Data टाइप या डाटा स्ट्रक्चर-Data Type In Hindi

Data टाइप क्या हैं.आपने कंप्युटर में कई तरह के डाटा टाइप का नाम सुना होगा और कुछ लोग उसके बारे में विस्तार से भी जानते होंगे।कंप्युटर में डाटा ही उसके निर्माण और विकास का आधार है।

इसलिए डाटा टाइप का महत्त्व है और सभी प्रोग्रामर इसके बारे में बहुत अच्छी जानकारी रखते हैं। हालांकि आम व्यक्ति को डाटा टाइप के बारे में कम जानकारी होती है इसलिए हमने ये आर्टिकल आपके लिए हिन्दी में लिखा है।

ताकि आप डाटा के प्रकार की जानकारी हिन्दी में पढ़कर समझ सकें और अपने ज्ञान को बढ़ा सकें।

डाटा टाइप 

डाटा प्रकार किसी भी डाटा का गुण या विशेषता है जो इस बात को निर्धारित करता है की उसमें आने वाले एलीमेंट कौन-कौन से हो सकते हैं तथा उन एलीमेंट्स पर आप कौन-कौन से ऑपरेशन लगा सकते हैं।

जैसे की अगर हम इन्टिजर डाटा टाइप की बात करें तो इसके अंदर आने वाले एलीमेंट्स सिर्फ इन्टिजर ही हो सकते हैं और इनके ऊपर लगाए जा सकने वाले ऑपरेशन भी निश्चित और सीमित हैं जो की आप प्रोग्रामिंग सीखने के दौरान सीखते हैं।

डाटा प्रकार में इन्टिजर,फ्लोटिंग पॉइंट,कैरिक्टर,बूलियन्स आदि शामिल हैं।आज के समय में वैसे तो बहुत सारे डाटा प्रकार उपलब्ध हैं लेकिन हम सिर्फ कुछ के बारे में जानेंगे ताकि आपको डाटा प्रकार का आइडीया हो सके।

जिस तरह आप अपने घर में अलग-अलग चीजों को उनके प्रकार के अनुसार अपने घर में उसे एक निश्चित स्थान दे देते हैं उसी तरह कंप्युटर में डाटा को रखने के लिए उसके प्रकार के अनुसार उसका स्थान निश्चित होता है।

प्रकार- Types Of Data

Data टाइप क्या हैं.कंप्युटर में डाटा को स्टोर करने के लिए उसका डाटा टाइप निश्चित होता है और सभी तरह के डाटा टाइप की अपनी एक जगह होती है जहां वो जाकर स्टोर होता है।

कंप्युटर में आप कोई भी टेक्स्ट लिखते हैं तो उसमें सिम्बल,कैरिक्टर और बहुत सारी अन्य चीजें होती है,ये सभी डाटा टाइप के आधार पर बटीं होती हैं। आगे हम कुछ कुछ डाटा टाइप का उदाहरण ले रहे हैं और उनके बारे में थोड़ी सी विस्तृत चर्चा भी करेंगे।

Primitive Data 

Data टाइप क्या हैं.प्रिमिटिव डाटा टाइप वो डाटा टाइप होते है जो एकदम साधारण होते हैं और किसी भी प्रोग्रामिंग भाषा को लागू करने के समय उनके आधार बनने का काम करते हैं।ये डाटा टाइप प्रोग्रामिंग भाषा के लिए आधारभूत हैं।

इन्हीं की मदद से अन्य डाटा टाइप को विकसित किया जाता है जिसे non-primitive data type बोलते हैं।आगे कुछ प्रिमिटिव डाटा टाइप के बारे में दिया गया है जिसे आप चाहे तो पढ़ सकते हैं।

1. Machine Data Type

जैसा की आप सब जानते हैं कंप्युटर में डाटा बाइनरी भाषा में स्टोर होता है।बाइनरी भाषा 0 और 1 के एकांतर से मिलकर बनी होती है। कंप्युटर में डाटा की सबसे छोटी इकाई बिट के नाम से जानी जाती है।

लेकिन सबसे छोटी इकाई जिसकी पहचान की जा सकती है वो 1 बाइट होती है। 1 बाइट में 8 बिट होते हैं।

2. Boolean Data Type

बूलियन डाटा टाइप का इस्तेमाल डाटा के सही और गलत को दर्शाने के लिए किया जाता है।इसे दर्शाने के लिए FALSE और TRUE का इस्तेमाल किया जाता है।

FALSE के लिए 0 और TRUE के लिए 1 का इस्तेमाल किया जाता है जिसे बूलियन भी कहा जाता है इसलिए इस डाटा का नाम बूलियन डाटा टाइप है।


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3. Enumeration Data Type

इनूमरैशन डाटा टाइप अनियमित डाटा को दर्शाने के लिए किया जाता है। इन डाटा टाइप के अलग-अलग मान हो सकते हैं और इनमें तुलना भी की जा सकती है।

जैसे की यदि किसी ट्रक में फर्निचर और स्टैशनेरी का सामान भर दिया जाए तो उसमे फर्निचर के सारे सामान को एक समूह का नाम दिया जा सकता है फर्निचर।

4. Integer Data Type

इन्टिजर डाटा टाइप नूमेरिक डाटा टाइप का एक हिस्सा है। इसके अंतर्गत वो सभी इन्टिजर आते हैं जो आप गणित में पढ़ते हैं।

जैसा की आप जानते हैं इन्टिजर में नकारात्मक मान भी होते हैं तो ये जरूरी नहीं की सभी इन्टिजर डाटा टाइप में नकारात्मक मान हों ये हो भी सकते हैं और नहीं भी। इनका होना या नहीं होना पहले से ही डिफाइन कर दिया जाता है।

5. Character

आपने कंप्युटर में बहुत सारे अक्षर या चिन्ह देखे होंगे जिन्हे किसी खास मकसद या कुछ दर्शाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है इन्हीं को कैरिक्टर डाटा टाइप कहते हैं। जैसे की अंग्रेजी के ऐल्फबेट के नाम ,भाषा में इस्तेमाल होने वाले विराम चिन्ह आदि।

6. Floating Point

फ्लोटिंग पॉइंट का इस्तेमाल वास्तविक संख्या को दर्शाने के लिए किया जाता है। जैसा की आपने गणित में पढ़ा होगा की 6.345 को 6345×10-3 लिखा जा सकता है।और इसी चीज को 63.45×10-2 भी लिखा जा सकता है और इन सबकी वैल्यू बराबर है।

जैसा की आप ऊपर देख पा रहे हैं दसमलव का चिन्ह अपनी जगह से इधर-उधर हो रहा है लेकिन अपने मान को नहीं बदल रहा है।यानि की 10 के घात का इस्तेमाल करके इसका जगह बदला जा सकता है,इसी को फ्लोटिंग कहा जाता है और पॉइंट तो इसमे है ही।

7. Pointer

ये एक ऐसा डाटा टाइप है जो कंप्युटर में उपलब्ध दूसरे डाटा के स्थान को दर्शाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।ये एक तरह का प्रिमिटिव डाटा टाइप है। ये डाटा टाइप भी इन्टिजर की तरह ही कंप्युटर में सुरक्षित होते हैं।

Composite Data Type

Data टाइप क्या हैं.कॉम्पोसीट डाटा टाइप एक से अधिक प्रिमिटिव डाटा टाइप के मिलने से बना हुआ एक तरह का डाटा टाइप है। इन्हें जिस तरीके से मिलाकर डाटा टाइप बनाया जाता है उसे डाटा स्ट्रक्चर बोलते हैं।

जब दो डाटा टाइप को एक साथ मिलाया जाता है तो एक तीसरे डाटा टाइप का निर्माण होता है और इसी को कॉम्पोसीट डाटा टाइप कहा जाता है। कॉम्पोसीट डाटा टाइप में इस्तेमाल होने वाले कुछ मुख्य पद नीचे दिए गए हैं-

Array- इसे वेक्टर या लिस्ट भी कहा जाता है। इसमें बहुत सारे तत्व होते हैं और आप किसी भी तत्व तक क्रमरहित प्रवेश कर सकते हैं। इसमें जो भी तत्व होते हैं वो सभी एक प्रकार के होने चाहिए जिसे homogeneous नाम दिया जाता है।

Record- ये बेहद ही साधारण डाटा स्ट्रक्चर हैं और इनके अंतर्गत जो डाटा होते है वो किसी दूसरे डाटा को दर्शाते हैं।इसके जो भी तत्व होते हैं उन्हें फील्ड या मेम्बर के नाम से जाना जाता है।

Union- जैसा की आपने गणित में पढ़ा होगा यूनियन में किसी दो सेट के कॉमन मान को लिया जाता है वैसे ही इसमें दो डाटा टाइप के उन मान को लिया जाता है जिन्हे लेने की अनुमति हो।

Set- सेट एक तरह का ऐब्स्ट्रैक्ट डाटा स्ट्रक्चर होता है जिसके अंदर कुछ निश्चित मान होते हैं। इसके अंदर रखे गए तत्व का कोई निश्चित क्रम नहीं होता है लेकिन एक तत्व सिर्फ एक बार ही आ सकता है।

Abstract Data Type

ऐब्स्ट्रैक्ट डाटा टाइप एक तरह का यूजर डिफाइन्ड डाटा टाइप है इसमें यूजर ये निश्चित करता है की उसमे कौन से डाटा के वैल्यू या सकते हैं।

इसके साथ ही उन वैल्यू पर कौन से ऑपरेशन लगाए जा सकते हैं उसे भी फंगक्शन के जरिए डिफाइन करता है लेकिन उस फंगक्शन के अंदर क्या है ये छिपा होता है।

ऐब्स्ट्रैक्ट डाटा टाइप का सबसे बड़ा फायदा ये होता है की इसमें क्लाइंट प्रोग्राम को ये पता नहीं चलता है की वो प्रोग्राम काम कैसे कर रहा है।

जैसे की मान लीजिए यदि आप किसी तरह के ऐब्स्ट्रैक्ट डाटा टाइप के फंगक्शन को इस्तेमाल करते हैं तो वो आपको सीधे आउट्पुट दिखा देगा लेकिन उसे होने का तरीका क्या था ये आपको पता नहीं चलेगा और आपको उसकी जरूरत भी नहीं है।


Linear Data Type

Data टाइप क्या हैं.लिनीअर डाटा टाइप में डाटा के एलीमेंट को एक क्रमागत लाइन में व्यवस्थित किया जाता है हालांकि ये किसी निश्चित क्रम में नहीं होता है। इसमें पहले और अंतिम एलीमेंट को छोड़कर हर एलीमेंट के पहले और बाद में एक एलीमेंट होता है।

इसके सभी एलीमेंट एक ही स्तर में होते हैं ऐसा नहीं है की कोई ऊपर हो और कोई नीचे। यदि आपको इसके सभी एलीमेंट तक पहुंचना है तो आप एक ही बार में पहुँच सकते हैं क्योंकि ये एक लाइन में व्यवस्थित होते हैं।

इसका इस्तेमाल सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में किया जाता है।

इसके प्रकार

Array – इसमें एक ही तरह के एलीमेंट होते हैं जिसे कंप्युटर की भाषा में homogeneous बोलते हैं।

Link list – इसमें पॉइन्टर होता है जिसके बारे में ऊपर हमने चर्चा की है।

Stack- जैसा की आप जानते हैं ये एक लिनीअर डाटा टाइप है इसमें LIFO का कन्सेप्ट इस्तेमाल होता है जिसका मतलब है last in first out.

यानि की यदि इसमें आपको कोई एलीमेंट इन्सर्ट करना है तो वो अंतिम में जाकर इन्सर्ट होगा और यदि उसमें से कोई एलीमेंट हटाना है तो वो पहले स्थान से हटेगा।

Queue- इसमें स्टैक का ठीक उलट होता है।इसमें FIFO का नियम इस्तेमाल होता है , इसका पूरा नाम है first in first out. इसका मतलब ये है की इसमें एलीमेंट पहले स्थान पर जाएगा और यदि उसमें से बाहर निकालना है तो भी पहले स्थान से ही जाएगा।

Non Linear Data Type

इसमें डाटा के एलीमेंट किसी लाइन के क्रम में व्यवस्थित नहीं होते हैं। इसमें केवल कुछ एलीमेंट के पहले और बाद दोनों में कोई एलीमेंट होता है।इसके सभी एलीमेंट का लेवल बराबर नहीं होता है केवल कुछ एलीमेंट का स्तर आपस में बराबर हो सकता है।

जैसा की आप जानते हैं इसके सभी एलीमेंट एक ही लाइन में नहीं होते हैं इसलिए यदि आपको इसके सभी एलीमेंट तक पहुंचना है तो आपको कई बार कोशिश करनी पड़ेगी।इसका इस्तेमाल आर्टफिशल इन्टेलिजन्स और डिजिटल इमेज प्रोसेसिंग में किया जाता है।

Graph- ये एक तरह का non-linear data type है ।यदि डाटा के एलीमेंट इस तरह से रखे गए हों उन सबके बीच एक गोला बने तो उसे ग्राफ कहा जाता है।

Tree- यदि डाटा के एलीमेंट इस प्रकार से रखे गए हों की उनके बीच कोई गोला ना बने तो उसे tree कहते हैं। ये ठीक पेड़ के शाखाओं की तरह होता है जिसका जड़ एक होता है और आगे की तरफ फैलते जाता है।

निष्कर्ष:Conclusion

Data टाइप क्या हैं.डाटा टाइप और डाटा स्ट्रक्चर काफी मिलते जुलते शब्द हैं लेकिन इनमें थोड़ा सा अंतर है।अंतर ये है की जिस तरह का डाटा टाइप होता है उसे मेमोरी में स्टोर करने के लिए उसी तरह का डाटा स्ट्रक्चर बनाना पड़ता है।

इसलिए डाटा स्ट्रक्चर की जगह डाटा टाइप नाम का इस्तेमाल भी होता है और इसका उलट भी होता है।

अलग-अलग तरह के डाटा अपने-अपने गुण के अनुसार कंप्युटर में अपनी एक खास जगह लेकर वहाँ स्टोर हो जाते हैं।इसमें कुछ डाटा टाइप बेसिक होते हैं और कुछ को उन्हीं बेसिक डाटा टाइप से विकसित किया जाता है।

हमने डाटा टाइप को आसान भाषा में लिखने की कोशिश की है ताकि सामान्य व्यक्ति भी समझ सके और इसके बारे जानकारी ले सके।

यदि ये लेख पूरा पढ़ने के बाद भी आपका कोई सवाल हो तो आप उसे नीचे कमेन्ट बॉक्स में लिखकर हमसे पूछ सकते हैं।

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