्र  में भी वेब डिजाइन कर सकते है।

वेब डिज़ाइनर के कार्य (Tasks Of Web Designer)

Web Designing क्या है.एक वेब डिज़ाइनर का कार्य सिर्फ वेबसाइट को डिज़ाइन करना ही नहीं होता है बल्कि क्लाएंट की ज़रूरत को समझ कर वेबसाइट को आकर्ष रूप देना होता है। इसे वेबपेज का लेआउट स्ट्रक्चर, आर्किटेक्चर आदि तैयार करना होता है। ये होमपेज से लेकर कंटेंट तक को कुछ इस तरह तैयार करते है कि पाठक बार – बार उस साइट को विजिट करना चाहता है। आपको एक Landing Page भी तैयार करना होगा। Promotion भी आप तैयार कर सकते है अगर आप advertisements में कुशल है।

डिज़ाइनर के लिये ज़रूरी है कि वो अलग – अलग साइट पर विजिट करें और उन वेबसाइटो की डिजाइनिंग पैटर्न को समझ कर कुछ अलग हटकर पेशे करें। वो तकनीक के साथ अपनी क्रिएटिविटी का इस्तेमाल कर बेहतरीन रिजल्ट दे सकता है। आप वेबसाइट पर internet trafficभी जमा कर सकते है।

Static And Dynamic वेबसाइट क्या है

डिज़ाइनर के स्किल्स (Designer Skills)

    • अपने काम के प्रति रुचि होना ज़रूरी
    • रचनात्मकता होना चाहिये।
    • कंप्यूटर की जानकारी के अलावे ट्रेंड को देखकर वेबसाइट डिज़ाइन करना आना चाहिये।
    • डिज़ाइनर को कभी किसी की नकल नही करना चाहिये।
    • उसे डिजाइनिंग की हर तकनीक की भलीभांति जानकारी होनी चाहिये।
    • कम्प्यूटर में Multimedia और Layout में कुशल होना अनिवार्य है।

संभावनाएं (The Possibilities)

    • वेब डिजाइनिंग में जॉब की कई पोस्ट है तथा डिज़ाइनरो की भारी मांग है।
    • हर छोटी बड़ी कंपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करवाने की दौड़ में है। इस कारण डिज़ाइनर की बहुत माँग है।
    • आप अपने देश में ही नहीं विदेशी क्लाएंट के लिये भी डिजाइनिंग कर सकते है। इस जॉब की अंतर्रष्ट्रीय मांग है। Multii National Corporations या start ups में डिजाइनर की काफी मांग है।
    • मल्टी नेशनल कंपनी, डिज़ाइन स्टूडियो मार्केटिंग फर्म, पब्लिशिंग हाउस मीडिया हाऊसेज, वेब प्रोडक्शन कंपनी आदि जगहो पर वेब डिज़ाइनर की भारी माँग है।
    • इसमे फ्रीलांसिंग के भी काफी अवसर है।
    • आइ टी सेक्टर में भी वेब डिज़ाइनर काम कर सकता है।
वेतन (Salary)

वेतन तथा आमदनी वेब डिज़ाइनर के स्किल, अनुभव, कार्यशैली और Behaviour Pattern पर निर्भर करता है। वैसे शुरुआत में बीस पच्चीस हज़ार प्रतिमाह आसानी से कम लेते है। मेहनती तथा अलग हट कर डिज़ाइन करने वाला वेब डिज़ाइनर लाखो भी कम सकता है। बड़ी कंपनी मुँहमाँगी राशि देती है। आप हजारों से लाखों तक कमा सकते है।

वेब डिज़ाइन के जॉब (Web Design Jobs)
    1. एप्पलीकेशन डेवलेपर
    2. गेम्स डेवलेपर
    3. मल्टी मीडिया प्रोग्रामर
    4. मल्टीमीडिया स्पेशलिस्ट
    5. SEO स्पेशलिस्ट
    6. UX एनलायस्ट
    7. UX डिज़ाइनर
    8. वेब कंटेंट मैनेजर
    9. वेब डिज़ाइनर
    10. वेब डेवलेपर
वेब डिज़ाइन कैसे करते है (How To Do Web Design)

Web Designing क्या है.ये एक प्रोसेस है वेबसाइट क्रिएट करने का । इसमे वेबपेज, लेआउट, कंटेंट प्रोडूक्शनऔर ग्राफ़िक डिज़ाइन है। वेब डिज़ाइन एक सबसेट है इसका व्यापक केटेगरी वेब डेवेलेपमेंट है।

मार्कअप लैंग्वेज से वेबसाइट को क्रिएट करते है। इसे HTML कहते है। वही वेबदेसिग्न वेबपेज को बनाते है। HTML Tags  द्वारा ये किये जाते है तथा ये Tags  प्रत्येक पेज का कंटेंट और डेटा को डिफाइन करता है। वेबपेज के लेआउट और Appearance सभी को  typically define किया जाता है। CSS यानि cascading style sheets ज़्यादातर वेबसाइट HTML और CSS के कॉम्बिनेशन से बनाये जाते है।

कुछ वेब डिज़ाइनर pages  को hand code  करना पसंद करते है। तो कुछ “WYSIWYG” editor  जैसे कि Adobe Dream Weaver का प्रयोग करते है। इस तरह का editor एक विजुअल इंटरफ़ेस प्रदान करता है, वेबसाइट लेआउट डिज़ाइन करने में और इसे सॉफ्टवेयर ऑटोमैटिकली जेनरेट करता है corresponding HTML और CSS Code

दूसरा popular तरीका content management system है जैसे word press या Joomia ये service विभिन्न वेबसाइट टेम्पलेट्स प्रदान करती है । प्रोफ़ेशनल ब्लॉगर इस तरीके का प्रयोग अपने ब्लॉग के लिये करते है।

वेब डिजाइनिंग कोर्स करवाने वाले लोकप्रिय संस्थान (Popular Institutes Offering Web Designing Courses)
    1. इंदिरा गाँधी ओपेन यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली
    2. जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली
    3. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिज़ाइन, अहमदाबाद
    4. दिल्ली स्वरोजगार समिति, नई दिल्ली
    5. अन्ना यूनिवर्सिटी, चेन्नई
    6. माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल

कोर्स को ऑनलाइन भी सीख सकते है। इन courses को अलग अलग Level होते है। जैसे कि Beginner, Expert आदि।

इसके कारण course के duration पर फर्क पड़ता है। स्टूडेंट HTML, Adobe Photoshop, CSS 2  Web Hosting, SEO सीखते है।

वेब डिजाइनिंग कोर्स के फायदे (Benefits Of Web Designing Course)
    • आप मार्केटिंग करने में पैसे बचा सकते है। आपको वेब डिज़ाइनर हायर नही करना पड़ेगा। खुद डिज़ाइन कर सकते हो।
    • एक मार्केबल स्किल सीख सकते है। आप professional exploration भी कर सकते है।
    • अपने क्रिएटिव साइड को एन्जॉय कर सकते है।
कोर्स फीस.(Course Fee)

वेब डिजाइनिंग दो तरह की होती है और दोनो की फीस अलग – अलग है। बैक एंड वेब डिजाइनिंग की कोर्स फीस ज़्यादा है। क्योकि इसमे ज़्यादा प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखना पड़ता है।

फ्रंट एंड वेब डिजाइनिंग आप घर पर भी सीख सकते हो।

साधारणत! बैक एंड वेब डिजाइनिंग की फीस CC ++ PHP course ( 6  महीने का ) = 8000 रुपये है। रजाति प्राप्त संस्थान मे ये फीस अधिक भी हो सकता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

Web Designing क्या है.वेब डिजाइनिंग एक लोकप्रिय जॉब ओरिएन्टेड कोर्स है। इसके दोनो ही प्रकार के कोर्स एवं डिज़ाइनर की पूरी दुनिया में बहुत माँग है। आप अपने स्किल को तराश कर अपनी लोकप्रियता और माँग बढ़ा कर लाखो कमा सकते हो। शर्त ये है कि आप अपने अन्दर की क्रिएटिविटी को इसमे लगाकर और अलग कुछ नया दिजिये। Innovation भी इसमें अनिवार्य है।

आजकल कोरोना महामारी से ग्रस्त दुनिया वर्क फ्रॉम होम मिशन पर जोर दे रही है।और घर पर बैठ कर करने के लिये ये सबसे अच्छा और फायदे का जॉब है। आप अपने Job options को मन मुताबिक explore कर सकते है। यह आपके Career के रास्ते में रोमांचक होगा।

 

 

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